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डायरिया का कहर जारी,नहीं टूटती स्वास् थ्य विभाग की खुमारी
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डायरिया का कहर जारी, नहीं टूटती स्वास्थ्य विभाग की खुमारी
अंबेडकरनगर। डायरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। भीषण गर्मी के बीच यह रोग लगातार पैर पसार रहा है। बीते 24 घंटे में डायरिया के सात नए मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं। एक की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल, अयोध्या रेफर कर दिया गया। डायरिया के बढ़ते प्रकोप के लिए गर्मी के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भी जिम्मेदार है। विभाग न तो ग्रामीण क्षेत्रों में टीम भेजकर दवाओं का वितरण करा रहा है और न ही जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
डायरिया से पीड़ित मरीज जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी व पीएचसी में भर्ती हो रहे हैं। जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के मीरानपुर मोहल्ला निवासी जूही (22) पुत्र शफीक को मंगलवार सुबह उल्टी-दस्त होने लगा। घरेलू इलाज के बाद भी तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यहां हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल अयोध्या रेफर कर दिया गया। इसी कोतवाली क्षेत्र के बनगांव निवासी जगदीश (45) पुत्र मेवालाल को सोमवार देर शाम डायरिया की चपेट में आने पर घरवालों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र निवासी सीताराम (76) पुत्र पंडोईराम को मंगलवार सुबह उल्टी-दस्त होने लगा।
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स्थानीय इलाज के बाद घरवालों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। सम्मनपुर थाना क्षेत्र के सिकरोहर निवासिनी मूरता देवी (64) पत्नी भगई को मंगलवार सुबह घरवालों ने डायरिया की चपेट में आने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के पहितीपुर निवासी शाहीन फातिमा (22) पत्नी अब्दुल को सोमवार मध्यरात्रि उल्टी-दस्त शुरू हो गया।
स्थानीय इलाज के बाद भी स्थिति में सुधार न होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इसी कोतवाली क्षेत्र के शहजादपुर निवासिनी निशा देवी (28) पत्नी रणजीत को पेट में दर्द व उल्टी दस्त के बीच घरवालों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के इल्तिफातगंज निवासी रमेश (27) पुत्र गिरिजाशंकर को घरवालों ने पेट मेें दर्द व उल्टी दस्त के बीच मंगलवार सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
लगातार बढ़ते डायरिया के प्रकोप के बावजूद स्वास्थ्य विभाग अब तक ठोस कदम नहीं उठा सका है। न तो ग्रामीण क्षेत्रों में दवाओं का वितरण हो सका और न ही जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साफ-सफाई को लेकर भी ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। भीटी के राजवीर व महरुआ के गुलाम ने कहा कि उनके क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम अब तक नहीं पहुंची है।
अकबरपुर विकास खंड के रामनयन, शीतला प्रसाद, गंगाराम व जगदीश ने कहा कि दवाओं का वितरण नहीं हो रहा है। सफाई व्यवस्था भी पटरी से उतरी हुई है। इसके उलट सीएमओ डॉ. अशोक कुमार का दावा है कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें गावों में पहुंचकर चौपाल व गोष्ठियों के माध्यम से लोगों को डायरिया के प्रति जागरूक कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरी दवाओं का वितरण किया जा रहा है। लोगों को खुद भी एहतियात बरतने की जरूरत है।
वरिष्ठ सर्जन डॉ. विजय तिवारी ने कहा कि लगातार बढ़ते तापमान के बीच डायरिया का प्रकोप बढ़ता है। ऐसे में बचाव के लिए जागरूकता जरूरी है। खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। तैलीय व मसालेदार खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। उल्टी-दस्त शुरू होने पर तत्काल ओआरएस का घोल लें। इसके बाद चिकित्सक को दिखाएं। लापरवाही बिल्कुल न करें।
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अंबेडकरनगर। डायरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। भीषण गर्मी के बीच यह रोग लगातार पैर पसार रहा है। बीते 24 घंटे में डायरिया के सात नए मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं। एक की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल, अयोध्या रेफर कर दिया गया। डायरिया के बढ़ते प्रकोप के लिए गर्मी के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भी जिम्मेदार है। विभाग न तो ग्रामीण क्षेत्रों में टीम भेजकर दवाओं का वितरण करा रहा है और न ही जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
डायरिया से पीड़ित मरीज जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी व पीएचसी में भर्ती हो रहे हैं। जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के मीरानपुर मोहल्ला निवासी जूही (22) पुत्र शफीक को मंगलवार सुबह उल्टी-दस्त होने लगा। घरेलू इलाज के बाद भी तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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यहां हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल अयोध्या रेफर कर दिया गया। इसी कोतवाली क्षेत्र के बनगांव निवासी जगदीश (45) पुत्र मेवालाल को सोमवार देर शाम डायरिया की चपेट में आने पर घरवालों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र निवासी सीताराम (76) पुत्र पंडोईराम को मंगलवार सुबह उल्टी-दस्त होने लगा।
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स्थानीय इलाज के बाद घरवालों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। सम्मनपुर थाना क्षेत्र के सिकरोहर निवासिनी मूरता देवी (64) पत्नी भगई को मंगलवार सुबह घरवालों ने डायरिया की चपेट में आने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के पहितीपुर निवासी शाहीन फातिमा (22) पत्नी अब्दुल को सोमवार मध्यरात्रि उल्टी-दस्त शुरू हो गया।
स्थानीय इलाज के बाद भी स्थिति में सुधार न होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इसी कोतवाली क्षेत्र के शहजादपुर निवासिनी निशा देवी (28) पत्नी रणजीत को पेट में दर्द व उल्टी दस्त के बीच घरवालों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के इल्तिफातगंज निवासी रमेश (27) पुत्र गिरिजाशंकर को घरवालों ने पेट मेें दर्द व उल्टी दस्त के बीच मंगलवार सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
लगातार बढ़ते डायरिया के प्रकोप के बावजूद स्वास्थ्य विभाग अब तक ठोस कदम नहीं उठा सका है। न तो ग्रामीण क्षेत्रों में दवाओं का वितरण हो सका और न ही जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साफ-सफाई को लेकर भी ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। भीटी के राजवीर व महरुआ के गुलाम ने कहा कि उनके क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम अब तक नहीं पहुंची है।
अकबरपुर विकास खंड के रामनयन, शीतला प्रसाद, गंगाराम व जगदीश ने कहा कि दवाओं का वितरण नहीं हो रहा है। सफाई व्यवस्था भी पटरी से उतरी हुई है। इसके उलट सीएमओ डॉ. अशोक कुमार का दावा है कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें गावों में पहुंचकर चौपाल व गोष्ठियों के माध्यम से लोगों को डायरिया के प्रति जागरूक कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरी दवाओं का वितरण किया जा रहा है। लोगों को खुद भी एहतियात बरतने की जरूरत है।
वरिष्ठ सर्जन डॉ. विजय तिवारी ने कहा कि लगातार बढ़ते तापमान के बीच डायरिया का प्रकोप बढ़ता है। ऐसे में बचाव के लिए जागरूकता जरूरी है। खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। तैलीय व मसालेदार खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। उल्टी-दस्त शुरू होने पर तत्काल ओआरएस का घोल लें। इसके बाद चिकित्सक को दिखाएं। लापरवाही बिल्कुल न करें।