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Gudi Padwa 2025: भारत में कहां-कहां मनाया जाता है गुड़ी पड़वा का पर्व, जानिए इससे जुड़ी मान्यता

Sun, 30 Mar 2025 07:46 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवानी अवस्थी Updated Sun, 30 Mar 2025 07:46 AM IST
सार

इस वर्ष गुड़ी पड़वा का पर्व 30 मार्च को मनाया जा रहा है। आइए जानते हैं गुड़ी पड़वा का पर्व देश में कहां-कहां मनाया जाता है और इसे मनाने की अलग अलग परंपरा क्या हैं।

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Where gudi padwa is celebrated in India Know significance and tradition gudi padwa kahan manaya jata hai
गुड़ी पड़वा 2025 कहां-कहां मनाया जाता है? - फोटो : adobe stock

विस्तार

Gudi Padwa 2025 : हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है। इस दिन से चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व का शुभारंभ भी होता है। इसे अलग-अलग राज्यों में अलग नामों से जाना जाता है। जैसे महाराष्ट्र में ये पर्व गुड़ी पड़वा के नाम से मनाया जाता है तो वहीं सिंधी में चेटीचंड के नाम से प्रसिद्ध है।

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गुड़ी पड़वा 2025 कब है?

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 मार्च शाम 04 बजकर 27 मिनट पर हो रही है। इसका समापन अगले दिन यानी 30 मार्च को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर होगा। उदया तिथि में पर्व मान्य माना जाता है, इसलिए इस वर्ष गुड़ी पड़वा का पर्व 30 मार्च को मनाया जा रहा है। साथ ही इस दिन से विक्रम संवत 2082 भी प्रारंभ हो रहा है। आइए जानते हैं गुड़ी पड़वा का पर्व देश में कहां-कहां मनाया जाता है और इसे मनाने की अलग अलग परंपरा क्या हैं।
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कहां-कहां मनाया जाता है गुड़ी पड़वा?

महाराष्ट्र

गुड़ी पड़वा का सबसे भव्य आयोजन महाराष्ट्र में देखने को मिलता है। इस दिन मराठी लोग अपने घरों के बाहर गुड़ी (बांस पर पीले या लाल रंग का कपड़ा, आम और नीम की पत्तियां, फूल और एक उल्टा रखा हुआ कलश) लगाते हैं, जो विजय और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।  

गोवा

महाराष्ट्र के साथ ही गोवा और कोंकण क्षेत्र में भी लोग गुड़ी पड़वा का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाते हैं। यहां इसे 'संवत्सर पाडवो' के नाम से जाना जाता है।  



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कर्नाटक

कर्नाटक में गुड़ी पड़वा को ‘युगादी’ के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लोग पंचांग पढ़ते हैं, पूजा करते हैं और नए साल की शुरुआत अच्छे विचारों और संकल्पों के साथ करते हैं।  

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना

कर्नाटक की तरह आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में इसे उगादी के रूप में मनाया जाता है। यहां पर विशेष व्यंजन बनाए जाते हैं और परिवार के सभी सदस्य मिलकर त्योहार को उल्लासपूर्वक मनाते हैं।  

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़

इन राज्यों में मराठी आबादी वाले क्षेत्रों में गुड़ी पड़वा का उत्साह देखने को मिलता है। कई जगहों पर इस दिन विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।  

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