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नियम ताक पर, नंबर प्लेट पर जो मन आए, लिखवा लो
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 08 Jan 2014 12:47 PM IST
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राजधानी में वाहन परिवहन विभाग के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। इन वाहनों के नंबर प्लेट पर मानकों के विपरीत टेढ़े-मेढ़े और डिजाइनदार यूपी कोड के अक्षर और नंबरों का उल्लेख हैं।
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ऐसे वाहन अपराध करके भाग निकले तो उनको पकड़ना आसान नहीं होगा। उदाहरण के लिए चेकिंग के लिये वाहन नंबर 2214 की सूचना पास होगी ,लेकिन असल में इस वाहन की नंबर प्लेट पर नंबर की शक्ल में ‘राम’ लिखा होगा।
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इसके बाद भी यातायात और परिवहन विभाग की चेकिंग में ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। नियमों के उल्लंघन का यह खेल वाहन मालिक और नंबर प्लेट बनाने वाले खेल रहे हैं।
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नंबर प्लेट बनाने वाले कारीगर वाहन के हिसाब से उनके मानकों से अवगत हैं, फिर भी वह वाहन मालिक की अपेक्षा के अनुसार नंबर प्लेट बनाकर लगा रहे हैं।
ऐसे सैकड़ों मोटर साइकिल और कार मानकों के विपरीत नंबर प्लेट लेकर सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। इनमें वाहन पंजीयन नंबर 4141, 5171 और 8055 आदि शामिल हैं। पंजीयन नंबर 4141 ‘पापा’, 5171 ‘साई’ और 8055 ‘बॉस’ के रूप में वाहन पर नजर आते हैं।
वाहनों पर ऐसे नंबरों को कारीगरी के जरिए इस तरह उल्लेख कर दिया जाता ,कि वह अक्षर के रूप में नजर आते हैं। ऐसे वाहन के नंबरों को पढ़ना मुश्किल ही नहीं, बल्कि कठिन होगा।
ऐसे अंक बनते अक्षर
एक कारीगर के अनुसार पंजीयन नंबर 2214 के पहले अंक 2 को जिले के कोड के साथ छोटे आकार में लिख देते हैं। वहीं 214 को स्टाइल से राम बना देते हैं। नंबर 8055 में 8 को बी, 0 को और 55 डबल एस बनाकर बॉस कर देते।
नंबर प्लेट का साइज
परिवहन विभाग ने मोटर साइकिल से लेकर यात्री कार तक की नंबर प्लेट का साइज तय रखा है। नियमावली के नियम-50 के अनुसार दोपहिया और तीन पहिया वाहनों के आगे और पीछे नंबर प्लेट का साइज 200x100 मिमी होना चाहिए।
यात्री कार है तो नंबर प्लेट का साइज 500x120 मिमी हो जाएगा। कार मालिक को इस सऐअज, नंबर को आगे और पीछे लगाकर ही उस पर नंबर का उल्लेख कराने के निर्देश हैं।