फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   कानून-व्यवस्था के लिए खतरे की घंटी

कानून-व्यवस्था के लिए खतरे की घंटी

Sun, 13 May 2018 11:16 PM IST
Updated Sun, 13 May 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
कानून-व्यवस्था के लिए खतरे की घंटी
कानून-व्यवस्था के लिए खतरे की घंटी
विज्ञापन



सीतापुर। न तो कृष्ण की धरती का रक्षा कवच काम आया और न ही नवाबों के शहर से आया हिफाजती दस्ता खूंखार कुत्तों के आतंक से छुटकारा दिला सका। आदमखोर कुत्तों के हमलों की रोकथाम की बात करें तो प्रशासन की सारी कवायद ‘नौ दिन चले अढ़ाई कोस’ कहावत जैसी साबित हो रही है।


अफसोस ये कि हमले रोकने में अब तक का सारा प्रशासनिक ताम-झाम नाकाफी साबित हुआ है। सीएम का सख्त फरमान भी बेअसर साबित हो रहा है। प्रशासनिक नाकामी का नतीजा ये कि आदमखोर कुत्तों के हमले से एक और घर में मातम पसर गया।
विज्ञापन



इन हमलों में मरने वाले मासूमों का तादात 13 पहुंच गई है। इसमें बदस्तूर इजाफा होता जा रहा है। रविवार की घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों का हाई-वे जाम करना, पथराव और लाठीचार्ज इस बात का इशारा है, कि ये आदमखोर कुत्ते अब कानून-व्यवस्था के लिए भी खतरा बन गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



यूं तो आदमखोर कुत्तों के आतंक की शुरुआत नवंबर 2017 से हो गई थी। नवंबर 2017 से मार्च 2018 तक छह मासूम बच्चे आदमखोर कुत्तों का शिकार बन गए। ये मौतें मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद भी प्रशासन बेपरवाह बना रहा।


एक मई को जब कुछ ही समय के अंतराल पर हिंसक कुत्तों ने अलग-अलग गांवों के तीन बच्चों को मार डाला और मीडिया ने हो-हल्ला मचाना शुरू किया तब अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में प्रशासन ने जिला स्तर पर चार टीमें गठित कर कांबिंग का फरमान जारी किया।


मथुरा और लखनऊ से कुत्ते पकड़ने वाली एक्सपर्ट टीमें बुलाई गईं। इन टीमों ने 30 से ज्यादा कुत्ते पकड़े। जबकि आक्रोशित ग्रामीणों ने कई कुत्तों को मार गिराया। प्रशासन ने दावा किया कि, इनमें कई आदमखोर कुत्ते भी शामिल हैं।


इसके बाद प्रशासन फिर इस मसले में लापरवाही बरतने लगा। हमले नहीं रुके तो हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया। जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीतापुर का रुख किया।


सीतापुर दौरे के दौरान सीएम ने अफसरों से दो टूक कहा कि, हर हाल में आदमखोर कुत्तों के हमले रोके जाएं। मगर सीएम के फरमान का भी कोई असर नहीं दिखा। रविवार को आदमखोर कुत्तों के हमले में एक और बच्ची की मौत से मरने वाले बच्चों की संख्या 13 हो गई है।



ये आदमखोर कुत्ते अब कानून-व्यवस्था के लिए भी खतरा बन गए हैं। इसकी तस्दीक रविवार को हाई-वे जाम, पत्थरबाजी और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज का घटनाक्रम कर रहा है। हाई-वे जाम इस बात का इशारा है कि हालात बेकाबू हो चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed