Rajasthan Assembly Session: आमेर के शिलालेख पर सदन में हंगामा; शांति धारीवाल का अकबर से रिश्तेदारी का आरोप
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Wed, 04 Feb 2026 05:31 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Wed, 04 Feb 2026 05:31 PM IST
खास बातें
विधानसभा में शाम होते-होते हंगामे की स्थिति बन गई। कांग्रेस विधायक ने आमेर महल में अकबर से जुड़े एक शिलालेख का मुद्दा उठाया। शिलालेख में अकबर की तारीफ है। विपक्ष इसे हटाने की मांग कर रहा है।
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राजस्थान विधानसभा
- फोटो : सोशल मीडिया
लाइव अपडेट
05:28 PM, 04-Feb-2026
आमेर के शिलालेख में अकबर की प्रशंसा स्पष्ट रूप से लिखी हुई-शांति धारीवाल
शांति धारीवाल ने सदन में कहा कि आमेर के शिलालेख में अकबर की प्रशंसा स्पष्ट रूप से लिखी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि या तो सरकार इस तथ्य को भूल गई है या फिर जानबूझकर उस शिलालेख को सुरक्षित रखा जा रहा है। धारीवाल ने कहा कि सरकार एक तरफ इतिहास से जुड़े कई नामों और चिन्हों को हटाने की बात कर रही है, लेकिन दूसरी ओर आमेर के शिलालेख को संरक्षित रखकर दोहरा मापदंड अपना रही है।उन्होंने शिलालेख के शब्दों को सदन में पढ़ते हुए कहा कि उस पर लिखा है— “सुलतानों को पनाह देने वाले शहंशाह दीन और दुनिया के जलाल मोहम्मद अकबर बादशाह खुदाई बुजुर्ग, उनका मुल्क हमेशा कायम रहे।” शांति धारीवाल ने सवाल किया कि जब सरकार की नीति सब जगह से नाम और प्रतीक हटाने की है, तो फिर इस शिलालेख को क्यों नहीं हटाया जा रहा।
कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इतिहास को अपने राजनीतिक एजेंडे के अनुसार देखने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में एक समान नीति पर चलना चाहती है, तो फिर यह स्पष्ट करे कि आमेर के शिलालेख के साथ क्या किया जाएगा। क्या सरकार इसे हटवाएगी या फिर अपनी “रिश्तेदारी” निभाते हुए इसे संरक्षित रखेगी।
शांति धारीवाल के इस बयान के बाद सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। सत्ता पक्ष की ओर से आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया कि ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण नियमों और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार किया जाता है। वहीं विपक्ष ने सरकार पर चयनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
05:27 PM, 04-Feb-2026
आमेर में मुगल शासक अकबर की स्तुति वाला शिलालेख-शांति धारीवाल
राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक शांति धारीवाल ने सरकार को घेरते हुए ऐतिहासिक शिलालेखों को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आमेर में मौजूद एक शिलालेख का हवाला देते हुए कहा कि जहां एक ओर सरकार विभिन्न स्थानों से नाम और प्रतीक हटाने की बात कर रही है, वहीं आमेर में मुगल शासक अकबर की स्तुति वाला शिलालेख आज भी संरक्षित है।
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01:18 PM, 04-Feb-2026
आरएलडी विधायक के सवाल पर सदन में जोरदार हंगामा
राजस्थान विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान आरएलडी विधायक सुभाष गर्ग के सवाल पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। भरतपुर में आवास विहीन परिवारों से जुड़े मुद्दे पर पूछे गए प्रश्न को लेकर बीजेपी और कांग्रेस विधायकों के बीच तीखी बहस हो गई।सुभाष गर्ग ने अपने सवाल में पिछली सरकार द्वारा लागू की गई राजस्थान होमलेस अपलिफ्टमेंट पॉलिसी-2022 का हवाला देते हुए पूछा कि क्या इस नीति के तहत जिलों में कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति बनाने का प्रावधान है और यदि है तो भरतपुर में इस समिति की बैठक कब हुई।
इस पर शहरी विकास एवं आवासन (यूडीएच) मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने कहा कि आपने आवास विहीन परिवारों का सवाल पूछा है, जबकि अब भूमि विहीन परिवारों का मुद्दा उठा रहे हैं। इस पर गर्ग ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उनके प्रश्न का विषय आवास विहीन परिवार ही है और उन्होंने केवल यह पूछा है कि क्या पिछली सरकार ने इस संबंध में कोई नीति बनाई थी और उसमें समिति गठित करने का प्रावधान था या नहीं।
गर्ग ने स्पीकर से संरक्षण की मांग करते हुए कहा कि मंत्री उनके सवाल का सीधा जवाब नहीं दे रहे हैं। मंत्री अपने रुख पर अड़े रहे, जिस पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति दर्ज कराई और कहा कि वे सदन में केवल भाषण सुनने नहीं आए हैं। इसके बाद यूडीएच मंत्री और कांग्रेस विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। सरकार की ओर से पहले उद्योग मंत्री और फिर संसदीय कार्य मंत्री ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन मामला और उलझ गया।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल पर तंज कसते हुए कहा कि आप कुछ ज्यादा ही जल्दबाजी कर गए। उन्होंने कहा कि इस सदन में मुख्यमंत्री ने बजट घोषणाएं की थीं, लेकिन अब सरकार के पास उनका कोई ठोस जवाब नहीं है।
