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Chhath Puja 2025: अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ का तीसरा दिन संपन्न, जानिए छठ पर्व का महत्व

Mon, 27 Oct 2025 06:10 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 27 Oct 2025 06:10 PM IST
खास बातें

Chhath Puja 2025 Sandya Argya Time Subh Muhurat Live Updates in Hindi: आज देशभर में लोक आस्था का महापर्व छठ का त्योहार मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में छठ पूजा का विशेष महत्व होता है। यह चार दिनों तक चलता है, जिसमें तीसरे दिन का विशेष महत्व होता है। जहां पर संध्या अर्घ्य देकर सूर्य उपासना और छठी मईया की पूजा होती है। इस दिन व्रती घाट पर एकत्रित होकर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं। पंचांग के अनुसार आज सूर्यास्त शाम 05 बजकर 40 मिनट पर होगा।

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Chhath Puja 2025 Day 3 Live Sandya Agrya Time Puja Vidhi Singificance Surya Mantra in Hindi
Chhath Puja 2025 Sandhya Arghya - फोटो : adobe

लाइव अपडेट

05:39 PM, 27-Oct-2025

chhath puja arghya time 2025: छठ पूजा का सूर्य अर्घ्य का शुभ मुहूर्त

आज यानी 27 अक्तूबर को अस्त होते होते सूर्य को अर्घ्य देने का शुभ मुहूर्त शाम 04 बजकर 50 मिनट लेकर शाम 05 बजकर 41 मिनट तक। 
 
05:13 PM, 27-Oct-2025

chhath puja morning arag time 2025: छठ पर्व का चौथा दिन- उषा अर्घ्य का समय

चार दिनों तक चलने वाले छठ महापर्व का आखिरी दिन उषा अर्घ्य के साथ संपन्न होता है। इस दिन व्रती महिलाएं अपने घर के पास स्थिति किसी पवित्र नदी या तलाब पर पहुंचकर उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। इसके बाद छठ माता से संतान की रक्षा, सुख-समृद्धि, लंबी आयु और पूरे परिवार की सुख-शांति का आशीर्वाद मांगा जाता है। फिर थोड़ा प्रसाद खाकर व्रत को पूरा करती हैं, जिसे पारण या परना कहा जाता है।

28 अक्तूबर 2025 को उषा अर्घ्य का समय: सूर्योदय का समय : 06:30
 
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04:45 PM, 27-Oct-2025

Chhathi Maiya Aarti Lyrics: छठ पूजा में छठी मईया की आरती

छठी मईया की आरती 
जय छठी मैया ऊ जे केरवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मंडराए।
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए ॥जय॥

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
ऊ जे नारियर जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मंडराए ॥जय॥

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय ॥जय॥

अमरुदवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मंडराए।
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए ॥जय॥

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
शरीफवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मंडराए ॥जय॥

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय ॥जय॥

ऊ जे सेववा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मेड़राए।
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए ॥जय॥

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
सभे फलवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मंडराए ॥जय॥

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय ॥जय॥
04:04 PM, 27-Oct-2025

Chhath Puja 2025: छठ पर्व पर न करें ऐसी गलतियां

  • जब तक सूर्यास्त न हो जाए उसके पहले अर्घ्य न दें।
  • सूर्यदेव को अर्घ्य देने से पहले कुछ भी ग्रहण न करें। 
  • प्रसाद की शुद्धता और स्वच्छता का विशेष ध्यान देना चाहिए।
  • अर्घ्य के समय को नजरअंदाज न करें। 
03:37 PM, 27-Oct-2025

Chhath Puja 2025: लंबा सिंदूर सुखी दांपत्य और पति की लंबी उम्र का प्रतीक

छठ पूजा के दौरान सुहागिन महिलाएं नाक से लेकर मांग तक लंबा सिंदूर भरती हैं। इसे पति की लंबी उम्र और दांपत्य जीवन की खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान महिलाएं लाल की बजाय नारंगी रंग का सिंदूर लगाती हैं। इसका कारण यह है कि नारंगी रंग सूर्य का प्रतीक है और छठ पर्व सूर्य की उपासना का पर्व है। इसलिए नारंगी सिंदूर लगाने से सूर्य की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही यह माना जाता है कि सुहागिन महिला का जितना लंबा सिंदूर होगा, उसका दांपत्य जीवन उतना ही लंबा और सुखी होगा।
03:03 PM, 27-Oct-2025

