Yoga Tips: रीढ़ को सीधा और लचीला बनाए रखने में मददगार हैं ये योगासन, रोजाना करिए इनका अभ्यास
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शरीर को सीधा और स्थिर बनाए रखने में रीढ़ की हड्डी की विशेष भूमिका होती है। झुकने, चलने के साथ शरीर के संतुलन को बनाए रखने के लिए रीढ़ का स्वस्थ होना आवश्यक माना जाता है। इसके अलावा रीढ़ की हड्डी के माध्यम से होती हुई रीढ़ की नसें, मस्तिष्क से मांसपेशियों और अंगों तक इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स ले जाती हैं। यही हमारी संवेदनाओं जैसे स्पर्श, दबाव, ठंड, गर्मी, दर्द आदि का एहसास कराती हैं। यानी कि शरीर की संरचना से लेकर संवेदनाओं तक के लिए रीढ़ की हड्डी का स्वस्थ रहना आवश्यक माना जाता है। हालांकि पिछले कुछ समय से लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण लोगों में रीढ़ से संबंधित दिक्कतें काफी बढ़ती हुई देखी गई हैं।
विशेषज्ञ कहते हैं, रीढ़ की संरचना और कार्यों को बेहतर बनाए रखने के लिए दिनचर्या में योगासनों को शामिल करना आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। योगासन रीढ़ को सीधा और लचीला बनाए रखने में मददगार होते हैं। वहीं जिन लोगों को पहले से ही रीढ़ से संबंधित किसी तरह की दिक्कत है उनके लिए भी योगासनों के अभ्यास की आदत लाभदायक हो सकती है। आइए जानते हैं कि आपके लिए किन योगासनों के अभ्यास की आदत इसमें फायदेमंद हो सकती है?
मार्जरी आसन
सबसे पहले घुटनों और हाथों के बल पर आएं और रीढ़ को उठाकर रखें। अब सांस अंदर लेते हुए सिर को छत की तरफ ऊपर की ओर ले जाएं और अपने शरीर के नाभि वाले हिस्से को नीचे की ओर झुकाएं। सांस छोड़ते हुए ठोड़ी को छाती से लगाएं और रीढ़ को ऊपर उठाएं। इस अभ्यास को चार से पांच बार करें।
पादहस्तासन
पादहस्तासन करने के लिए आप अपने पैरों पर सीधे खड़े हो जाएं और हाथों को शरीर के साथ रखें। सांस अंदर लें और हाथों को सिर के ऊपर ले जाए और ऊपर की ओर खींचें। अब सांस छोड़ें, अपनी रीढ़ को सीधा रखते हुए, अपने घुटनों और हाथों को सीधा रखते हुए आगे की ओर झुकें। अपने हाथों को फर्श पर रखें या अपनी एड़ियों को पकड़ें।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।