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पंजाब की तरह यहां भी खसरे में दर्ज होगी पराली जलाने की रिपोर्ट
Updated Sat, 17 Nov 2018 01:03 AM IST
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पंजाब की तरह यूपी में भी खसरे में दर्ज होगी पराली जलाने की रिपोर्ट
फसल कटने के बाद लेखपाल करेंगे खेतों का सर्वे, खसरे में दर्ज होगी तथ्यात्मक रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। पंजाब की तरह यूपी में भी लेखपालों को खसरे की पड़ताल में फसल अवशेष जलाने की रिपोर्ट दर्ज करनी होगी। एनजीटी के निर्देश पर यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया एनजीटी ने 13 नवंबर को निर्देश दिया हैं कि पंजाब की तरह खसरे के अंतिम कालम में काश्तकार द्वारा फसल अवशेष जलाया या नहीं, इसका उल्लेख करना होगा। इसके बाद राजस्व परिषद ने लेखपालों के कर्तव्य में इसे शामिल कर दिया। साथ ही हरसीजन में पड़ताल के समय फसलों के अवशेष की स्थिति को खसरे में दर्ज करने का आदेश दिया है। लेखपाल फसल कटाई के बाद गांवों के प्रत्येक गाटे का सर्वेक्षण करेंगे और अंतिम कालम में वास्तविक स्थिति दर्ज करेंगे। अवशेष जलाने की स्थिति में क्षेत्रफल सहित सर्वेक्षण की तारीख दर्ज की जाएगी।
आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद रजनीश गुप्ता ने मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राजस्व अधिकारी क्षेत्र भ्रमण के दौरान देखें कि लेखपाल ने खसरे में जो स्थिति दर्ज की है वह सही है या नहीं।
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फसल कटने के बाद लेखपाल करेंगे खेतों का सर्वे, खसरे में दर्ज होगी तथ्यात्मक रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। पंजाब की तरह यूपी में भी लेखपालों को खसरे की पड़ताल में फसल अवशेष जलाने की रिपोर्ट दर्ज करनी होगी। एनजीटी के निर्देश पर यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया एनजीटी ने 13 नवंबर को निर्देश दिया हैं कि पंजाब की तरह खसरे के अंतिम कालम में काश्तकार द्वारा फसल अवशेष जलाया या नहीं, इसका उल्लेख करना होगा। इसके बाद राजस्व परिषद ने लेखपालों के कर्तव्य में इसे शामिल कर दिया। साथ ही हरसीजन में पड़ताल के समय फसलों के अवशेष की स्थिति को खसरे में दर्ज करने का आदेश दिया है। लेखपाल फसल कटाई के बाद गांवों के प्रत्येक गाटे का सर्वेक्षण करेंगे और अंतिम कालम में वास्तविक स्थिति दर्ज करेंगे। अवशेष जलाने की स्थिति में क्षेत्रफल सहित सर्वेक्षण की तारीख दर्ज की जाएगी।
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आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद रजनीश गुप्ता ने मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राजस्व अधिकारी क्षेत्र भ्रमण के दौरान देखें कि लेखपाल ने खसरे में जो स्थिति दर्ज की है वह सही है या नहीं।
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