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फर्जी सिपाही बना था एसडीएम का कोर्ट मोहर्रिर, गिरफ्तार
Updated Sat, 03 Feb 2018 11:00 PM IST
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रुदौली (फैजाबाद)। एसडीएम रुदौली के फर्जी कोर्ट मोहर्रिर को कोतवाली रुदौली पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की वर्दी पहने फर्जी कोर्ट मोहर्रिर की गिरफ्तारी से कस्बे में हलचल बढ़ गई। वर्दी सीज करने के साथ ही कोतवाल रुदौली की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस कस्टडी में आने के बाद फर्जी हेड मोहर्रिर ने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया।
बीते अक्टूबर से एसडीएम रुदौली के यहां बतौर कोर्ट मोहर्रिर काम कर रहा अजय चतुर्वेदी 20 दिन पहले एकाएक लापता हो गया। कई दिनों तक वापस न आने पर अधिवक्ताओं में इसकी चर्चा शुरू हो गई। कोर्ट मोहर्रिर के लापता होने पर दो दिनों से तहसील प्रशासन ने जानकारी जुटानी शुरू की। पुलिस से ली गई जानकारी में तहसील में कोर्ट मोहर्रिर की तैनाती का कोई आदेश न होने और पुलिस में अजय चतुर्वेदी नाम का सिपाही न होने की बात सामने आई। शुक्रवार को पूरे दिन एसडीएम पुलिस टीम के साथ कार्रवाई की रणनीति बनाते रहे। शनिवार को तहसील के बरामदे से कोतवाल जयवीर सिंह ने पुलिस की वर्दी में कथित कोर्ट मोहर्रिर को गिरफ्तार कर लिया। पकड़ा गया युवक संतकबीर नगर जिले के खलीलाबाद थाना क्षेत्र के लौहरवादेव गांव का निवासी है।
तीन माह पूर्व नगर निकाय चुनाव के दौरान तत्कालीन उप जिलाधिकारी गिरजेश कुमार चौधरी के साथ अजय कुमार चतुर्वेदी नामक युवक कोर्ट पर मुहर्रिर के रूप में पुलिस की वर्दी पहनकर जिले से लेकर शांति व्यवस्था की बैठक में शामिल होता रहता था। निकाय चुनाव की मतगणना में वायरलेस संभालते हुए एसडीएम के साथ परछाई की तरह रहता था। एसडीएम गिरजेश कुमार चौधरी के तबादले के बाद 12 दिसंबर को पंकज सिंह ने रुदौली एसडीएम की कुर्सी संभाली। उनके साथ भी वह हेड मोहर्रिर के रूप में ड्यूटी करता रहा। एसडीएम के मुताबिक 15 दिन पहले नियुक्ति आदेश मांगने पर दूसरे दिन वह लापता हो गया। कोतवाल रुदौली के मुताबिक कथित कोर्ट मोहर्रिर की गतिविधि चुनाव के समय संदिग्ध लगी। एसडीएम का कोर्ट मुहर्रिर होने के नाते कोतवाल मोहर्रिर से पूछताछ करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। कोतवाल के मुताबिक शनिवार को वह उप जिलाधिकारी के कार्यालय पहुंचे तो बरामदे में पुलिस की वर्दी पहने ड्यूटी पर मौजूद तथाकथित हेड मोहर्रिर को आईडी दिखाने के लिए कहा। न दिखाने पर उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और उसके फर्जी होने की पुष्टि पर गिरफ्तार कर लिया गया। अब आरोपी मोहर्रिर ने स्वयं के फर्जी होने की बात स्वीकार कर ली है। उसने स्वीकार किया कि उसके पास कोई रोजगार नहीं था। ऐसे में वह फर्जी हेड मोहर्रिर बन गया। कोतवाल जयवीर सिंह यादव ने बताया कि फर्जी हेड मोहर्रिर बनकर ड्यूटी करता पकड़ा गया युवक संतकबीर नगर जिले के खलीलाबाद थाना क्षेत्र के लौहरवादेव गांव निवासी अजय कुमार चतुर्वेदी है। उप जिलाधिकारी पंकज सिंह ने बताया कि उनसे पहले रुदौली के एसडीएम रहे गिरिजेश कुमार चौधरी के कार्यकाल में ही वह यहां हेड मोहर्रिर बनकर आया था। आईडी मांगने पर वह नहीं दिखा सका। उन्होंने बताया कि एसएसपी कार्यालय से उसके दस्तावेज तलब किए गए, तब पता चला कि इस नाम का कोई व्यक्ति हेड मोहर्रिर के पद पर तैनात नहीं है। कोतवाल ने बताया कि उसकी वर्दी को सीज करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया है।
