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गेहूं किसानों का 28 करोड़ क्रय केंद्रों में फंसा
Updated Wed, 13 Jun 2018 11:16 PM IST
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बहराइच। गेहूं खरीद का भुगतान न होने से किसान परेशान हैं। जिले में एफसीआई द्वारा बार-बार भुगतान का प्रारूप बदलने से लगभग 28 करोड़ रुपये किसानों का क्रय केंद्रों पर फंसा हुआ है। अधिकारी चार-पांच में भुगतान कराने का दावा कर रहे हैं।
रवी खरीद में मूल्य समर्थन योजना के तहत योगी सरकार ने बहराइच जनपद में एक लाख 37 हजार 700 मीट्ररिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था। गेहूं खरीद के लक्ष्य को पूरा करने के लिए छह क्रय एजेंसियों के माध्यम से 147 क्रय केंद्र स्थापित किए गए थे।
इसमें सबसे अधिक पीसीएफ के 90 क्रय केंद्र स्थापित हैं। पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर किसानों का लगभग 18 करोड़ 52 लाख रुपये बाकी है। पीसीयू के 35 क्रय केंद्रों पर नौ करोड़ 31 लाख, एमसीसीएफ के दो क्रेद्रों पर 20 लाख और यूपी एग्रो के क्रय केंद्रों पर पांच लाख रुपये की रकम फंसी हुई है।
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लगभग 800 किसानों को उनकी बेची उपज का भुगतान किया जाना है। अधिकारियों का कहना है कि एफसीआई की ओर से बार-बार भुगतान के लिए प्रारूप बदल दिया जा रहा था। इसी से समस्या पैदा हुई है।
पांच दिन में होगा भुगतान
एफसीआई के गोदामों पर क्रय केंद्रों से भेजे जाने वाले गेहूं को रखा जाता है। लेकिन यहां से मिलने वाले भुगतान के प्रारूप को कई बार बदला जा चुका है। इससे काफी दिक्कत हुई है। अब व्यवस्था पटरी पर आ गई है। चार-पांच दिन में भुगतान कर दिया जाएगा।
-विपिन कुमार, अपर नोडल अधिकारी
पिछले साल से अधिक रही गेहूं खरीद
बहराइच के 21 हजार 66 किसानों से अभी तक एक लाख पांच हजार मीट्रिक टन खरीद की जा चुकी है। अगर पिछले साल के आंकड़ों पर गौर करें तो महज 76 हजार 192 मीट्रिक टन ही गेहूं खरीद हुई थी।
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रवी खरीद में मूल्य समर्थन योजना के तहत योगी सरकार ने बहराइच जनपद में एक लाख 37 हजार 700 मीट्ररिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था। गेहूं खरीद के लक्ष्य को पूरा करने के लिए छह क्रय एजेंसियों के माध्यम से 147 क्रय केंद्र स्थापित किए गए थे।
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इसमें सबसे अधिक पीसीएफ के 90 क्रय केंद्र स्थापित हैं। पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर किसानों का लगभग 18 करोड़ 52 लाख रुपये बाकी है। पीसीयू के 35 क्रय केंद्रों पर नौ करोड़ 31 लाख, एमसीसीएफ के दो क्रेद्रों पर 20 लाख और यूपी एग्रो के क्रय केंद्रों पर पांच लाख रुपये की रकम फंसी हुई है।
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लगभग 800 किसानों को उनकी बेची उपज का भुगतान किया जाना है। अधिकारियों का कहना है कि एफसीआई की ओर से बार-बार भुगतान के लिए प्रारूप बदल दिया जा रहा था। इसी से समस्या पैदा हुई है।
पांच दिन में होगा भुगतान
एफसीआई के गोदामों पर क्रय केंद्रों से भेजे जाने वाले गेहूं को रखा जाता है। लेकिन यहां से मिलने वाले भुगतान के प्रारूप को कई बार बदला जा चुका है। इससे काफी दिक्कत हुई है। अब व्यवस्था पटरी पर आ गई है। चार-पांच दिन में भुगतान कर दिया जाएगा।
-विपिन कुमार, अपर नोडल अधिकारी
पिछले साल से अधिक रही गेहूं खरीद
बहराइच के 21 हजार 66 किसानों से अभी तक एक लाख पांच हजार मीट्रिक टन खरीद की जा चुकी है। अगर पिछले साल के आंकड़ों पर गौर करें तो महज 76 हजार 192 मीट्रिक टन ही गेहूं खरीद हुई थी।