{"_id":"5ac3c96e4f1c1ba8618b5316","slug":"151522780526-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चटकी पटरी पर दौड़ाई जा रही ट्रेनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चटकी पटरी पर दौड़ाई जा रही ट्रेनें
Updated Wed, 04 Apr 2018 12:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिम्मेदारों ने फिश प्लेट लगाई और भूल गए दुरुस्त करना
सीतापुर। चटकी पटरी पर ढीले कल-पुर्जों के सहारे फिश प्लेट बांधकर रेल ट्रैक पर ट्रेनें दौड़ाई जा रही हैं। मसला गंभीर है। सवाल सैकड़ों मुसाफिरों की जान का है। फिर भी लापरवाही बरती जा रही है। रेलवे अफसरों की यह अनदेखी किसी बड़े हादसे का सबब भी बन सकती है।
हालांकि विभागीय अफसर जानकारी नहीं होने की दुहाई देते हुए जल्द खामी दुरुस्त करने का दावा कर रहे हैं। बालामऊ से बुढ़वल का मार्ग हो, अमृतसर से सहरसा या फिर सीतापुर बुढ़वल से दिल्ली का रूट। इस ट्रैक पर करीब एक दर्जन ट्रेनें रोजाना दौड़ती हैं।
शहर के बीचों-बीच स्थित कचहरी हाल्ट से होकर यह ट्रेनें गुजरती है। लेकिन रेलवे ट्रैक के रखरखाव व मेंटीनेंस को लेकर संजीदगी नहीं दिखाई जा रही है। इसी कचहरी हाल्ट के करीब ओवरब्रिज के नीचे करीब एक माह पूर्व रेल पटरी चटक गई थी।
विज्ञापन
जानकारी मिलने पर जिम्मेदार कचेहरी हाल्ट पर पहुंचे और फिश प्लेट लगाकर वैकल्पिक इंतजाम कर दिया। इसके बाद इस पटरी को दुरुस्त करना मुनासिब नहीं समझा गया। जबकि इस रूट पर प्रतिदिन 10 ट्रेनें गुजरती हैं। वहीं हर तीसरे दिन एक साप्ताहिक ट्रेन भी इसी रूट से गुजरती है।
इसके अलावा तमाम मालगाड़ियां भी इस पटरी से होकर गुजरती हैं। हर दिन हजारों यात्री इसी चटकी पटरी पर दौड़ती ट्रेनों में खतरे का सफर करने को मजबूर हैं। जानकारों का कहना है कि इस लापरवाही की वजह से किसी बड़े हादसे की आशंका से इंकार नही किया जाता है।
दुरुस्त कराई जाएगी पटरी
चटकी रेल पटरी पर फिश प्लेट लगाकर ट्रेन गुजारने की जानकारी नहीं है। जल्द ही उस स्थान को दिखवाया जाएगा और पटरी को दुरुस्त कराया जाएगा।
-संयोग श्रीवास्तव, सहायक मंडलीय इंजीनियर
विज्ञापन
सीतापुर। चटकी पटरी पर ढीले कल-पुर्जों के सहारे फिश प्लेट बांधकर रेल ट्रैक पर ट्रेनें दौड़ाई जा रही हैं। मसला गंभीर है। सवाल सैकड़ों मुसाफिरों की जान का है। फिर भी लापरवाही बरती जा रही है। रेलवे अफसरों की यह अनदेखी किसी बड़े हादसे का सबब भी बन सकती है।
हालांकि विभागीय अफसर जानकारी नहीं होने की दुहाई देते हुए जल्द खामी दुरुस्त करने का दावा कर रहे हैं। बालामऊ से बुढ़वल का मार्ग हो, अमृतसर से सहरसा या फिर सीतापुर बुढ़वल से दिल्ली का रूट। इस ट्रैक पर करीब एक दर्जन ट्रेनें रोजाना दौड़ती हैं।
विज्ञापन
शहर के बीचों-बीच स्थित कचहरी हाल्ट से होकर यह ट्रेनें गुजरती है। लेकिन रेलवे ट्रैक के रखरखाव व मेंटीनेंस को लेकर संजीदगी नहीं दिखाई जा रही है। इसी कचहरी हाल्ट के करीब ओवरब्रिज के नीचे करीब एक माह पूर्व रेल पटरी चटक गई थी।
विज्ञापन
जानकारी मिलने पर जिम्मेदार कचेहरी हाल्ट पर पहुंचे और फिश प्लेट लगाकर वैकल्पिक इंतजाम कर दिया। इसके बाद इस पटरी को दुरुस्त करना मुनासिब नहीं समझा गया। जबकि इस रूट पर प्रतिदिन 10 ट्रेनें गुजरती हैं। वहीं हर तीसरे दिन एक साप्ताहिक ट्रेन भी इसी रूट से गुजरती है।
इसके अलावा तमाम मालगाड़ियां भी इस पटरी से होकर गुजरती हैं। हर दिन हजारों यात्री इसी चटकी पटरी पर दौड़ती ट्रेनों में खतरे का सफर करने को मजबूर हैं। जानकारों का कहना है कि इस लापरवाही की वजह से किसी बड़े हादसे की आशंका से इंकार नही किया जाता है।
दुरुस्त कराई जाएगी पटरी
चटकी रेल पटरी पर फिश प्लेट लगाकर ट्रेन गुजारने की जानकारी नहीं है। जल्द ही उस स्थान को दिखवाया जाएगा और पटरी को दुरुस्त कराया जाएगा।
-संयोग श्रीवास्तव, सहायक मंडलीय इंजीनियर