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हटाए गए स्वच्छ भार त मिशन के चार कर्मचारी
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स्वच्छ भारत मिशन में तैनात चार कर्मचारी हटाए गए
स्वच्छता रेटिंग और गिरने से उठाया गया कदम
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। स्वच्छ भारत मिशन के काम के लिए एक साल से कार्यदायी संस्था के जरिये स्वच्छता विशेषज्ञ व सहायक के पद पर तैनात चार कर्मचारियों को हटा दिया गया है। इन्हें रखे जाने के बाद भी नगर निगम की स्वच्छता रेटिंग सुधरने के बजाय और खराब हो गई थी। निगम प्रशासन के पास इन कर्मचारियों के वेतन के लिए बजट भी नहीं था।
स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर निगम की रेटिंग 2018 में देशभर में 115वीं आई थी। इसमें सुधारने को नगर निगम ने कार्यदायी संस्था के माध्यम से चार कर्मचारी शहरवासियों को जागरूक करने और दस्तावेज तैयार करने के लिए रखे। इसके अलावा निजी स्वयंसेवी संस्था के जरिये दो महीने तक 100 लोगों को रखा गया कि वे लोगों को खुले में शौच न करने को प्रेरित करें। इस पर लाखों खर्च करने के बाद भी शहर की रेटिंग इस साल 121वीं पहुंच गई। ऐसे में नगर निगम की किरकिरी भी हुई। इसके बाद अब नगर निगम ने स्वच्छ भारत मिशन में तैनात चार कर्मचारियों को हटा दिया है। इनमें प्रियदर्शिनी पाण्डेय, रवि कुमार गुप्ता, शुचि त्रिपाठी और आरती सिंह हैं। इन पर हर महीने करीब 70 हजार रुपये खर्च हो रहे थे। वहीं, ऑफिस और स्टाफ भी दिया गया था। सेवा समाप्त करने के संबंध मेें एजेंसी को आदेश भी भेज दिया गया है।
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स्वच्छता रेटिंग और गिरने से उठाया गया कदम
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। स्वच्छ भारत मिशन के काम के लिए एक साल से कार्यदायी संस्था के जरिये स्वच्छता विशेषज्ञ व सहायक के पद पर तैनात चार कर्मचारियों को हटा दिया गया है। इन्हें रखे जाने के बाद भी नगर निगम की स्वच्छता रेटिंग सुधरने के बजाय और खराब हो गई थी। निगम प्रशासन के पास इन कर्मचारियों के वेतन के लिए बजट भी नहीं था।
स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर निगम की रेटिंग 2018 में देशभर में 115वीं आई थी। इसमें सुधारने को नगर निगम ने कार्यदायी संस्था के माध्यम से चार कर्मचारी शहरवासियों को जागरूक करने और दस्तावेज तैयार करने के लिए रखे। इसके अलावा निजी स्वयंसेवी संस्था के जरिये दो महीने तक 100 लोगों को रखा गया कि वे लोगों को खुले में शौच न करने को प्रेरित करें। इस पर लाखों खर्च करने के बाद भी शहर की रेटिंग इस साल 121वीं पहुंच गई। ऐसे में नगर निगम की किरकिरी भी हुई। इसके बाद अब नगर निगम ने स्वच्छ भारत मिशन में तैनात चार कर्मचारियों को हटा दिया है। इनमें प्रियदर्शिनी पाण्डेय, रवि कुमार गुप्ता, शुचि त्रिपाठी और आरती सिंह हैं। इन पर हर महीने करीब 70 हजार रुपये खर्च हो रहे थे। वहीं, ऑफिस और स्टाफ भी दिया गया था। सेवा समाप्त करने के संबंध मेें एजेंसी को आदेश भी भेज दिया गया है।
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