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दशरथ और जनक के संबंधों की साक्षी बनी अयोध्या
Updated Sun, 13 May 2018 12:32 AM IST
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अयोध्या। समधियाने से शनिवार सुबह रिश्तों की बस आई तो अयोध्या चहक उठीं। अगवानी कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाराज दशरथ और जनक के संबंधों का साक्षी बनने का अवसर मिला है। जनकपुर से अयोध्याधाम, पशुपतिनाथ से काशी विश्वनाथ, मुक्तिनाथ समेत अनेक कड़ियां संबंधों को जोड़ती है, जो राजनीतिक संबंधों से और मजबूत होती है।
जब मुख्यमंत्री स्वागत कर थे तो सिया-राम की झांकी संग ढोल-नगाड़े पर अयोध्यावासी भी थिरकते दिखे। चारों तरफ ऐसा उल्लास था। दो बसों में यात्रियों संग आए नेपाल के प्रदेश नबंर दो के दो मंत्रियों सरोज कुशवाहा, उषा यादव व जनकपुर की उपमहापौर गीता कुमारी मिश्रा ने कहा कि वे स्वागत से अभिभूत हैं.. एक बार फिर रामायणकालीन संबंध पुनर्जीवित हुए हैं। जब तक संसार रहेगा तब तक नेपाल-भारत संबंध बना रहेगा।
जनकपुर से अयोध्या तक सीधी बस सेवा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। अयोध्या में इसकी अगवानी करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तमाम मंत्रियों व अफसरों के साथ पहुंचे। 10 घंटे के सफर के बाद दो एसी बसों में सवार नेपाल के दो मंत्रियों समेत कुल 66 यात्री सुबह ठीक 8:50 बजे रामकथा पार्क पहुंचे।
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नया घाट से ही बस के आगे जनकपुर की झांकी तो पीछे अयोध्या की थीम पर सजी झांकी में कलाकार लोगों को बरबस ही मंत्रमुग्ध कर रहे थे। ढोल-नगाड़े के बीच हर कोई समधियाने आए रिश्तेदारों के स्वागत में पलक पांवड़े बिछाए दिखा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ठीक 9:12 बजे रामकथा पार्क पहुंचे, जहां नेपाल से आए मंत्रियों समेत सभी 66 यात्रियों का नेपाली भाषा में अनुवादित रामचरित मानस व अंगवस्त्र देकर स्वागत-सत्कार किया।
मुख्यमंत्री ने कुशल-क्षेम भी पूछी। नेपाल व भारत के हजारों साल पुराने सांस्कृतिक रिश्तों पर वहां के मंत्रियों से बातचीत की। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री सतीश महाना, पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, प्रमुख सचिव पर्यटन एके अवस्थी, परिवहन आयुक्त पी गुरुप्रसाद, कमिश्नर मनोज मिश्र, डीआईजी ओंकार सिंह, डीएम अनिल पाठक ने जनकपुर से आए मंत्रियों व यात्रियों की हाल-चाल पूछे।
पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने बस में जाकर हाल-पूछा। कहा कि जनकपुर से माता सीता की महक पाकर वह आह्लादित है। यह समधियाने का रिश्ता है, रोटी-बेटी का रिश्ता है। नेपाल से आईं मंत्री उषा यादव से बोलीं कि-हम आपका स्वागत करते हैं तो, माता जनकनंदिनी का स्वागत करते हैं। गलभेंटी करते हुए नेपाल से आईं मंत्री उषा यादव बोलीं-जनक नंदिनी व राम से जोड़ा हुआ यह संबंध है, जबतक संसार रहेगा, नेपाल और भारत संबंध कभी नहीं टूटेगा।
नेपाल से आए सुरक्षा मंत्री सरोज कुशवाहा ने कहा कि नेपाल के जनकपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक स्वागत हुआ, उन्हें देखने व सुनने के लिए लाखों लोग आए। उनके ही प्रयास से नए धार्मिक रिश्तों की शुरूआत हुई है, इससे वो महापुरुषों की श्रेणी में आ गए हैं। बताया कि दो बसों में एक में 34 तो दूसरे में 32 कुल 66 यात्रियों के साथ हम सब अयोध्या आए हैं।
आज फिर से रामायणकालीन अयोध्या का संबंध पुनर्जीवन प्राप्त किया है। बस सेवा राम-सिया के अटूट रिश्ते की तरह चलेगी। दिक्कतों पर दोनों देश व संबंधित प्रदेश मिलकर समाधान निकालेंगें। हमारा 10 घंटे का सफर कब बीत गया, पता नहीं चला। रास्ते में बिहार व यूपी सरकार समेत लोगों ने खूब स्वागत किया। जनकपुर की उपमहापौर गीता कुमारी मिश्रा ने कहा कि सभी यात्री अयोध्या आकर खुश हैं। यहां भी जनकपुर की तरह राममंदिर का भव्य निर्माण प्रतीक्षित है।
जनकपुर से आईं बुजुर्ग विमला देवी ठाकुर अश्रुपूरित नयनों से कहतीं हैं कि अयोध्या आने की लालसा में वो कई दिनों से ठीक से सो भी नहीं पाई हैं, उनका मन व आत्मा सिर्फ भगवान राम के दर्शन को प्यासा है। बुजुर्ग लक्ष्मण शाह कहते हैं कि अयोध्या प्रवेश करते ही सरयू नदी की शीतल हवा से शांति मिली है, उतनी शांति जीवन में शायद ही कभी भी मिली हो।