12:47 PM, 04-Feb-2026
सवाल पर घिरे मंत्री, स्पीकर को भी कहना पड़ा मंत्री जवाब नहीं दे पाए
राजस्व मंत्री हेमंत मीणा
- फोटो : अमर उजाला
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान बुधवार को सरकार की जबरदस्त किरकिरी हो गई। कांग्रेस विधायक पीतराम सिंह काला के सवाल पर राजस्व मंत्री हेमंत मीणा बुरी तरह घिर गए। विधायक बार-बार सवाल पूछते रहे लेकिन मंत्री जवाब नहीं दे पाए। यहां तक कि स्पीकर वासुदेव देवनानी को भी बीच में टोका-टाकी करनी पड़ी। सवाल के जवाब देने के लिए सदन में तीन-तीन मंत्री खड़े हो गए लेकिन फिर भी मामला शांत नहीं हुआ। आखिर में स्पीकर को यह कहना पड़ा कि मंत्री जवाब नहीं दे पाए इसलिए सवाल को फिर से लगाकर इसका जवाब लिया जाएगा।
दरअसल कांग्रेस विधायक पीतराम सिंह काला ने प्रचलित रास्तों को राजस्व रिकॉर्ड में कटानी रास्ते के रूप में दर्ज करने को लेकर स्पष्ट जवाब मांगा। इस पर मंत्री नियम पढ़ने लगे। प्रश्नकर्ता विधायक ने आपत्ति दर्ज करवाई कि मंत्री उनके सवाल का जवाब नहीं दे रहे हैं लेकिन मंत्री सीधा उत्तर नहीं दे सके।
इस पर स्पीकर ने मंत्री से कहा कि आप तो सिर्फ यह बता दो कि यह काम होगा या नहीं... हां या ना में जवाब दे दीजिए लेकिन मंत्री गोल-गोल जवाब ही देते रहे। उन्होंने स्पीकर से कहा कि मुझे पूरा जवाब दिया जाने दें। इसके बाद मंत्री फिर से नियम बताने लगे। स्पष्ट जवाब न मिलने पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई और सदन में हंगामा हो गया।
स्पीकर ने राजस्व मंत्री से दोबारा हां या ना में जवाब देने को कहा। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मंत्री यह तक स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि राजस्व रिकॉर्ड में कटानी रास्ता दर्ज किया जाएगा या नहीं। जूली की टिप्पणी पर स्पीकर ने कहा कि मंत्री के पास फिलहाल इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। स्पीकर ने बाद में जवाब दिलवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद सदन में चल रहा हंगामा शांत हो गया।
राज्यपाल के अभिभाषण पर सीएम का जवाब 5 फरवरी को
विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति (बीएसी) की बैठक में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस की अवधि एक दिन के लिए बढ़ा दी गई। इसके चलते पहले आज होने वाला मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का जवाब अब 5 फरवरी को आएगा।
दरअसल कांग्रेस विधायक पीतराम सिंह काला ने प्रचलित रास्तों को राजस्व रिकॉर्ड में कटानी रास्ते के रूप में दर्ज करने को लेकर स्पष्ट जवाब मांगा। इस पर मंत्री नियम पढ़ने लगे। प्रश्नकर्ता विधायक ने आपत्ति दर्ज करवाई कि मंत्री उनके सवाल का जवाब नहीं दे रहे हैं लेकिन मंत्री सीधा उत्तर नहीं दे सके।
इस पर स्पीकर ने मंत्री से कहा कि आप तो सिर्फ यह बता दो कि यह काम होगा या नहीं... हां या ना में जवाब दे दीजिए लेकिन मंत्री गोल-गोल जवाब ही देते रहे। उन्होंने स्पीकर से कहा कि मुझे पूरा जवाब दिया जाने दें। इसके बाद मंत्री फिर से नियम बताने लगे। स्पष्ट जवाब न मिलने पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई और सदन में हंगामा हो गया।
स्पीकर ने राजस्व मंत्री से दोबारा हां या ना में जवाब देने को कहा। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मंत्री यह तक स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि राजस्व रिकॉर्ड में कटानी रास्ता दर्ज किया जाएगा या नहीं। जूली की टिप्पणी पर स्पीकर ने कहा कि मंत्री के पास फिलहाल इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। स्पीकर ने बाद में जवाब दिलवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद सदन में चल रहा हंगामा शांत हो गया।
राज्यपाल के अभिभाषण पर सीएम का जवाब 5 फरवरी को
विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति (बीएसी) की बैठक में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस की अवधि एक दिन के लिए बढ़ा दी गई। इसके चलते पहले आज होने वाला मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का जवाब अब 5 फरवरी को आएगा।
12:13 PM, 04-Feb-2026
भारत-यूएस डील पर टीकाराम जूली का हमला
