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दावत में दूषित खाना खाने से 100 लोग बीमार
Updated Thu, 19 Apr 2018 11:04 PM IST
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पचपेड़वा (बलरामपुर)। स्थानीय थाना क्षेत्र के बिजुआकला गांव में बुधवार शाम दावत-ए-वलीमा के दरम्यान दूषित मीठा चावल खाने से 100 से अधिक लोग बीमार हो गए। गंभीर रूप से बीमार लोगों को सीएचसी पचपेड़वा व प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गांव पहुंची डाक्टरों की टीम ने भी लोगों का मौके पर इलाज कर दिया। सभी पीड़ितों के स्वास्थ्य में सुधार है।
बिजुआकला गांव निवासी मोहम्मद उमर के घर बुधवार को दावत-ए-वलीमा का कार्यक्रम था। दावत में गांव तथा आसपास के सैकड़ों लोग पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि खाना खाने के बाद जिन लोगों ने मीठा चावल-जर्दा खाया वह लोग देर शाम तक उल्टी-दस्त व पेट दर्द के शिकार हो गए। देखते ही देखते सैकड़ों लोग बीमार हो गए। बीमारों में इशहाक, मेराज, रियाज, नसरुल्ला, सनाउल्ला, जसरीन, इबरार, तम्मीन, मोहम्मद शाहिद, युनुस, खातून व रमजान अली आदि पेट दर्द व उल्टी-दस्त के शिकार हो गए। सूचना मिलते ही पचपेड़वा सीएचसी के डॉ. गयासुद्दीन खां अपने साथियों के साथ गांव पहुंच गए। इन लोगों ने गांव में ही पीड़ितों का इलाज शुरू कर दिया। गंभीर मरीजों को एंबुलेंस से सीएचसी पचपेड़वा तथा आसपास के प्राइवेट अस्पतालों में कई लोगों को जुड़ीकुईया व लक्ष्मीनगर चौराहे पर स्थित प्राइवेट डॉक्टरों ने भी इलाज कर राहत पहुंचाई। देर रात तक अस्पताल आने-जाने का सिलसिला जारी रहा। गुरुवार को अधिकतर लोगों की स्थिति सामान्य हो गई। सीएचसी अधीक्षक डा. मिथलेश कुमार ने बताया कि मीठा चावल-जर्दा खाने के चलते लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए। समय से इलाज मिल जाने के चलते अप्रिय घटना होने से बच गई।
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बिजुआकला गांव निवासी मोहम्मद उमर के घर बुधवार को दावत-ए-वलीमा का कार्यक्रम था। दावत में गांव तथा आसपास के सैकड़ों लोग पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि खाना खाने के बाद जिन लोगों ने मीठा चावल-जर्दा खाया वह लोग देर शाम तक उल्टी-दस्त व पेट दर्द के शिकार हो गए। देखते ही देखते सैकड़ों लोग बीमार हो गए। बीमारों में इशहाक, मेराज, रियाज, नसरुल्ला, सनाउल्ला, जसरीन, इबरार, तम्मीन, मोहम्मद शाहिद, युनुस, खातून व रमजान अली आदि पेट दर्द व उल्टी-दस्त के शिकार हो गए। सूचना मिलते ही पचपेड़वा सीएचसी के डॉ. गयासुद्दीन खां अपने साथियों के साथ गांव पहुंच गए। इन लोगों ने गांव में ही पीड़ितों का इलाज शुरू कर दिया। गंभीर मरीजों को एंबुलेंस से सीएचसी पचपेड़वा तथा आसपास के प्राइवेट अस्पतालों में कई लोगों को जुड़ीकुईया व लक्ष्मीनगर चौराहे पर स्थित प्राइवेट डॉक्टरों ने भी इलाज कर राहत पहुंचाई। देर रात तक अस्पताल आने-जाने का सिलसिला जारी रहा। गुरुवार को अधिकतर लोगों की स्थिति सामान्य हो गई। सीएचसी अधीक्षक डा. मिथलेश कुमार ने बताया कि मीठा चावल-जर्दा खाने के चलते लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए। समय से इलाज मिल जाने के चलते अप्रिय घटना होने से बच गई।
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