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नहर किनारे गते में मिला नवजात
Updated Mon, 04 Dec 2017 12:34 AM IST
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बड्डूपुर (बाराबंकी)। शंकरपुर गांव के निकट शारदा सहायक नहर के पास एक नवजात गत्ते में गंदे कपड़ों में लिपटा पड़ा मिला। बच्चा पड़े होने की सूचना मिलने पर मौके पर लोगों का मजमा लग गया। एक महिला ने नवजात को अपनाने की मांग की तो लोगों व पुलिस ने बच्चे को उसी महिला के सुपुर्द कर दिया।
बड्डूपुर थाना क्षेत्र के ग्राम शंकरपुर निवासी रागिनी पत्नी भूपेंद्र श्रीवास्तव रविवार को सुबह करीब 6 बजे गांव के बाहर शौच के लिए गई थी। रास्ते में उसे शारदा सहायक नहर के किनारे एक बच्चे की रोने की आवाज सुनाई दी। महिला आसपास देखने लगी तो उसे सिर्फ आवाज के अलावा कुछ दिखाई नहीं दिया। तभी उसकी नजर एक गत्ते पर पड़ी। महिला ने गत्ता खोलकर देखा तो गंदे कपड़े में लिपटा नवजात रो रहा था। उसे उठाकर वह अपने घर ले आई और इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस से महिला ने उसे पालने की मांग की। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि रागिनी के कोई औलाद नहीं है। उसे बच्चा परवरिश के लिए दे दिया जाए। भगौली चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि ग्रामीणों की सहमति पर रागिनी को बच्चा सौंप दिया। रागिनी भी बच्चे को पाकर काफी खुश थी। वहीं, गांव वाले उस कलयुगी मां को कोस रहे थे, जिसने बच्चे को जन्म देकर नहर किनारे मरने के लिए छोड़ दिया था।
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बड्डूपुर थाना क्षेत्र के ग्राम शंकरपुर निवासी रागिनी पत्नी भूपेंद्र श्रीवास्तव रविवार को सुबह करीब 6 बजे गांव के बाहर शौच के लिए गई थी। रास्ते में उसे शारदा सहायक नहर के किनारे एक बच्चे की रोने की आवाज सुनाई दी। महिला आसपास देखने लगी तो उसे सिर्फ आवाज के अलावा कुछ दिखाई नहीं दिया। तभी उसकी नजर एक गत्ते पर पड़ी। महिला ने गत्ता खोलकर देखा तो गंदे कपड़े में लिपटा नवजात रो रहा था। उसे उठाकर वह अपने घर ले आई और इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस से महिला ने उसे पालने की मांग की। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि रागिनी के कोई औलाद नहीं है। उसे बच्चा परवरिश के लिए दे दिया जाए। भगौली चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि ग्रामीणों की सहमति पर रागिनी को बच्चा सौंप दिया। रागिनी भी बच्चे को पाकर काफी खुश थी। वहीं, गांव वाले उस कलयुगी मां को कोस रहे थे, जिसने बच्चे को जन्म देकर नहर किनारे मरने के लिए छोड़ दिया था।
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