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि अमेरिका के डेयरी उत्पाद भारत में प्रवेश करते हैं तो इसका सीधा असर देश के किसानों पर पड़ेगा और उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो जाएगी।
जूली ने कहा कि पहले कृषि कानूनों के जरिए किसानों पर दबाव बनाया गया और अब खाद व बीज की कमी पैदा कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी नीतियों से किसान हताशा की ओर धकेले जा रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने किया गया यह ‘सरेंडर’ देश के हितों के खिलाफ है और आने वाले समय में इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ेगा।
12:00 PM, 04-Feb-2026
जहाजपुर में नए कॉलेज की मांग
सदन में जहाजपुर क्षेत्र में नए कॉलेज खोलने की मांग को लेकर चर्चा हुई। जहाजपुर विधायक गोपीचंद ने पारोली और लुहारी कलां में महाविद्यालय खोलने का मुद्दा उठाया। इस पर उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने जवाब दिया कि वर्तमान में छात्र संख्या को देखते हुए नए कॉलेज का प्रस्ताव नहीं है। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि कॉलेज खोलना सराहनीय कदम है लेकिन वहां पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति भी जरूरी है ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। मंत्री ने आश्वासन दिया कि भविष्य में छात्र संख्या बढ़ने पर नए कॉलेज खोलने पर विचार किया जाएगा।RIICO औद्योगिक क्षेत्र पर भी चर्चा
विधायक मांगेलाल मीणा ने राजगढ़ और लक्ष्मणगढ़ में रीको औद्योगिक क्षेत्र के विकास और भूमि आवंटन का मुद्दा उठाया। उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि उद्योग विभाग लैंड बैंक तैयार कर रहा है और मांग आने पर नए औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजगढ़ में खनन पर रोक के चलते काम प्रभावित हुआ है और फिलहाल वहां कई प्लॉट खाली हैं।
चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली द्वारा कलेक्टर की भूमिका पर सवाल उठाए जाने पर मंत्री राठौड़ ने उनकी टिप्पणी की सराहना की और बताया कि धौराला क्षेत्र की जमीन आवंटन प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
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10:21 AM, 04-Feb-2026
Rajasthan Assembly Session: आमेर के शिलालेख पर सदन में हंगामा; शांति धारीवाल का अकबर से रिश्तेदारी का आरोप
राजस्थान विधानसभा की कार्रवाई आज सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी। प्रश्नकाल के दौरान उद्योग विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, राजस्व विभाग, नगरीय विकास विभाग और ऊर्जा विभाग से जुड़े प्रश्न उठाए जाएंगे। इसके अलावा सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा भी आज जारी रहेगी। राज्यपाल के अभिभाषण पर वाद-विवाद के लिए एक दिन का अतिरिक्त समय बढ़ाया गया था। अब इस पर राज्य सरकार की ओर से आज सदन में जवाब दिया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी वित्त विभाग से संबंधित 27 अधिसूचनाएं सदन में प्रस्तुत करेंगी। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा परिवहन विभाग की एक अधिसूचना सदन के पटल पर रखेंगे, वहीं मंत्री किरोड़ीलाल मीणा आपदा प्रबंधन सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग से जुड़ी छह अधिसूचनाएं प्रस्तुत करेंगे और गृह राज्य मंत्री जवाहरसिंह बेढ़म गृह विभाग से संबंधित सात अधिसूचनाएं सदन में रखेंगे।
वार्षिक प्रतिवेदन भी होंगे पेश
सदन की कार्यवाही के दौरान आज विभिन्न विभागों के वार्षिक प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी राजस्थान जन आधार प्राधिकरण का वार्षिक प्रतिवेदन सदन में रखेंगी। मंत्री सुमित गोदारा राजस्थान राज्य अल्पसंख्यक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट सदन के पटल पर प्रस्तुत करेंगे।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी वित्त विभाग से संबंधित 27 अधिसूचनाएं सदन में प्रस्तुत करेंगी। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा परिवहन विभाग की एक अधिसूचना सदन के पटल पर रखेंगे, वहीं मंत्री किरोड़ीलाल मीणा आपदा प्रबंधन सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग से जुड़ी छह अधिसूचनाएं प्रस्तुत करेंगे और गृह राज्य मंत्री जवाहरसिंह बेढ़म गृह विभाग से संबंधित सात अधिसूचनाएं सदन में रखेंगे।
वार्षिक प्रतिवेदन भी होंगे पेश
सदन की कार्यवाही के दौरान आज विभिन्न विभागों के वार्षिक प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी राजस्थान जन आधार प्राधिकरण का वार्षिक प्रतिवेदन सदन में रखेंगी। मंत्री सुमित गोदारा राजस्थान राज्य अल्पसंख्यक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट सदन के पटल पर प्रस्तुत करेंगे।