Jyotirlinga in Maharashtra: महाराष्ट्र में कितने ज्योतिर्लिंग है? जानें सावन में कैसे मिलेंगे दर्शन
महाराष्ट्र में कुल पांच ज्योतिर्लिंग हैं, जिसमें भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग, त्रंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग, औंधा नागनाथ ज्योतिर्लिंग, परली वैजनाथ धाम का नाम शामिल है।
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Popular Jyotirlinga In Maharashtra: सावन में भगवान शिव के प्राचीन मंदिरों में दर्शन के लिए जाना चाहते हैं तो देश में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा पर जा सकते हैं। वक्त की कमी है तो अपने राज्य में विराजमान ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए जा सकते हैं। अगर आप महाराष्ट्र के रहने वाले हैं तो यहां आपको कई ज्योतिर्लिंगों की यात्रा कर सकते हैं। महाराष्ट्र में कुल पांच ज्योतिर्लिंग हैं, जिसमें भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग, त्रंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग, औंधा नागनाथ ज्योतिर्लिंग, परली वैजनाथ धाम का नाम शामिल है।
कहां स्थित हैं महाराष्ट्र के ज्योतिर्लिंग
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग
पुणे से 100 किमी की दूरी पर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग स्थित है। यह मंदिर सह्याद्रि पहाड़ियों से लगभग 3250 फीट की ऊंचाई पर है। मंदिर खुलने का समय सुबह 4.30 बजे और बंद होने का समय रात 9.30 बजे है।
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग
इस शिवालय में तीन भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश की छोटे लिंगों में पूजा की जाती है। नासिक से 28 किमी दूर ब्रह्मगिरी पहाड़ियों पर मंदिर स्थित है। मंदिर में दर्शन का समय सुबह 5.30 बजे से रात 9 बजे तक का है।
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग
महाराष्ट्र के औरंगाबाद में घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग विराजमान है। इसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया है। मंदिर के गर्भगृह के अंदर पुरुष ऊपरी कपड़े उतारकर प्रवेश कर सकते हैं। यह एक मात्र ज्योतिर्लिंग है, जहां भक्त अपने हाथों से भगवान शिव के लिंग को छू सकते हैं। मंदिर सुबह 5.30 से रात 9.30 बजे तक खुला रहता है।
औंधा नागनाथ ज्योतिर्लिंग
महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में औंधा नागनाथ मंदिर स्थित है। यहां भगवान नागनाथ की पूजा होती है। मान्यता है कि इस ज्योतिर्लिंग में पूजा करने वाले भक्त सभी तरह के जहर से सुरक्षित रह सकते हैं। औंधा नागनाथ मंदिर में दर्शन के लिए सुबह 4 बजे जा सकते हैं और रात 9 बजे मंदिर के कपाट बंद किए जाते हैं।
परली वैजनाथ ज्योतिर्लिंग
महाराष्ट्र के परली में एक और ज्योतिर्लिंग स्थित है। मान्यता है कि इसी स्थान पर रावण ने भगवान शिव की पूजा की थी। इस मंदिर के खुलने का समय सुबह 5 बजे और बंद होने का समय रात 9 बजे है।
कैसे पहुंचें महाराष्ट्र के ज्योतिर्लिंग
महाराष्ट्र के ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए यात्रा की शुरुआत पुणे से कर सकते हैं। पुणे से भीमाशंकर लगभग 3-4 घंटे की दूरी पर है। भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग से त्र्यंबकेश्वर मंदिर का सफर 5-6 घंटे का है। वहीं त्र्यंबकेश्वर से घृष्णेश्वर 3-5 घंटे की दूरी पर है।
यात्रा का सबसे बेहतर तरीका टैक्सी है, जिससे आप कम वक्त में सभी ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर सकते हैं। इसके अलावा बस या रेल सुविधा भी इस मार्ग पर मिल जाएगी।
आईआरसीटीसी ज्योतिर्लिंग दर्शन के टूर पैकेज समय-समय पर लाती रहती है। सावन में शिव मंदिरों के टूर पैकेज के लिए आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।