शिवकुमार झा ने कहा कि बस सेवा बहुत जरूरी थी, भारत व नेपाल से लाखों लोग मंदिर में दर्शन पूजन को आते हैं। माधुरी ने कहा कि माता सीता के ससुराल व श्रीराम की नगरी अयोध्या आकर उनका जीवन धन्य हो गया।
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जब मुख्यमंत्री स्वागत कर थे तो सिया-राम की झांकी संग ढोल-नगाड़े पर अयोध्यावासी भी थिरकते दिखे। चारों तरफ ऐसा उल्लास था। दो बसों में यात्रियों संग आए नेपाल के प्रदेश नबंर दो के दो मंत्रियों सरोज कुशवाहा, उषा यादव व जनकपुर की उपमहापौर गीता कुमारी मिश्रा ने कहा कि वे स्वागत से अभिभूत हैं.. एक बार फिर रामायणकालीन संबंध पुनर्जीवित हुए हैं। जब तक संसार रहेगा तब तक नेपाल-भारत संबंध बना रहेगा।
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जनकपुर से अयोध्या तक सीधी बस सेवा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। अयोध्या में इसकी अगवानी करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तमाम मंत्रियों व अफसरों के साथ पहुंचे। 10 घंटे के सफर के बाद दो एसी बसों में सवार नेपाल के दो मंत्रियों समेत कुल 66 यात्री सुबह ठीक 8:50 बजे रामकथा पार्क पहुंचे।
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नया घाट से ही बस के आगे जनकपुर की झांकी तो पीछे अयोध्या की थीम पर सजी झांकी में कलाकार लोगों को बरबस ही मंत्रमुग्ध कर रहे थे। ढोल-नगाड़े के बीच हर कोई समधियाने आए रिश्तेदारों के स्वागत में पलक पांवड़े बिछाए दिखा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ठीक 9:12 बजे रामकथा पार्क पहुंचे, जहां नेपाल से आए मंत्रियों समेत सभी 66 यात्रियों का नेपाली भाषा में अनुवादित रामचरित मानस व अंगवस्त्र देकर स्वागत-सत्कार किया।
मुख्यमंत्री ने कुशल-क्षेम भी पूछी। नेपाल व भारत के हजारों साल पुराने सांस्कृतिक रिश्तों पर वहां के मंत्रियों से बातचीत की। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री सतीश महाना, पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, प्रमुख सचिव पर्यटन एके अवस्थी, परिवहन आयुक्त पी गुरुप्रसाद, कमिश्नर मनोज मिश्र, डीआईजी ओंकार सिंह, डीएम अनिल पाठक ने जनकपुर से आए मंत्रियों व यात्रियों की हाल-चाल पूछे।
पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने बस में जाकर हाल-पूछा। कहा कि जनकपुर से माता सीता की महक पाकर वह आह्लादित है। यह समधियाने का रिश्ता है, रोटी-बेटी का रिश्ता है। नेपाल से आईं मंत्री उषा यादव से बोलीं कि-हम आपका स्वागत करते हैं तो, माता जनकनंदिनी का स्वागत करते हैं। गलभेंटी करते हुए नेपाल से आईं मंत्री उषा यादव बोलीं-जनक नंदिनी व राम से जोड़ा हुआ यह संबंध है, जबतक संसार रहेगा, नेपाल और भारत संबंध कभी नहीं टूटेगा।
नेपाल से आए सुरक्षा मंत्री सरोज कुशवाहा ने कहा कि नेपाल के जनकपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक स्वागत हुआ, उन्हें देखने व सुनने के लिए लाखों लोग आए। उनके ही प्रयास से नए धार्मिक रिश्तों की शुरूआत हुई है, इससे वो महापुरुषों की श्रेणी में आ गए हैं। बताया कि दो बसों में एक में 34 तो दूसरे में 32 कुल 66 यात्रियों के साथ हम सब अयोध्या आए हैं।
आज फिर से रामायणकालीन अयोध्या का संबंध पुनर्जीवन प्राप्त किया है। बस सेवा राम-सिया के अटूट रिश्ते की तरह चलेगी। दिक्कतों पर दोनों देश व संबंधित प्रदेश मिलकर समाधान निकालेंगें। हमारा 10 घंटे का सफर कब बीत गया, पता नहीं चला। रास्ते में बिहार व यूपी सरकार समेत लोगों ने खूब स्वागत किया। जनकपुर की उपमहापौर गीता कुमारी मिश्रा ने कहा कि सभी यात्री अयोध्या आकर खुश हैं। यहां भी जनकपुर की तरह राममंदिर का भव्य निर्माण प्रतीक्षित है।
जनकपुर से आईं बुजुर्ग विमला देवी ठाकुर अश्रुपूरित नयनों से कहतीं हैं कि अयोध्या आने की लालसा में वो कई दिनों से ठीक से सो भी नहीं पाई हैं, उनका मन व आत्मा सिर्फ भगवान राम के दर्शन को प्यासा है। बुजुर्ग लक्ष्मण शाह कहते हैं कि अयोध्या प्रवेश करते ही सरयू नदी की शीतल हवा से शांति मिली है, उतनी शांति जीवन में शायद ही कभी भी मिली हो।
शिवकुमार झा ने कहा कि बस सेवा बहुत जरूरी थी, भारत व नेपाल से लाखों लोग मंदिर में दर्शन पूजन को आते हैं। माधुरी ने कहा कि माता सीता के ससुराल व श्रीराम की नगरी अयोध्या आकर उनका जीवन धन्य हो गया।