केंद्र ने यूपी को और 1.86 लाख प्रधानमंत्री आवास बनाने का दिया लक्ष्य, बेहतर प्रदर्शन पर मिला टार्गेट
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दूसरे राज्यों के मुकाबले यूपी में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई) की प्रगति बेहतर होने के कारण केंद्र सरकार ने 1.86 लाख आवास और बनाने का लक्ष्य दिया है। ये आवास ‘लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण’ (बीएलसी) और ‘भागीदारी में किफायती आवास’ (एएचपी) घटक के तहत बनाए जाएंगे। इनमें 1.51 लाख मकान सूडा और 35 हजार मकान आवास विभाग बनवाएगा।
केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी, अमृत योजना और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं में यूपी की प्रगति भले ही संतोषजनक नहीं रही है, पर पीएमएवाई में प्रदेश अन्य राज्यों से आगे है। वर्ष 2022 तक प्रदेश में 14.20 लाख मकान बनाने का लक्ष्य है। वर्ष 2015 में लागू इस योजना की शुरुआत काफी खराब रही। सरकार बदलने के बाद योजना की स्थिति में सुधार हुआ है।
इसे देखते हुए केंद्र ने बीएलसी घटक के तहत 1441 परियोजनाओं में से अब तक 4.9 लाख 303 मकान और एएचपी घटक के तहत 51 परियोजनाओं में 38843 मकान बनाने की मंजूरी दी है।
इस प्रकार दो घटकों के तहत 4.48 लाख मकान बनाने की डीपीआर केंद्र से मिल चुकी है। इसमें से 2.1 लाख 908 मकानों की जियो टैगिंग हो चुकी है। यानी इन मकानों के निर्माण का एक चरण पूरा हो चुका है। पहले चरण में गोरखपुर, बरेली, आगरा, इलाहाबाद, वाराणसी समेत बड़े शहरों में पहली किश्त जारी हो जुकी है।
बीएलसी केलिए जारी हो चुके हैं 1734 करोड़
एक साल में बीएलसी के तहत 1.54 लाख 888 लाभार्थियों को तीसरी किश्त के रूप में 1734.14 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं। अगले महीने तक इन मकानों में काम पूरा हो जाएगा।
इस पर सूडा निदेशक उमेश प्रताप सिंह का कहना है, ‘पीएमएवाई की प्रगति में सुधार को देखते हुए ही केंद्र ने प्रदेश में बीएलसी व एएचपी के तहत 1.86 लाख नये मकान बनाने का लक्ष्य दिया है। प्रदेश की नोडल एजेंसी राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है, इसे 26 सिंतबर को होने वाली सीएसएमसी की बैठक में मंजूरी दी जाएगी।’