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जांच में फंसेंगे सीआईएसएफ के जवान व एनपीटीसी के अधिकारी-कर्मचारी
Updated Thu, 17 May 2018 12:32 AM IST
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रायबरेली। एनटीपीसी ऊंचाहार में कॉपर निर्मित स्टाटर वाइडिंग बार के गायब होने के मामले की जांच शुरू हो गई है। पुलिस सूत्रों की मानें तो जांच में सीआईएसएफ के जवान और कई एनटीपीसी के अफसर व कर्मचारी फंसेंगे। पुलिस का मानना है कि बिना अधिकारियों की मिलीभगत के एनपीटीसी के अंदर से स्टाटर वाइडिंग बार चोरी नहीं हो सकता। वजह जहां पर कॉपर निर्मित स्टाटर वाइडिंग बार रखे जाते हैं, वहां पर सीआईएसएफ का पहरा रहता है। सीआईएसएफ की मौजूदगी में ही स्टोर का ताला बंद और खुलता है। खास बात ये है कि पांच साल से एनटीपीसी के अंदर कॉपर ठिकाने लगाया जा रहा था, लेकिन इसकी भनक एनपीटीसी के बड़े अधिकारियों कोनहीं लग सकी। पुलिस संदिग्ध जवानों व अफसरों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
एनटीपीसी ऊंचाहार के अंदर से कॉपर निर्मित 22 स्टाटर वाइडिंग बार गायब होने की घटना ने एनटीपीसी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है। एनटीपीसी में बिजली उत्पादन किया जाता है। यहां से तैयार की गई बिजली देश के कई प्रदेशों में भेजी जाती है। इस वजह से एनटीपीसी की सुरक्षा कमान सीआईएसएफ को सौंपी गई है। यह हाल तब है, जब हाल ही में एनटीपीसी की सुरक्षा को लेकर एनएसजी की टीम यहां आई थी। एनएसजी टीम ने एनटीपीसी की सुरक्षा को चाकचौबंद बनाने के लिए मैप तैयार किया था। साथ ही सुरक्षा से जुड़े हर पहलू पर सीआईएएसएफ के अधिकारियों सेे बात की थी। बुधवार को सीओ विनीत सिंह, एसओ धनंजय सिंह ने स्टाटर वाइडिंग बार के गायब होने की जांच हर पहलू को ध्यान पर देखते हुए की। वैसे तो जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, लेकिन पुलिस अफसर इस पर कुछ ज्यादा नहीं बोल रहे हैं।
पुलिस सूत्र बताते हैं कि जांच में सीआईएसएफ के जवान व एनटीपीसी के कई अधिकारी फंसते नजर आ रहे हैं। इन्हीं की मदद से कॉपर गायब किए जाने का खेल चल रहा था। पुलिस अफसर भी इस बात को स्वीकारते हैं कि बिना एनटीपीसी के अधिकारियों की मिलीभगत के कोई सामान गायब होना आसान नहीं है। सीओ विनीत सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। साथ ही संदिग्ध लोगों की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। जल्द इस मामले का खुलासा हो जाएगा।
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खरीदने वालों की भी पहचान करने में जुटी खाकी
एनटीपीसी के स्टोर से कॉपर का गायब होना सामने आने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि स्टोर से निकाला जाने वाला कॉपर का सामान खरीदता कौन था। पुलिस की जांच एनटीपीसी के अधिकारियों और सुरक्षा जवानों की साथ इस ओर भी है कि कॉपर खरीदता कौन था। पुलिस ने इसका पता लगाने के लिए जाल फैला दिया है।
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एनटीपीसी ऊंचाहार के अंदर से कॉपर निर्मित 22 स्टाटर वाइडिंग बार गायब होने की घटना ने एनटीपीसी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है। एनटीपीसी में बिजली उत्पादन किया जाता है। यहां से तैयार की गई बिजली देश के कई प्रदेशों में भेजी जाती है। इस वजह से एनटीपीसी की सुरक्षा कमान सीआईएसएफ को सौंपी गई है। यह हाल तब है, जब हाल ही में एनटीपीसी की सुरक्षा को लेकर एनएसजी की टीम यहां आई थी। एनएसजी टीम ने एनटीपीसी की सुरक्षा को चाकचौबंद बनाने के लिए मैप तैयार किया था। साथ ही सुरक्षा से जुड़े हर पहलू पर सीआईएएसएफ के अधिकारियों सेे बात की थी। बुधवार को सीओ विनीत सिंह, एसओ धनंजय सिंह ने स्टाटर वाइडिंग बार के गायब होने की जांच हर पहलू को ध्यान पर देखते हुए की। वैसे तो जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, लेकिन पुलिस अफसर इस पर कुछ ज्यादा नहीं बोल रहे हैं।
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पुलिस सूत्र बताते हैं कि जांच में सीआईएसएफ के जवान व एनटीपीसी के कई अधिकारी फंसते नजर आ रहे हैं। इन्हीं की मदद से कॉपर गायब किए जाने का खेल चल रहा था। पुलिस अफसर भी इस बात को स्वीकारते हैं कि बिना एनटीपीसी के अधिकारियों की मिलीभगत के कोई सामान गायब होना आसान नहीं है। सीओ विनीत सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। साथ ही संदिग्ध लोगों की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। जल्द इस मामले का खुलासा हो जाएगा।
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एनटीपीसी के स्टोर से कॉपर का गायब होना सामने आने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि स्टोर से निकाला जाने वाला कॉपर का सामान खरीदता कौन था। पुलिस की जांच एनटीपीसी के अधिकारियों और सुरक्षा जवानों की साथ इस ओर भी है कि कॉपर खरीदता कौन था। पुलिस ने इसका पता लगाने के लिए जाल फैला दिया है।