सूर्यदेव को अर्घ्य देते समय जाप करें ये मंत्र

छठ महापर्व पर उगते और डूबते हुए सूर्यदेव की उपासना का विशेष महत्व होता है। छठ महापर्व पर सूर्यदेव को अर्घ्य देते हुए मंत्रों का जाप जरूर करना चाहिए।  तांबे के लोटे में जल, रोली, लाल फूल, चावल और शक्कर डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय "ॐ घृणि सूर्याय नमः" या "आदित्याय नमः" मंत्र का जाप करें।
 
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02:46 PM, 27-Oct-2025

Suryast Time Today: देश के प्रमुख शहरों में आज सूर्यास्त का समय 

दिल्ली- शाम 05 बजकर 40 मिनट पर

नोएडा- शाम 05 बजकर 40 मिनट पर 

पटना- शाम 05 बजकर 11 मिनट पर 

लखनऊ- शाम 05 बजकर 27 मिनट पर 

गोरखपुर- शाम 05 बजकर 18  मिनट पर 

आगरा- शाम 05 बजकर 18 मिनट पर 

गाजियाबाद- शाम 05 बजकर 39 मिनट पर 

मेरठ- शाम 05 बजकर 37 मिनट पर 

रांची- शाम 05 बजकर 13 मिनट पर 

प्रयागराज- शाम 05 बजकर 25 मिनट पर 

देवघर- शाम 05 बजकर 06 मिनट पर 
02:34 PM, 27-Oct-2025

Chhath Puja Evening Arag Time: आज शाम इतने बजे दें सूर्यदेव को अर्घ्य

आज छठ महापर्व है। आज सूर्यास्त के समय सूर्य देव और छठी मैइया की पूजा-आराधना का खास महत्व होता है। छठ पूजा के तीसरे दिन व्रती पानी में खड़े होकर सूर्यदेव को जल चढ़ाया जाता है। इसके साथ ही सूप में पूजन सामग्री को रखकर छठी मईया की पूजा की जाती है फिर कथा और आरती की जाती है। आज शाम को सूर्यास्त का समय 05 बजकर 40 मिनट तक है। इस मुहूर्त में संध्या अर्घ्य का मुहूर्त है। 

आज सूर्यास्त पर अर्घ्य का समय- शाम 05 बजकर 40 मिनट पर 

02:05 PM, 27-Oct-2025

Chhath Puja 2025: छठ पर्व पर सूर्यास्त और सूर्योदय पर अर्घ्य देने का महत्व

छठ पर्व चार दिनों तक चलता है जिसमें तीसरे दिन का खास महत्व होता है। इस दिन को संध्या अर्घ्य के नाम से जाना जाता है। ऐसे में आज शाम सूर्य को अर्घ्य दिया जात है। जिसमें व्रती निर्जला व्रत रखते हैं। इस दिन प्रसाद में ठेकुआ अर्पित किया जाता है। शाम को सूर्यास्त पर सूर्यदेव को अर्घ्य और छठी मैया की पूजा का विधान होता है। फिर चौथे दिन यानी सप्तमी तिथि पर सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण होता है। 

आज सूर्यास्त पर अर्घ्य का समय- शाम 05 बजकर 40 मिनट पर 


01:31 PM, 27-Oct-2025

Chhath Puja Story In Hindi: जानिए क्या है छठ पूजा की कथा ?

आज देशभर में छठ पूजा का उत्सव मनाया जा रहा है। छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित होता है। षष्ठी तिथि के दिन जब सूर्य अस्त होता है, तब डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और अगले दिन उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रत पूर्ण किया जाता है। इस अवसर पर विधि-विधान से पूजा कर छठी मैया की कथा का पाठ करना शुभ माना जाता है। यहां पढ़ें:  छठ पूजा की पूरी कथा


 
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