World Hindi Day 2026: हिंदी दिवस दो बार क्यों मनाया जाता है? जानिए 14 सितंबर और 10 जनवरी का राज
World Hindi Diwas 2026:हिंदी दिवस साल में दो बार मनाया जाता है। एक बार 10 जनवरी को और दूसरी बार 14 सितंबर को। दो बार हिंदी दिवस मनाने की वजह खास है। इसके पीछे भौगोलिक, ऐतिहासिक और उद्देश्य का अंतर है।
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World Hindi Diwas 2026: हिंदी सिर्फ भाषा नहीं है, यह संस्कार संघर्ष और स्वाभिमान भी है। हिंदी वह भाषा है जो विदेश में बैठे भारतीयों को जोड़ने का काम करती है। इसे राष्ट्र की पहचान का प्रतीक मान सकते हैं। भारत में हिंदी भावनाओं की अभिव्यक्ति तो वहीं विदेश में हिंदी एकजुटता का प्रतीक। ऐसे में हिंदी भाषा के नाम पर दुनिया में एक खास दिन समर्पित कर दिया गया है। हालांकि भारत में हिंदी दिवस एक खास दिन पर नहीं, बल्कि साल में दो बार मनाया जाता है।
सवाल उठता है कि हिंदी दिवस साल में दो बार क्यों मनाया जाता है? दो बार इस भारतीय भाषा को मनाने की वजह क्या है और वो कौन से दो दिन हैं जब हिंदी दिवस मनाते हैं? हिंदी दिवस दो बार मनाने के पीछे का इतिहास और वैश्विक सोच की गहरी वजह है। हिंदी दिवस एक बार 10 जनवरी को मनाया जाता है और दूसरी बार 14 सितंबर को मनाते हैं। आइए जानते हैं साल में दो बार हिंदी दिवस मनाने की वजह क्या है?
14 सितंबर का हिंदी दिवस
इस दिन भारत अपना राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाता है। 14 सितंबर के राष्ट्रीय हिंदी दिवस पर संविधान की मुहर लगी है। 14 सितंबर 1949 का दिन भारतीय इतिहास में बेहद निर्णायक है। इसी दिन संविधान सभा ने हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया।यह फैसला आसान नहीं था। उस समय देश भाषाई विविधता से भरा था, बहस तीखी थी। लेकिन हिंदी को इसलिए चुना गया क्योंकि यह सबसे अधिक बोली-समझी जाने वाली भाषा थी। यह आम जनता की भाषा थी। इस दिन के इतिहास को याद रखने के लिए 1953 से हर साल 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाने लगा।
इस दिन का उद्देश्य
- सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना।
- हिंदी को प्रशासन और शिक्षा की मुख्य भाषा बनाना।
- भाषाई आत्मनिर्भरता को मजबूत करना।
- यह दिन हिंदी को संविधान का सम्मान दिलाने का दिन है।
10 जनवरी का हिंदी दिवस
हिंदी के वैश्विक सफर की शुरुआत 10 जनवरी के हुई जब इस दिन विश्व हिंदी दिवस मनाया जाने लगा। यह दिन भारत की सीमाओं से बाहर हिंदी की पहचान का प्रतीक है। 10 जनवरी 1975 को नागपुर में पहला विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित हुआ था। यहीं से यह स्पष्ट हुआ कि हिंदी अब सिर्फ भारत की भाषा नहीं रही, यह प्रवासी भारतीयों, साहित्य, संस्कृति और संवाद की वैश्विक भाषा बन चुकी है। 2006 में भारत सरकार ने 10 जनवरी को ‘विश्व हिंदी दिवस’ के रूप में मनाने की औपचारिक घोषणा की।
इस दिन का उद्देश्य
- दुनिया भर में हिंदी के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना।
- विदेशों में हिंदी शिक्षण को मजबूत करना।
- हिंदी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करना।
आज हिंदी 100 से अधिक देशों में बोली और पढ़ाई जाती है। संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाओं में अपनी जगह बनाने की ओर बढ़ रही है
हिंदी दिवस दो बार क्यों?
14 सितंबर के राष्ट्रीय हिंदी दिवस को भारत के भीतर हिंदी के सम्मान और प्रयोग के लिए मनाया जाता है।
10 जनवरी वाले विश्व हिंदी दिवस का उद्देश्य दुनिया भर में हिंदी का प्रचार और पहचान बनाना है।