Monsoon Session Live: रिजिजू बोले- सार्थक चर्चा करे विपक्ष, मनीष तिवारी का पलटवार- आपकी सलाह की जरूरत नहीं
Parliament Monsoon Session 2024 Live News in Hindi: संसद के मानसून सत्र में पेश हुए बजट को लेकर विपक्ष की तरफ से आज भी जबरदस्त प्रदर्शन के आसार हैं। गौरतलब है कि आज बजट पर चर्चा का दूसरा दिन है। इसे लेकर सरकार पहले ही विपक्ष से सार्थक चर्चा की अपील कर चुका है। हालांकि, इंडिया गठबंधन के घटक दलों के सांसदों ने केंद्रीय बजट में विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों के साथ किए गए भेदभाव और अन्याय को लेकर संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाइव अपडेट
मैंने गरीबों और किसानों के बारे में बात की थी- चरणजीत सिंह चन्नी
आपातकाल और अमृतपाल सिंह पर लोकसभा में दिए गए अपने बयान पर कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, ‘मैंने गरीबों, किसानों के बारे में बात की कि कैसे किसानों को दिया गया एमएसपी का वादा पूरा नहीं किया जा रहा है। मैंने पूरे बजट के बारे में, देश की स्थिति के बारे में और जिस तरह से देश आर्थिक रूप से डूब रहा है, उसके बारे में बात की।’
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का कांग्रेस सांसद चन्नी पर निशाना
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा लोकसभा में 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह को लेकर दिए गए बयान पर कहा, ‘यह मामला कोर्ट में है और अमृतपाल सिंह पर गंभीर आरोप हैं। ऐसे में संसद में यह बातें करना सही नहीं है। कांग्रेस पार्टी ने कब किससे क्या छीना है यह सबके सामने है।’
अमृतपाल सिंह के मुद्दे पर सरकार पर बरसे कांग्रेस सांसद चरनजीत सिंह चन्नी
पंजाब के पूर्व सीएम और कांग्रेस सांसद चरनजीत सिंह चन्नी ने ‘वारिस पंजाब दे’ के प्रमुख और खडूर साहिब से सांसद अममृतपाल सिंह को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘वे हर दिन आपातलकाल की बात करते हैं लेकिन, देश में आज जो अघोषित आपातकाल है, उस बारे में क्या कहेंगे? एक व्यक्ति, जिन्हें पंजाब के 20 लाख लोगों ने सांसद चुना, वे जेल में बंद हैं। वे अपने लोकसभा क्षेत्र के लोगों की आवाज रखने के लिए सदन में मौजूद नहीं हैं। क्या यह आपातकाल नहीं है?’
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने लोकसभा में 'वारिस पंजाब दे' प्रमुख और खडूर साहिब लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद अमृतपाल सिंह पर बात की। उन्होंने कहा, वे हर दिन आपातकाल की बात करते हैं। लेकिन आज देश में अघोषित आपातकाल है, उसका क्या? यह भी आपातकाल है कि पंजाब में बीस लाख लोगों द्वारा सांसद के रूप में चुने गए एक व्यक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत सलाखों के पीछे रखा गया है। वह यहां अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के विचार पेश करने में असमर्थ हैं। यह भी आपातकाल है।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा, बंगाल कभी नहीं बटेगा। सुकांत मजूमदार ने उत्तर बंगाल की मांग उठाई है। लेकिन उन्हें याद रखने की जरूरत है कि बंगाल के लोग ऐसी मांगों का समर्थन नहीं करेंगे। अगर वह इसी तरह बात करते रहे तो जैसे माकपा और कांग्रेस शून्य पर सिमट गए थे, वैसे ही 2026 में भाजपा भी शून्य पर सिमट जाएगा। उन्होंने कहा, ममता बनर्जी आज दिल्ली आ रही हैं और पार्टी सांसदों से मुलाकात करेंगे।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, भाजपा जो कहती है, वह करती नहीं। आपने देखा होगा कि उन्होंने चुनाव से पहले और चुनाव के दौरान क्या-क्या वादे नहीं किए। उनके पास न तो इरादा है और न ही अपने वादों को पूरा करने की क्षमता है। उन्होंने बिहार को बहुत कुछ ज्यादा नहीं दिया है। (तृणमूल सांसद) अभिषेक बनर्जी कल एक रोल मॉडल के रूप में आगे आए और अपनी व पार्टी की बातों को आगे रखा।
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, "मुझे लगता है कि भाजपा जनादेश के बारे में गुमराह कर रही है। जनादेश भाजपा के लिए खुली छूट देने के लिए नहीं है। जनादेश आम सहमति से सरकार चलाने के लिए और भाजपा इसका सम्मान नहीं कर रही है।" उन्होंने कहा, "भाजपा के पास अपने दम पर बहुमत नहीं है। वह दो राजनीतिक दलों पर निर्भर है, जिन्होंने इस बजट में अपनी मांग रखी है।"
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्रालयों का बजट कम कर दिया गया है। इसलिए मैंने उनसे इसका कारण पूछा। इसमें कोई राजनीति नहीं है। दो राज्यों के अपने गठबंधन सहयोगियों को संतुष्ट करने के लिए उनके अनुकूल व्यवहार किया गया है। हमें इसका विरोध करने का अधिकार है। मैं बिहार के लोगों के लिए खुश हूं कि उन्हें पैकेज मिला है। यह बहुत बड़ी बात है। कांग्रेस के तीन और द्रमुक के एक मुख्यमंत्री ने कहा कि वे नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं होंगे,क्योंकि बजट में उनके राज्यों के लिए कुछ भी नहीं है। शायद (पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री) ममता बनर्जी के पास एक मुद्दा है, जिस पर वह चर्चा करना चाहती हैं।"
समाजवादी पार्टी (एसपी) की सांसद डिंपल यादव ने कहा, "राजनीति और बजट एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। अगर राजनीति नहीं होती तो आंध्र प्रदेश और बिहार को विशेष पैकेज नहीं दिया जाता। उत्तर प्रदेश ने भाजपा को लगातार इतनी सीटें दी हैं। इतिहास में कभी किसी पार्टी ने इतनी सीटें नहीं जीतीं। केंद्र की निधि से यूपी को विशेष पैकेज दिया जाना चाहिए था।"
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, विपक्ष को (केंद्रीय मंत्री) रिजिजू की सलाह की जरूरत नहीं है कि उन्हें किन मुद्दों पर बात करनी है। अगर सरकार को किसानों और आदिवासियों की इतनी चिंता है तो किसान 2020 से सड़कों पर क्यों बैठे हैं? सरकार ने किसानों के लिए कुछ क्यों नहीं किया? ऐसा क्यों है कि देशभर में इतने सारे आदिवासी आंदोलन चल रहे हैं? यह सरकार की जिम्मेदारी है कि इन मुद्दों को तत्काल संबोधित करे। इसलिए विपक्ष को सलाह देने के बजाय रिजिजू को अपे खुद के मंत्रिमंडल के सहयोगियों को सलाह देने की जरूरत है।