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गाजी की दरगाह पर जायरीन ने की जियारत
Updated Sun, 21 Jan 2018 10:49 PM IST
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बहराइच। सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर बसंत मेला परंपरागत तरीके से शुरू हो गया है। मुख्य मेला रविवार को हुआ। मेले में पहुंचे जायरीन गाजी बाबा का जयकारा लगाते हुए मजार शरीफ पर हाजिरी लगा रहे हैं।
मेले मेें पहुंचने वाले जायरीन को खिचड़ी परोसी गई। फल-फूल की डालियां भी पेश की गईं। चित्तौरा झील से जायरीन पैदल गाजी की दरगाह पर पहुंचे। दरगाह परिसर में दुकानें सज गई हैं।
सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर तीन दिवसीय बसंत मेले की शुरुआत शनिवार को औपचारिकताओं के बीच हुई थी। मुख्य मेला रविवार को हुआ।
इस दौरान सैकड़ों की संख्या में पहुंचे जायरीन ने नाल दरवाजे से होकर गाजी की मजार पर पहुंचकर हाजिरी लगाई। अमन चैन और खुशहाली की दुआएं मांगी।
मुख्य मेले में शामिल होने के लिए चित्तौरा झील के तट पर जायरीन सुबह से ही पहुंचने लगे। झील में स्नान के बाद जायरीन निशान लेकर दरगाह में हाजिरी लगा रहे हैं।
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दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद, पूर्व नगर पालिका चेयरमैन हाजी रेहान, प्रबंध समिति के नायब सदर बकाउल्ला, गिरदावर अजमतउल्ला, सदस्य बच्चे भारती, मकसूद रायनी और दरगाह के खादिमों ने फल-फूल व सब्जियों की डाली परंपरा के मुताबिक गाजी सरकार की मजार पर पेश की।
मौलाना अरशदुल कादरी की सदारत में अमन-चैन की दुआ की गई। अध्यक्ष ने बताया कि मुख्य मेले में रविवार दोपहर बाद जायरीन की संख्या एक लाख से अधिक रही।
तीन मई से शुरू होगा जेठ मेला
दरगाह शरीफ के बसंत मेले में कमेटी की ओर से जेठ मेले की घोषणा की गई। अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि एक माह तक चलने वाला जेठ मेला तीन मई से शुरू होगा।
मुख्य मेला छह मई रविवार को होगा। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाली बारातों द्वारा गाजी की दरगाह पर जियारत की जाएगी।
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मेले मेें पहुंचने वाले जायरीन को खिचड़ी परोसी गई। फल-फूल की डालियां भी पेश की गईं। चित्तौरा झील से जायरीन पैदल गाजी की दरगाह पर पहुंचे। दरगाह परिसर में दुकानें सज गई हैं।
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सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर तीन दिवसीय बसंत मेले की शुरुआत शनिवार को औपचारिकताओं के बीच हुई थी। मुख्य मेला रविवार को हुआ।
इस दौरान सैकड़ों की संख्या में पहुंचे जायरीन ने नाल दरवाजे से होकर गाजी की मजार पर पहुंचकर हाजिरी लगाई। अमन चैन और खुशहाली की दुआएं मांगी।
मुख्य मेले में शामिल होने के लिए चित्तौरा झील के तट पर जायरीन सुबह से ही पहुंचने लगे। झील में स्नान के बाद जायरीन निशान लेकर दरगाह में हाजिरी लगा रहे हैं।
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दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद, पूर्व नगर पालिका चेयरमैन हाजी रेहान, प्रबंध समिति के नायब सदर बकाउल्ला, गिरदावर अजमतउल्ला, सदस्य बच्चे भारती, मकसूद रायनी और दरगाह के खादिमों ने फल-फूल व सब्जियों की डाली परंपरा के मुताबिक गाजी सरकार की मजार पर पेश की।
मौलाना अरशदुल कादरी की सदारत में अमन-चैन की दुआ की गई। अध्यक्ष ने बताया कि मुख्य मेले में रविवार दोपहर बाद जायरीन की संख्या एक लाख से अधिक रही।
तीन मई से शुरू होगा जेठ मेला
दरगाह शरीफ के बसंत मेले में कमेटी की ओर से जेठ मेले की घोषणा की गई। अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि एक माह तक चलने वाला जेठ मेला तीन मई से शुरू होगा।
मुख्य मेला छह मई रविवार को होगा। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाली बारातों द्वारा गाजी की दरगाह पर जियारत की जाएगी।