फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   11-member committee formed to consider Nazul Bill in UP CM Yogi as chairman Keshav Maurya will be member

UP: नजूल विधेयक पर विचार करने के लिए 11 सदस्यीय प्रवर समिति गठित, सीएम योगी सभापति... केशव मौर्य होंगे सदस्य

Tue, 04 Mar 2025 12:37 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 04 Mar 2025 12:37 PM IST
सार

यूपी में नजूल विधेयक पर विचार करने के लिए 11 सदस्यीय प्रवर समिति गठित की गई है। इसमें सीएम योगी सभापति और केशव मौर्य सदस्य होंगे। 

विज्ञापन
11-member committee formed to consider Nazul Bill in UP CM Yogi as chairman Keshav Maurya will be member
सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

राजधानी लखनऊ स्थित विधान परिषद ने उत्तर प्रदेश नजूल संपत्ति (लोक प्रयोजनार्थ प्रबंध और उपयोग) विधेयक, 2024 पर विचार करने के लिए 11 सदस्यीय प्रवर समिति का गठन कर दिया है। इस समिति के सभापति सीएम योगी आदित्यनाथ होंगे, जबकि डिप्टी सीएम व विधान परिषद में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य को पदेन सदस्य नामित किया गया है। इस संबंध में विधान परिषद के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश सिंह ने अधिसूचना जारी कर दी है।

विज्ञापन


जारी अधिसूचना के अनुसार, इस समिति का कार्यकाल दो माह का होगा। यहां बता दें कि ये विधेयक विधानसभा में पास हो चुका है। लेकिन, एक अगस्त 2024 को जब विधान परिषद में लाया गया तो इसे प्रवर समिति को भेजने का फैसला हुआ। 
विज्ञापन


विधान परिषद की गठित प्रवर समिति में डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त, लालजी प्रसाद निर्मल, डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, डॉ. केपी श्रीवास्तव, आशुतोष सिन्हा, विच्छे लाल राम, योगेश चौधरी, ध्रुव कुमार त्रिपाठी और राज बहादुर सिंह चंदेल को सदस्य नामित किया गया है। यहां बता दें कि विधानसभा में भी सत्ता पक्ष के कुछ सदस्यों ने इस विधेयक को प्रवर समिति को सौंपने की मांग की थी, लेकिन वहां से यह पास हो गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है विधेयक

उत्तर प्रदेश नजूल सम्पत्ति विधेयक, 2024 के अनुसार, उत्तर प्रदेश में स्थित नजूल भूमियों का निजी व्यक्ति या निजी संस्था के पक्ष में पूर्ण स्वामित्व के रूप में प्रतिवर्तन (हक) नहीं किया जाएगा। नजूल भूमि के पूर्ण स्वामित्व परिवर्तन संबंधी किसी भी न्यायालय की कार्यवाही या प्राधिकारी के समक्ष आवेदन निरस्त हो जाएंगे और अस्वीकृत समझे जाएंगे। 



यदि इस संबंध में कोई धनराशि जमा की गई है, तो ऐसे जमा किए जाने की तारीख से उसे भारतीय स्टेट बैंक की मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) की ब्याज दर पर धनराशि वापस की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed