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18 पुलिसकर्मियों ने लूटा था आगरा के सर्राफ को, धमकी देकर रुकवाई थी कार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 01 Dec 2018 12:39 PM IST
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लूट का शिकार हुए सराफ के भाई विशाल जैन
- फोटो : amar ujala
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आगरा के सर्राफा कारोबारी के साथ लूट में मड़ियांव थाना के 18 पुलिसकर्मी शामिल थे। सर्राफ ने बताया कि वाहन चेकिंग के दौरान जब उन्हें रोका गया था, वहां उन्होंने 18 पुलिसकर्मी गिने थे, लेकिन अंधेरा होने के चलते सिर्फ तीन के चेहरे ही पहचान सके। उन्हें जब चौकी ले जाकर डराया-धमकाया जा रहा था, तब भी सभी पुलिसकर्मी वहां मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि जल्द लखनऊ आकर पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे। वारदात में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों की पहचान भी करेंगे। एसएसपी कलानिधि नैथानी का कहना है कि सर्राफ अगर कुछ और पुलिसकर्मियों की पहचान करते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने बताया कि लूटपाट की शिकायत करने वाले आगरा के कमला नगर निवासी विशाल जैन के भाई आशीष जैन के साथ वारदात हुई थी। वारदात के वक्त विशाल जैन भी मौजूद थे। उनकी आगरा के किनारी बाजार में फर्म है। आशीष के साथ वह दीपावली से एक दिन पहले चांदी की गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां सप्लाई करने के लिए लखनऊ आए थे।
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कार आशीष ही चला रहा था। साथ में नौकर संजय और पप्पू भी थे। रात करीब डेढ़ बजे आगरा लौटते वक्त मड़ियांव के गोल चौक के पास पुलिसकर्मियों ने वाहन चेकिंग के लिए कार रोक ली। आशीष का कहना है कि चेकिंग के दौरान 18 पुलिसकर्मी मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि जल्द लखनऊ आकर पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे। वारदात में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों की पहचान भी करेंगे। एसएसपी कलानिधि नैथानी का कहना है कि सर्राफ अगर कुछ और पुलिसकर्मियों की पहचान करते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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एसएसपी ने बताया कि लूटपाट की शिकायत करने वाले आगरा के कमला नगर निवासी विशाल जैन के भाई आशीष जैन के साथ वारदात हुई थी। वारदात के वक्त विशाल जैन भी मौजूद थे। उनकी आगरा के किनारी बाजार में फर्म है। आशीष के साथ वह दीपावली से एक दिन पहले चांदी की गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां सप्लाई करने के लिए लखनऊ आए थे।
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कार आशीष ही चला रहा था। साथ में नौकर संजय और पप्पू भी थे। रात करीब डेढ़ बजे आगरा लौटते वक्त मड़ियांव के गोल चौक के पास पुलिसकर्मियों ने वाहन चेकिंग के लिए कार रोक ली। आशीष का कहना है कि चेकिंग के दौरान 18 पुलिसकर्मी मौजूद थे।
स्वयंसेवकों ने कराया था एसएसपी को फोन
डेमो
कार से पुलिसकर्मियों को एक बैग में चांदी और साढ़े तीन लाख रुपये का पैकेट मिला। चारों को एक पुलिस चौकी ले जाया गया और चोरी का माल होने की बात कहकर डराया-धमकाया गया। आशीष बेहद घबरा गया, जिसका लाभ उठाते हुए पुलिसकर्मियों ने साढ़े तीन लाख रुपये से भरा पैकेट ले लिया। उन्होंने रुपयों का पैकेट वापस मांगा तो पुलिसकर्मियों ने कहा कि यह नहीं मिलेगा। यहां से चले जाओ।
विशाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक हैं और वर्तमान में कमलानगर की दीनदयाल शाखा के प्रभारी हैं। वह रोज शाखा जाते हैं। उन्होंने आगरा लौटकर संघ के पदाधिकारियों से घटना की चर्चा की तो आक्रोश फैल गया। संघ के पदाधिकारियों ने सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय में संपर्क किया।
वहां से लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी को कॉल करके कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने विशाल से संपर्क कर उन्हें लखनऊ बुलवाया और पूरे मामले की जानकारी लेकर एसपी विधानसभा राहुल मिठास को जांच सौंपी।
एसएसपी ने पुलिसकर्मियों के फोटो विशाल के वॉट्सएप पर भेजे जिसमें से उन्होंने निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह, दरोगा दलवीर सिंह और आफताब आलम को पहचाना। एसएसपी ने तीनों को बृहस्पतिवार शाम लाइन हाजिर कर दिया था। केस दर्ज होने के बाद तीनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भी होगी।
विशाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक हैं और वर्तमान में कमलानगर की दीनदयाल शाखा के प्रभारी हैं। वह रोज शाखा जाते हैं। उन्होंने आगरा लौटकर संघ के पदाधिकारियों से घटना की चर्चा की तो आक्रोश फैल गया। संघ के पदाधिकारियों ने सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय में संपर्क किया।
वहां से लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी को कॉल करके कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने विशाल से संपर्क कर उन्हें लखनऊ बुलवाया और पूरे मामले की जानकारी लेकर एसपी विधानसभा राहुल मिठास को जांच सौंपी।
एसएसपी ने पुलिसकर्मियों के फोटो विशाल के वॉट्सएप पर भेजे जिसमें से उन्होंने निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह, दरोगा दलवीर सिंह और आफताब आलम को पहचाना। एसएसपी ने तीनों को बृहस्पतिवार शाम लाइन हाजिर कर दिया था। केस दर्ज होने के बाद तीनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भी होगी।
पुलिस की दहशत में शिकायत करने से बच रहे थे
UP Police
सर्राफा कारोबारी विशाल जैन खाकी का ऐसा रूप देखकर इतनी दहशत में आ गए थे कि वह शिकायत ही नहीं करना चाहते थे। उन्हें लग रहा था किशिकायत करने पर पुलिस कहीं उलटा उन्हें ही न फंसा दे। संघ के पदाधिकारियों ने उनकी हिम्मत बंधाई। उनके हौसला देने पर ही वह शिकायत कर सके।
विशाल जैन का कहना है कि चेकिंग के दौरान हर कार को नहीं रोका जा रहा था। पुलिसकर्मियों को सड़क पर देखकर आशीष ने अन्य वाहनों की तरह अपनी कार भी आगे बढ़ा दी। इस पर पुलिसकर्मियों ने उनकी कार घेर ली। उन्होंने कार आगे बढ़ाने का प्रयास किया तो पुलिसकर्मियों ने गोली मारने की धमकी दी। हाल ही में गोमतीनगर में एपल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की गोली मारकर हत्या से सहमे आशीष ने तत्काल कार रोक दी।
विशाल जैन का कहना है कि चेकिंग के दौरान हर कार को नहीं रोका जा रहा था। पुलिसकर्मियों को सड़क पर देखकर आशीष ने अन्य वाहनों की तरह अपनी कार भी आगे बढ़ा दी। इस पर पुलिसकर्मियों ने उनकी कार घेर ली। उन्होंने कार आगे बढ़ाने का प्रयास किया तो पुलिसकर्मियों ने गोली मारने की धमकी दी। हाल ही में गोमतीनगर में एपल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की गोली मारकर हत्या से सहमे आशीष ने तत्काल कार रोक दी।