फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   खनन का विरोध करना ग्रामीणों को महंगा पड़ा

खनन का विरोध करना ग्रामीणों को महंगा पड़ा

Sun, 20 May 2018 11:16 PM IST
Updated Sun, 20 May 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
खनन का विरोध करना ग्रामीणों को महंगा पड़ा
खनन का विरोध करना ग्रामीणों को महंगा पड़ा
विज्ञापन



सीतापुर। रेउसा थाना क्षेत्र के ग्राम धनावां के पास चौका नदी में बड़े पैमाने पर हो रहे बालू के खनन का विरोध करना ग्रामीणों को महंगा पड़ गया। मामले में बालू खनन के मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने धनावा गांव के छह लोगों पर केस दर्ज किया है।


मालूम हो कि, थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत धनावा में उतर प्रदेश शासन ने ई-टेंडरिंग से मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के रहने वाले कैलाश सैनी के नाम ग्राम पंचायत धनावां में चौका नदी से पांच वर्ष के लिए बालू निकालने के लिए पट्टा हुआ है।
विज्ञापन



पट्टा आवंटन के बाद से यहां बराबर बालू खनन हो रहा था। बीते 17 मई को गांव के एक परिवार के यहां मेहमानी आए युवक की खनन से हुए गड्ढे में डूबकर कर मौत हो गई थी। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने घटनास्थल पर पहुंचकर अफसर-माननीयों से खनन बंद करने की मांग करने के साथ ही हंगामा किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन



सुनवाई नहीं होने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने खनन स्थल पर बने कर्मचारियों के आवासों में तोड़फोड़ कर दी थी। इस प्रकरण में लखनऊ निवासी खनन मैनेजर अनुज शुक्ल की शिकायत पर रेउसा पुलिस ने धनावां गांव के छह पुरुष व महिलाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed