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टीबी की तरह घर-घर खोजे जाएंगे कुष्ठ मरीज
Updated Mon, 25 Jun 2018 11:00 PM IST
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गोंडा। अभी जिस तरह से स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर एक्टिव फाइंडिंग कार्यक्रम के तहत घर-घर टीबी के मरीजों की खोजबीन कर रही हैं। ठीक वैसे ही जुलाई में स्वास्थ्य विभाग कुष्ठ मरीजों की भी खोजबीन करेगा। जिसके लिए जुलाई में 14 दिवसीय कुष्ठ रोगी खोजो अभियान चलाया जाएगा। इसमें दो-दो स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की टीम गांव-गांव जाकर ऐसे मरीजों को खोजेगी, जो कुष्ठ बीमारी का इलाज तो कराना चाहते हैं, लेकिन सामाजिक कुछ अड़चनें उनके काम में रुकावट बन जाती हैं। ऐसे मरीजों को घर-घर से खोजकर उनके इलाज की पूरी व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग ने तय कर रखी है, जिसकी शुरूआत 16 जुलाई से होगी और अभियान 29 जुलाई तक अनवरत चलता रहेगा।
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. गयासुल हसन का कहना है कि 14 दिनों तक चलने वाले इस अभियान का मकसद हाइपर इंडेमिक ब्लॉक की जनसंख्या की पूरी जांच कर कुष्ठ से पीड़ित प्रत्येक व्यक्ति को उपचार की सुविधा मुहैया कराना है, ताकि कुष्ठ रोग के संक्रमण पर पूरी तरह से नियंत्रण पाया जा सके। उनके मुताबिक वित्तीय वर्ष 2017-18 की समाप्ति तक उनके यहां कुष्ठ के कुल 210 नए रोगी थे। जबकि बीते वित्तीय वर्ष में ही 249 कुष्ठ के मरीजों को उन्होंने कुष्ठ रोग से पूरी तरह मुक्त किया था। वहीं मार्च से 143 मरीजों का ट्रीटमेंट लगातार चल रहा है। इधर अप्रैल और मई में कुष्ठ के 40 नए मरीज उनके पास आए हैं। जिनका इलाज वह कर रहे हैं। जुलाई में जो 14 दिनों तक अभियान वह चलाने जा रहे हैं, उसमें घर-घर से कुष्ठ के मरीजों को खोजकर उनका उपचार किया जाएगा।
एक्टिव फाइंडिंग कार्यक्रम के तहत अभी फिलहाल तो टीबी के मरीजों की पूरे जिले में खोजबीन हो रही है। जुलाई में 14 दिनों तक घर-घर से खोजकर कुष्ठ मरीजों के उपचार का कार्यक्रम चालू होगा। जिसके लिए जिले की सभी 16 सीएचसी के अधीक्षकों को अपने-अपने इलाके की स्ट्रेटजी तैयार करने को कहा गया है।
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-डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ, गोंडा
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जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. गयासुल हसन का कहना है कि 14 दिनों तक चलने वाले इस अभियान का मकसद हाइपर इंडेमिक ब्लॉक की जनसंख्या की पूरी जांच कर कुष्ठ से पीड़ित प्रत्येक व्यक्ति को उपचार की सुविधा मुहैया कराना है, ताकि कुष्ठ रोग के संक्रमण पर पूरी तरह से नियंत्रण पाया जा सके। उनके मुताबिक वित्तीय वर्ष 2017-18 की समाप्ति तक उनके यहां कुष्ठ के कुल 210 नए रोगी थे। जबकि बीते वित्तीय वर्ष में ही 249 कुष्ठ के मरीजों को उन्होंने कुष्ठ रोग से पूरी तरह मुक्त किया था। वहीं मार्च से 143 मरीजों का ट्रीटमेंट लगातार चल रहा है। इधर अप्रैल और मई में कुष्ठ के 40 नए मरीज उनके पास आए हैं। जिनका इलाज वह कर रहे हैं। जुलाई में जो 14 दिनों तक अभियान वह चलाने जा रहे हैं, उसमें घर-घर से कुष्ठ के मरीजों को खोजकर उनका उपचार किया जाएगा।
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एक्टिव फाइंडिंग कार्यक्रम के तहत अभी फिलहाल तो टीबी के मरीजों की पूरे जिले में खोजबीन हो रही है। जुलाई में 14 दिनों तक घर-घर से खोजकर कुष्ठ मरीजों के उपचार का कार्यक्रम चालू होगा। जिसके लिए जिले की सभी 16 सीएचसी के अधीक्षकों को अपने-अपने इलाके की स्ट्रेटजी तैयार करने को कहा गया है।
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-डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ, गोंडा