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दोपहर बाद कई मतदान केंद्रों पर पसरा रहा सन्नाटा
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श्रावस्ती। लोकसभा चुनाव में रविवार को मतदान के दौरान जिले की दोनों विधानसभा क्षेत्रों में दोपहर बाद कई मतदान केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। यहां हालत यह रहे कि 12 से लेकर शाम तीन बजे तक बूथों पर केवल मतदान कर्मचारी ही दिखाई दे रहे थे। यही कारण रहा कि दोपहर बाद जिले का वोट प्रतिशत पचास फीसदी से भी कम रहा। लेकिन तीन बजे के बाद दोनों विधानसभा क्षेत्रों में वोट प्रतिशत में सुधार हुआ।
लोकसभा चुनाव के दौरान मौसम की मार का असर यह रहा कि दोपहर बारह बजे के बाद जिले में जैसे कि मतदान रुक ही गया हो। इस दौरान कई बूथों पर सन्नाटा पसरा दिखा। यहां सुबह 12 से लेकर शाम तीन बजे तक वोट प्रतिशत स्थिर हो गया।
तेज धूप के चलते मतदाताओं के न पहुंचने से मतदान केंद्र इकौना के अकबरपुर, रघुवीरपुरवा व नरपतपुर के साथ ही जमुनहा के काशीराम पुरवा आदि कई बूथों पर सन्नाटा पसरा रहा। हालात यह रहे कि यहां बूथ पर केवल मतदान कर्मचारी और पुलिस कर्मी ही दिखाई दे रहे थे। लेकिन शाम तीन बजे के बाद धीरे-धीरे बूथों की रौनक फिर से लौट आई और लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
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घूंघट की ओट से दिया वोट
श्रावस्ती। घूंघट की ओट से भी वोट की चोट देने के लिए कई नई बहुएं मतदान करने पहुंचीं। ऐसे ही तेंदुआ रतनपुर में दो बहुएं अपनी सास के साथ अपनी ससुराल में पहली बार मतदान करने के लिए आई थीं। चेहरे पर घूंघट का पर्दा जरूर था, लेकिन मन में मजबूत लोकतंत्र का हौसला भी था। साथ आईं गिरिजा देवी ने बताया कि उनके घर में सभी लोगों ने मतदान किया है। बहुएं भी मतदान के लिए सुबह से तैयार थीं। इसीलिए उन्हें मतदान केंद्र लाई हूं। वह अपनी मर्जी से जिसको चाहे वोट दे सकती हैं।
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लोकसभा चुनाव के दौरान मौसम की मार का असर यह रहा कि दोपहर बारह बजे के बाद जिले में जैसे कि मतदान रुक ही गया हो। इस दौरान कई बूथों पर सन्नाटा पसरा दिखा। यहां सुबह 12 से लेकर शाम तीन बजे तक वोट प्रतिशत स्थिर हो गया।
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तेज धूप के चलते मतदाताओं के न पहुंचने से मतदान केंद्र इकौना के अकबरपुर, रघुवीरपुरवा व नरपतपुर के साथ ही जमुनहा के काशीराम पुरवा आदि कई बूथों पर सन्नाटा पसरा रहा। हालात यह रहे कि यहां बूथ पर केवल मतदान कर्मचारी और पुलिस कर्मी ही दिखाई दे रहे थे। लेकिन शाम तीन बजे के बाद धीरे-धीरे बूथों की रौनक फिर से लौट आई और लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
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घूंघट की ओट से दिया वोट
श्रावस्ती। घूंघट की ओट से भी वोट की चोट देने के लिए कई नई बहुएं मतदान करने पहुंचीं। ऐसे ही तेंदुआ रतनपुर में दो बहुएं अपनी सास के साथ अपनी ससुराल में पहली बार मतदान करने के लिए आई थीं। चेहरे पर घूंघट का पर्दा जरूर था, लेकिन मन में मजबूत लोकतंत्र का हौसला भी था। साथ आईं गिरिजा देवी ने बताया कि उनके घर में सभी लोगों ने मतदान किया है। बहुएं भी मतदान के लिए सुबह से तैयार थीं। इसीलिए उन्हें मतदान केंद्र लाई हूं। वह अपनी मर्जी से जिसको चाहे वोट दे सकती हैं।