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हैंडपंप रिबोरिंग में फर्जीवाड़ा
Updated Sun, 25 Mar 2018 12:04 AM IST
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हैंडपंप रिबोरिंग में फर्जीवाड़ा, पाइप चोरी भी पकड़ी
रायबरेली। गर्मी में गांवों में लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने की मंशा तार-तार नजर आ रही है। विभाग ने 3,634 में से 2,865 हैंडपंपों को रिबोर कराने का दावा किया है।
सीडीओ के निर्देश पर रिबोर हैंडपंपों की जांच कराई गई तो रिबोरिंग में फर्जीवाड़ा उजागर हो गया। बिना रिबोरिंग के ही भुगतान ले लिया गया।
जलनिगम से तय गहराई भी कम मिली। मामले में लालगंज के बीडीओ और गलत सूचना देने पर लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शासन ने ग्राम पंचायतों को हैंडपंपों के मरम्मत के साथ ही रिबोरिंग की जिम्मेदारी भी दे दी है। डीपीआरओ ने अब तक 3,634 हैंडपंपों में 2,865 हैंडपंपों की रिबोरिंग कराने की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
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शिकायत मिलने के बाद डीडीओ ने लालगंज क्षेत्र के कई गांवों में हैंडपंपों की जांच कराई तो सच्चाई उजागर हो गई। जलनिगम की टीम ने की जांच में पाया गया कि नरपत का पुरवा में सांसद निधि से लगवाए गए हैंडपंप में अब तक प्लेटफार्म तक नहीं बनवाया गया है।
जलनिगम का दावा है कि हैंडपंप की गहराई 180 से 200 फिट तक रखी जाती है। हैंडपंप की गहराई नापी गई तो मात्र 173 फिट मिली। 110 फिट ही जीआई पाइप डाली गई।
टीम ने लालगंज क्षेत्र के कुम्हौरा में रामकरन के दरवाजे रिबोर किए गए हैंडपंप को चेक किया गया तो रिबोरिंग की पुष्टि नहीं हुई। इसकी गहराई भी मात्र 162 फिट मिली।
हैंडपंप में समरसिबल लगी मिली। इसके अलावा कई और रिबोर किए गए हैंडपंपों की जांच की तो मनमानी उजागर हो गई।
बिना रिबोरिंग किए ही भुगतान लेने के मामले पकड़ में आए। पूर्व में सत्यापन भी लघु सिंचाई विभाग से कराया गया जिसमें अधिकारियों से हैंडपंपों की रिबोरिंग की रिपोर्ट दे दी थी।
जांच रिपोर्ट आने के बाद डीडीओ मामले को गंभीरता से लेते हुए लालगंज के खंड विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस दिया है।
उन्होंने लघु सिंचाई विभाग के एई से भी जवाब मांगा है। इसके अलावा लघु सिंचाई विभाग के लालगंज के अवर अभियंता से बीडीओ के माध्यम से जवाब मांगा गया है।
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रायबरेली। गर्मी में गांवों में लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने की मंशा तार-तार नजर आ रही है। विभाग ने 3,634 में से 2,865 हैंडपंपों को रिबोर कराने का दावा किया है।
सीडीओ के निर्देश पर रिबोर हैंडपंपों की जांच कराई गई तो रिबोरिंग में फर्जीवाड़ा उजागर हो गया। बिना रिबोरिंग के ही भुगतान ले लिया गया।
जलनिगम से तय गहराई भी कम मिली। मामले में लालगंज के बीडीओ और गलत सूचना देने पर लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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शासन ने ग्राम पंचायतों को हैंडपंपों के मरम्मत के साथ ही रिबोरिंग की जिम्मेदारी भी दे दी है। डीपीआरओ ने अब तक 3,634 हैंडपंपों में 2,865 हैंडपंपों की रिबोरिंग कराने की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
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शिकायत मिलने के बाद डीडीओ ने लालगंज क्षेत्र के कई गांवों में हैंडपंपों की जांच कराई तो सच्चाई उजागर हो गई। जलनिगम की टीम ने की जांच में पाया गया कि नरपत का पुरवा में सांसद निधि से लगवाए गए हैंडपंप में अब तक प्लेटफार्म तक नहीं बनवाया गया है।
जलनिगम का दावा है कि हैंडपंप की गहराई 180 से 200 फिट तक रखी जाती है। हैंडपंप की गहराई नापी गई तो मात्र 173 फिट मिली। 110 फिट ही जीआई पाइप डाली गई।
टीम ने लालगंज क्षेत्र के कुम्हौरा में रामकरन के दरवाजे रिबोर किए गए हैंडपंप को चेक किया गया तो रिबोरिंग की पुष्टि नहीं हुई। इसकी गहराई भी मात्र 162 फिट मिली।
हैंडपंप में समरसिबल लगी मिली। इसके अलावा कई और रिबोर किए गए हैंडपंपों की जांच की तो मनमानी उजागर हो गई।
बिना रिबोरिंग किए ही भुगतान लेने के मामले पकड़ में आए। पूर्व में सत्यापन भी लघु सिंचाई विभाग से कराया गया जिसमें अधिकारियों से हैंडपंपों की रिबोरिंग की रिपोर्ट दे दी थी।
जांच रिपोर्ट आने के बाद डीडीओ मामले को गंभीरता से लेते हुए लालगंज के खंड विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस दिया है।
उन्होंने लघु सिंचाई विभाग के एई से भी जवाब मांगा है। इसके अलावा लघु सिंचाई विभाग के लालगंज के अवर अभियंता से बीडीओ के माध्यम से जवाब मांगा गया है।