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फैजुल्लागंज में बाढ़ : सड़क पर सूख रहे बिस्तर, काम-धंधा चौपट

Thu, 22 Oct 2026 02:19 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2026 02:19 AM IST
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10,000 flood victims in Faizullaganj will receive ration kits
बाढ़ के बाद जिंदगी अब भी पटरी पर नहीं आ सकी है।
लखनऊ। फैजुल्लागंज की दुर्गापुरी कॉलोनी निवासी स्वर्णलता और उनके पति के शैक्षिक प्रमाणपत्र तक बाढ़ के पानी में भीगकर खराब हो गए। बेड और अन्य सामान को घर के बाहर सड़क पर रखकर सुखाया जा रहा है। कमरों की फर्श और दरवाजों को भी नुकसान पहुंचा है। बुधवार को कॉलोनी में कई अन्य लोग भी भीगे सामान को सुखाने और समेटने में जुटे थे। नुकसान के बारे में पूछने पर सभी का एक ही जवाब था, मत पूछिए कितना नुकसान हुआ है। बस, जो बचा है उसे समेट रहे हैं।
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फैजुल्लागंज में घरों और दुकानों से बाढ़ का पानी निकल गया है, लेकिन लोगों की मुश्किलें बरकरार हैं। भार्गव कॉलोनी, दुर्गापुरी कॉलोनी, लोहरामऊ समेत अन्य इलाकों में लोग घरों में जमी कीचड़ साफ कर रहे हैं। बेड, दरवाजे, फर्श और सबमर्सिबल बोरिंग को हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं। मामा कॉलोनी-दाउदनगर मुख्य मार्ग के किनारे कई दुकानों में कीचड़ जमा है, जबकि बेसमेंट में अब भी पानी भरा होने से कारोबार ठप है।
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दरवाजे खराब, फर्श की मरम्मत पर बढ़ेगा खर्च
दुर्गापुरी कॉलोनी निवासी गुड़िया कश्यप ने बताया कि उनके घर में करीब चार फीट पानी भर गया था। इससे सभी कमरों के दरवाजे नीचे से खराब हो गए हैं। फर्श की मरम्मत भी करानी पड़ेगी। रंजीत और सुधीर शुक्ला के घरों में भी दरवाजों और फर्श को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ का पानी भरने के कारण सामान समेटने का मौका नहीं मिला और बेड समेत अन्य घरेलू सामान खराब हो गया।
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बेकरी संचालक को भारी नुकसान
दाउदनगर निवासी बकरीदी ने रेशमा बानो के नाम से बेकरी का लाइसेंस लेकर काम शुरू किया था। हाल ही में बैंक से कर्ज लेकर नई मशीनें खरीदी थीं। मैदा, चीनी और अन्य खाद्य सामग्री भी प्लांट में रखी थी। बाढ़ का पानी भरने से मशीनें और खाद्य सामग्री खराब हो गईं, जबकि काफी लकड़ी बह गई। बकरीदी के मुताबिक, उन्हें करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, मुख्य मार्ग किनारे आजाद की मोटरसाइकिल मरम्मत वर्कशॉप में खड़ी नौ बाइकें भी खराब हो गईं।

बाढ़ के बाद जिंदगी अब भी पटरी पर नहीं आ सकी है।

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