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35 करोड़ से बनेगी इमामगंज-महसी टू-लेन सड़क
Updated Thu, 26 Apr 2018 10:04 PM IST
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35 करोड़ से बनेगी इमामगंज-महसी टू लेन सड़क
बहराइच/खैरीघाट। महसी-इमामगंज जर्जर मार्ग के दिन बहुरने वाले हैं। 35 करोड़ रुपये लागत से 25 किलोमीटर बदहाल सड़क का टू लेन निर्माण होगा। इससे क्षेत्र के 90 गांवों की छह लाख आबादी के आवागमन की व्यवस्था सुलभ हो सकेगी।
इसके लिए शासन ने मंजूरी दे दी है। बजट भी पास हो गया है। मई से निर्माण की कवायद शुरू होने की उम्मीद है। मार्ग के निर्माण से लोगों की सीतापुर, लखीमपुर के साथ ही कतर्नियाघाट सेंक्चुरी की यात्रा सुगम होगी।
महसी व नानपारा तहसील की सीमा से गुजरने वाली सड़कों की स्थिति काफी बदहाल है। दो तहसील क्षेत्रों के चलते प्रशासनिक अमला भी ध्यान नहीं देता। आलम ये है कि महसी-इमामंगज मार्ग छह दशक से खस्ताहाल है। जबकि इस मार्ग पर प्रतिदिन लगभग 58 हजार वाहनों का आवागमन होता है।
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90 गांवों की जनता को मार्ग से सीधा लाभ मिल सकता है। इन गांवों की आबादी लगभग छह लाख है। मगर बदहाल सड़क से हर कोई परेशान है। गड्ढे में सड़क या सड़क में गड्ढा, ये जानना मुश्किल हो जाता है। इसके चलते क्षेत्र के लोगों का आवागमन काफी दुरूह हो जाता है।
इस मामले में क्षेत्रवासियों ने कई बार आवाज उठाई। बहराइच सांसद सावित्रीबाई फुले ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 25 किलोमीटर लंबे महसी-इमामगंज मार्ग को दुरुस्त कराने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा था। इस प्रस्ताव को शासन ने हरी झंडी दे दी है।
‘अमर उजाला’ से बातचीत में सांसद सावित्री ने बताया कि, 25 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण पर 35 करोड़ रुपये बजट खर्च होगा। टू लेन मार्ग निर्मित होगा। इससे आवागमन काफी सुगम हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि, प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिल गई है। बजट भी शीघ्र ही पीडब्ल्यूडी को मिल जाएगा। प्रयास है कि मई माह के दूसरे पखवारे से मार्ग के निर्माण की कवायद शुरू हो जाए। जिससे बरसात शुरू होने तक क्षेत्र के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मुहैया हो सके।
महसी-इमामगंज मार्ग को अगर कॉमन मार्ग माना जाए तो गलत नहीं होगा। महसी के भगवानपुर रमपुरवा से गुजरने वाले सीतापुर हाईवे से लोगों को बहराइच होकर अगर कतर्नियाघाट और लखीमपुर जाना हो तो लखीमपुर की दूरी लगभग 155 और कतर्नियाघाट की दूरी लगभग 140 किलोमीटर पड़ती है। मगर महसी-इमामगंज मार्ग से लखीमपुर की दूरी 105 व कतर्नियाघाट की दूरी 90 किलोमीटर रह जाएगी।
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बहराइच/खैरीघाट। महसी-इमामगंज जर्जर मार्ग के दिन बहुरने वाले हैं। 35 करोड़ रुपये लागत से 25 किलोमीटर बदहाल सड़क का टू लेन निर्माण होगा। इससे क्षेत्र के 90 गांवों की छह लाख आबादी के आवागमन की व्यवस्था सुलभ हो सकेगी।
इसके लिए शासन ने मंजूरी दे दी है। बजट भी पास हो गया है। मई से निर्माण की कवायद शुरू होने की उम्मीद है। मार्ग के निर्माण से लोगों की सीतापुर, लखीमपुर के साथ ही कतर्नियाघाट सेंक्चुरी की यात्रा सुगम होगी।
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महसी व नानपारा तहसील की सीमा से गुजरने वाली सड़कों की स्थिति काफी बदहाल है। दो तहसील क्षेत्रों के चलते प्रशासनिक अमला भी ध्यान नहीं देता। आलम ये है कि महसी-इमामंगज मार्ग छह दशक से खस्ताहाल है। जबकि इस मार्ग पर प्रतिदिन लगभग 58 हजार वाहनों का आवागमन होता है।
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90 गांवों की जनता को मार्ग से सीधा लाभ मिल सकता है। इन गांवों की आबादी लगभग छह लाख है। मगर बदहाल सड़क से हर कोई परेशान है। गड्ढे में सड़क या सड़क में गड्ढा, ये जानना मुश्किल हो जाता है। इसके चलते क्षेत्र के लोगों का आवागमन काफी दुरूह हो जाता है।
इस मामले में क्षेत्रवासियों ने कई बार आवाज उठाई। बहराइच सांसद सावित्रीबाई फुले ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 25 किलोमीटर लंबे महसी-इमामगंज मार्ग को दुरुस्त कराने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा था। इस प्रस्ताव को शासन ने हरी झंडी दे दी है।
‘अमर उजाला’ से बातचीत में सांसद सावित्री ने बताया कि, 25 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण पर 35 करोड़ रुपये बजट खर्च होगा। टू लेन मार्ग निर्मित होगा। इससे आवागमन काफी सुगम हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि, प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिल गई है। बजट भी शीघ्र ही पीडब्ल्यूडी को मिल जाएगा। प्रयास है कि मई माह के दूसरे पखवारे से मार्ग के निर्माण की कवायद शुरू हो जाए। जिससे बरसात शुरू होने तक क्षेत्र के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मुहैया हो सके।
महसी-इमामगंज मार्ग को अगर कॉमन मार्ग माना जाए तो गलत नहीं होगा। महसी के भगवानपुर रमपुरवा से गुजरने वाले सीतापुर हाईवे से लोगों को बहराइच होकर अगर कतर्नियाघाट और लखीमपुर जाना हो तो लखीमपुर की दूरी लगभग 155 और कतर्नियाघाट की दूरी लगभग 140 किलोमीटर पड़ती है। मगर महसी-इमामगंज मार्ग से लखीमपुर की दूरी 105 व कतर्नियाघाट की दूरी 90 किलोमीटर रह जाएगी।