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बीते अक्टूबर से एसडीएम रुदौली के यहां बतौर कोर्ट मोहर्रिर काम कर रहा अजय चतुर्वेदी 20 दिन पहले एकाएक लापता हो गया। कई दिनों तक वापस न आने पर अधिवक्ताओं में इसकी चर्चा शुरू हो गई। कोर्ट मोहर्रिर के लापता होने पर दो दिनों से तहसील प्रशासन ने जानकारी जुटानी शुरू की। पुलिस से ली गई जानकारी में तहसील में कोर्ट मोहर्रिर की तैनाती का कोई आदेश न होने और पुलिस में अजय चतुर्वेदी नाम का सिपाही न होने की बात सामने आई। शुक्रवार को पूरे दिन एसडीएम पुलिस टीम के साथ कार्रवाई की रणनीति बनाते रहे। शनिवार को तहसील के बरामदे से कोतवाल जयवीर सिंह ने पुलिस की वर्दी में कथित कोर्ट मोहर्रिर को गिरफ्तार कर लिया। पकड़ा गया युवक संतकबीर नगर जिले के खलीलाबाद थाना क्षेत्र के लौहरवादेव गांव का निवासी है।
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तीन माह पूर्व नगर निकाय चुनाव के दौरान तत्कालीन उप जिलाधिकारी गिरजेश कुमार चौधरी के साथ अजय कुमार चतुर्वेदी नामक युवक कोर्ट पर मुहर्रिर के रूप में पुलिस की वर्दी पहनकर जिले से लेकर शांति व्यवस्था की बैठक में शामिल होता रहता था। निकाय चुनाव की मतगणना में वायरलेस संभालते हुए एसडीएम के साथ परछाई की तरह रहता था। एसडीएम गिरजेश कुमार चौधरी के तबादले के बाद 12 दिसंबर को पंकज सिंह ने रुदौली एसडीएम की कुर्सी संभाली। उनके साथ भी वह हेड मोहर्रिर के रूप में ड्यूटी करता रहा। एसडीएम के मुताबिक 15 दिन पहले नियुक्ति आदेश मांगने पर दूसरे दिन वह लापता हो गया। कोतवाल रुदौली के मुताबिक कथित कोर्ट मोहर्रिर की गतिविधि चुनाव के समय संदिग्ध लगी। एसडीएम का कोर्ट मुहर्रिर होने के नाते कोतवाल मोहर्रिर से पूछताछ करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। कोतवाल के मुताबिक शनिवार को वह उप जिलाधिकारी के कार्यालय पहुंचे तो बरामदे में पुलिस की वर्दी पहने ड्यूटी पर मौजूद तथाकथित हेड मोहर्रिर को आईडी दिखाने के लिए कहा। न दिखाने पर उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और उसके फर्जी होने की पुष्टि पर गिरफ्तार कर लिया गया। अब आरोपी मोहर्रिर ने स्वयं के फर्जी होने की बात स्वीकार कर ली है। उसने स्वीकार किया कि उसके पास कोई रोजगार नहीं था। ऐसे में वह फर्जी हेड मोहर्रिर बन गया। कोतवाल जयवीर सिंह यादव ने बताया कि फर्जी हेड मोहर्रिर बनकर ड्यूटी करता पकड़ा गया युवक संतकबीर नगर जिले के खलीलाबाद थाना क्षेत्र के लौहरवादेव गांव निवासी अजय कुमार चतुर्वेदी है। उप जिलाधिकारी पंकज सिंह ने बताया कि उनसे पहले रुदौली के एसडीएम रहे गिरिजेश कुमार चौधरी के कार्यकाल में ही वह यहां हेड मोहर्रिर बनकर आया था। आईडी मांगने पर वह नहीं दिखा सका। उन्होंने बताया कि एसएसपी कार्यालय से उसके दस्तावेज तलब किए गए, तब पता चला कि इस नाम का कोई व्यक्ति हेड मोहर्रिर के पद पर तैनात नहीं है। कोतवाल ने बताया कि उसकी वर्दी को सीज करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया है।
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