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सुख और समृद्धि के लिए की गोवर्धन पूजा
Updated Sat, 21 Oct 2017 11:48 PM IST
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रायबरेली। दीपावली के बाद शुक्रवार को हिंदू परिवारों ने उल्लास के साथ गोवर्धन पूजा की। महिलाओं ने गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर विधिविधान से पूजा-अर्चना की और सुख और समृद्धि का वरदान मांगा। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण व गाय की पूजा की गई।
दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। लोग इसे अन्नकूट के नाम से भी जानते है। गोवर्धन पूजा में गोधन यानी गायों की पूजा की जाती है। गाय को देवी लक्ष्मी का स्वरूप भी कहा गया है। मान्यता है कि देवी लक्ष्मी जिस प्रकार सुख समृद्धि प्रदान करती हैं, उसी प्रकार गौ माता भी अपने दूध से स्वास्थ्य रूपी धन प्रदान करती हैं। गाय के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए ही कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के दिन गोवर्धन की पूजा होती है। महिलाओं ने घर के आंगन में गाय के गोबर से गोवर्धननाथ की अल्पना (तस्वीर या प्रतिमूर्ति) बनाकर उनकी पूजा की। इसके बाद ब्रज के साक्षात देवता माने जाने वाले गिरिराज भगवान (पर्वत) को प्रसन्न करने के लिए प्रसाद का भोग लगाया गया।
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दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। लोग इसे अन्नकूट के नाम से भी जानते है। गोवर्धन पूजा में गोधन यानी गायों की पूजा की जाती है। गाय को देवी लक्ष्मी का स्वरूप भी कहा गया है। मान्यता है कि देवी लक्ष्मी जिस प्रकार सुख समृद्धि प्रदान करती हैं, उसी प्रकार गौ माता भी अपने दूध से स्वास्थ्य रूपी धन प्रदान करती हैं। गाय के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए ही कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के दिन गोवर्धन की पूजा होती है। महिलाओं ने घर के आंगन में गाय के गोबर से गोवर्धननाथ की अल्पना (तस्वीर या प्रतिमूर्ति) बनाकर उनकी पूजा की। इसके बाद ब्रज के साक्षात देवता माने जाने वाले गिरिराज भगवान (पर्वत) को प्रसन्न करने के लिए प्रसाद का भोग लगाया गया।
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