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रेलवे स्टेशन पर जल्द शुरू होगा एस्केलेटर
Updated Wed, 09 May 2018 11:04 PM IST
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रेलवे स्टेशन पर जल्द शुरू होगा एस्केलेटर
सुल्तानपुर। रेलवे स्टेशन पर जल्द ही यात्रियों को एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियां) की सुविधा मिलने लगेगी। स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर दो जोड़ी एस्केलेटर का संचालन शुरू किया जाएगा।
प्लेटफार्म नंबर एक के उत्तरी छोर पर पार्सल घर के पास एस्केलेटर का कार्य तकरीबन पूरा कर लिया गया है, जबकि दक्षिणी छोर पर अधिकारी विश्राम गृह के पास दूसरे एस्केलेटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
रेलवे अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि दो से तीन माह के भीतर शेष काम पूरा कर लिया जाएगा। एस्केलेटर का निर्माण पूरा होने से करीब पांच हजार यात्रियों को प्लेटफार्म बदलने में सहूलियत होगी।
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मॉडल स्टेशन की श्रेणी में शामिल सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। सुल्तानपुर स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक के उत्तरी छोर पर पार्सल घर के पास व दक्षिणी छोर पर अधिकारी विश्राम गृह के पास स्वचालित सीढ़ियां लगाने को लेकर रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद पिछले वर्ष प्रोजेक्ट का ड्राइंग तैयार किया गया था।
ड्राइंग मैप उच्च स्तर पर स्वीकृत होने के बाद जंक्शन पर एस्केलेटर लगाने का कार्य करीब छह माह पूर्व शुरू कर दिया गया था। प्लेटफार्म नंबर एक के उत्तरी छोर पर पार्सल घर के पास निर्माणाधीन एस्केलेटर के आधार पिलर और अन्य कार्य पहले ही पूरे कर लिए गए हैं।
यहां सीढ़ियां भी तकरीबन सेट की जा चुकी हैं। वहीं, इसी प्लेटफार्म के दक्षिणी छोर के अधिकारी विश्राम गृह के पास दूसरे एस्केलेटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अभी यहां के एस्केलेटर के लिए पिलर की ढलाई का कार्य पूरा हुआ है।
आधार पिलर व अन्य तकनीकी कार्य पूरा होने के बाद ऊपर फुट ओवरब्रिज व नीचे प्लेटफार्म से मिलाने का कार्य किया जाएगा। दोनों एस्केलेटर का शेष कार्य पूरा होने के बाद संचालन के पूर्व इनका ट्रायल किया जाएगा।
ट्रायल रेलवे के उच्चाधिकारियों के समक्ष होगा। दोनों का निर्माण कार्य पूरा होने में अभी करीब दो माह का समय लगने की संभावना है। सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब 20 से अधिक ट्रेनों का संचालन किया जाता है।
यहां से रोजाना करीब 5000 यात्री सफर करते हैं। मौजूदा समय में स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो व तीन से बाहर निकलने के लिए दो फुट ओवरब्रिज प्रयोग में लाए जा रहे हैं। ट्रेन आते ही फुट ओवरब्रिज पर भीड़ बढ़ जाती है।
इस दौरान प्लेटफार्म नंबर एक को पार करके बाहर निकलने के लिए यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐेसे में एस्केलेटर के संचालन से यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों की मानें तो ट्रेनों की आवाजाही के समय स्टेशन पर बढ़ने वाला यात्रियों का दबाव भी कम होगा। इलेक्ट्रिकल व इंजीनियरिंग विभाग की टीम निर्माण कार्य पूरा करने में जुटी है। रोजाना करीब पांच हजार यात्रियों को एस्केलेटर का लाभ मिलेगा।
रेलवे के इलेक्ट्रिकल विभाग के सीनियर सेक्शन इंजीनियर एससी द्विवेदी ने बताया कि, एस्केलेटर के फाउंडेशन व पिलर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। इलेक्ट्रिकल व इंजीनियरिंग विभाग की देखरेख में सीढ़ियों व शेड समेत अन्य कार्य पूरे किए जाने हैं।
विद्युत आपूर्ति व्यवस्था का कार्य अभी शेष है। इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। सारे कार्य पूर्ण होने पर उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में एस्केलेटर के संचालन का ट्रायल किया जाएगा।
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सुल्तानपुर। रेलवे स्टेशन पर जल्द ही यात्रियों को एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियां) की सुविधा मिलने लगेगी। स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर दो जोड़ी एस्केलेटर का संचालन शुरू किया जाएगा।
प्लेटफार्म नंबर एक के उत्तरी छोर पर पार्सल घर के पास एस्केलेटर का कार्य तकरीबन पूरा कर लिया गया है, जबकि दक्षिणी छोर पर अधिकारी विश्राम गृह के पास दूसरे एस्केलेटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
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रेलवे अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि दो से तीन माह के भीतर शेष काम पूरा कर लिया जाएगा। एस्केलेटर का निर्माण पूरा होने से करीब पांच हजार यात्रियों को प्लेटफार्म बदलने में सहूलियत होगी।
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मॉडल स्टेशन की श्रेणी में शामिल सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। सुल्तानपुर स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक के उत्तरी छोर पर पार्सल घर के पास व दक्षिणी छोर पर अधिकारी विश्राम गृह के पास स्वचालित सीढ़ियां लगाने को लेकर रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद पिछले वर्ष प्रोजेक्ट का ड्राइंग तैयार किया गया था।
ड्राइंग मैप उच्च स्तर पर स्वीकृत होने के बाद जंक्शन पर एस्केलेटर लगाने का कार्य करीब छह माह पूर्व शुरू कर दिया गया था। प्लेटफार्म नंबर एक के उत्तरी छोर पर पार्सल घर के पास निर्माणाधीन एस्केलेटर के आधार पिलर और अन्य कार्य पहले ही पूरे कर लिए गए हैं।
यहां सीढ़ियां भी तकरीबन सेट की जा चुकी हैं। वहीं, इसी प्लेटफार्म के दक्षिणी छोर के अधिकारी विश्राम गृह के पास दूसरे एस्केलेटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अभी यहां के एस्केलेटर के लिए पिलर की ढलाई का कार्य पूरा हुआ है।
आधार पिलर व अन्य तकनीकी कार्य पूरा होने के बाद ऊपर फुट ओवरब्रिज व नीचे प्लेटफार्म से मिलाने का कार्य किया जाएगा। दोनों एस्केलेटर का शेष कार्य पूरा होने के बाद संचालन के पूर्व इनका ट्रायल किया जाएगा।
ट्रायल रेलवे के उच्चाधिकारियों के समक्ष होगा। दोनों का निर्माण कार्य पूरा होने में अभी करीब दो माह का समय लगने की संभावना है। सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब 20 से अधिक ट्रेनों का संचालन किया जाता है।
यहां से रोजाना करीब 5000 यात्री सफर करते हैं। मौजूदा समय में स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो व तीन से बाहर निकलने के लिए दो फुट ओवरब्रिज प्रयोग में लाए जा रहे हैं। ट्रेन आते ही फुट ओवरब्रिज पर भीड़ बढ़ जाती है।
इस दौरान प्लेटफार्म नंबर एक को पार करके बाहर निकलने के लिए यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐेसे में एस्केलेटर के संचालन से यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों की मानें तो ट्रेनों की आवाजाही के समय स्टेशन पर बढ़ने वाला यात्रियों का दबाव भी कम होगा। इलेक्ट्रिकल व इंजीनियरिंग विभाग की टीम निर्माण कार्य पूरा करने में जुटी है। रोजाना करीब पांच हजार यात्रियों को एस्केलेटर का लाभ मिलेगा।
रेलवे के इलेक्ट्रिकल विभाग के सीनियर सेक्शन इंजीनियर एससी द्विवेदी ने बताया कि, एस्केलेटर के फाउंडेशन व पिलर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। इलेक्ट्रिकल व इंजीनियरिंग विभाग की देखरेख में सीढ़ियों व शेड समेत अन्य कार्य पूरे किए जाने हैं।
विद्युत आपूर्ति व्यवस्था का कार्य अभी शेष है। इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। सारे कार्य पूर्ण होने पर उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में एस्केलेटर के संचालन का ट्रायल किया जाएगा।