Hemkund Sahib Yatra 2025: हेमकुंड साहिब की यात्रा कब और कैसे करें? जानिए यात्रा से जुड़ी पूरी डिटेल
Hemkund Sahib Yatra 2025 Opening Date: हेमकुंड साहिब उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है। यह बर्फ से ढकी पर्वत श्रृंखलाओं के बीच बसा एक बेहद पवित्र और शांत स्थल है। सिख धर्म के लिए यह स्थान बेहद खास है क्योंकि यहां गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब भी है।
विस्तार
Hemkund Sahib Yatra 2025 Opening Date : उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में बसा हेमकुंड साहिब सिख धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। यह स्थान न सिर्फ धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि इसकी प्राकृतिक सुंदरता भी लोगों को शानदार अनुभव कराती है। हेमकुंड साहिब के कपाट इस महीने खुलने वाले हैं। यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग भी आज से शुरु हो गई है।
अगर आप हेमकुंड साहिब की यात्रा करना चाहते हैं तो इस लेख में आपके काम की पूरी जानकारी दी गई है। हेमकुंड साहिब के कपाट कब खुल रहे हैं, गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब तक कैसे पहुंचा जा सकता है और यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग कराने संबंधित पूरी जानकारी के लिए यह लेख पढ़ें ।
हेमकुंड साहिब कहां है?
हेमकुंड साहिब उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है। यह बर्फ से ढकी पर्वत श्रृंखलाओं के बीच बसा एक बेहद पवित्र और शांत स्थल है। सिख धर्म के लिए यह स्थान बेहद खास है क्योंकि यहां गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब भी है। सर्दियों में यह स्थान बर्फ से ढक जाता है, इसलिए इसे पर्यटकों के लिए बंद कर दिया जाता है। उत्तराखंड के चार धाम की तरह ही हेमकुंड साहिब के कपाट मई के महीने में खुल रहे हैं।
हेमकुंड साहिब की खासियत
- यह सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह जी को समर्पित है, जिन्होंने इस स्थान को अपने पूर्व जन्म की तपस्थली बताया था।
- यहां एक सात पहाड़ों से घिरा पवित्र सरोवर है, जिसे 'हेमकुंड' कहा जाता है। हेमकुंड का अर्थ हिम से बना तालाब होता है।
- यह गुरुद्वारा साल में सिर्फ पांच- छह महीने ही खुला रहता है, क्योंकि बाकी समय बर्फबारी के कारण यह क्षेत्र बंद रहता है।
कब खुलेंगे हेमकुंड साहिब के कपाट
इस साल गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई 2025 से खुल रहे हैं। यात्रा के लिए आज यानी 19 मई से हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग शुरू हो गई है।
कैसे पहुंचे हेमकुंड साहिब?
हेमकुंड साहिब की यात्रा ऋषिकेश या हरिद्वार से कर सकते हैं। यहां से गोविंद घाट तक टैक्सी या बस के जरिए पहुंचा जा सकता है। गोविंदघाट से 13 किमी की पैदल यात्रा करनी होती है। इसके अलावा घांघरिया तक हेली सेवा भी उपलब्ध है। घांघरिया से हेमकुंड साहिब तक छह किमी की खड़ी चढ़ाई है, जिसे पैदल, घोड़े या खच्चर के जरिये तय किया जा सकता है।
हेली सेवा की बुकिंग
पवन हंस एविएशन द्वारा गोविंदघाट से घांघरिया तक हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध है। हेली सेवा टिकट की बुकिंग 19 मई से शुरू हो गई है। टिकट आईआरसीटीसी की वेबसाइट heliyatra.irctc.co.in पर दोपहर 12 बजे से बुक की जा सकती है। हेली सेवा 25 मई से 22 जून 2025 तक चलेगी। गोविंदघाट से घांघरिया तक हेली सेवा का आने-जाने का कुल किराया 10,080 रुपये प्रति यात्री है। हेली सेवा के लिए यात्रा पंजीकरण अनिवार्य है।
कहां ठहरें
घांघरिया में कई धर्मशालाएं, गेस्ट हाउस और लॉज उपलब्ध हैं। यहां प्रति रात का होटल का किराया लगभग 500 से 2000 रुपये है। इसके अलावा गुरुद्वारा में निशुल्क रहने और लंगर की सुविधा है।
यात्रा का खर्च
दिल्ली से ऋषिकेश तक आप 200 रुपये में ट्रेन से पहुंच सकते हैं। ऋषिकेश से गोविंद घाट तक बस से लगभग एक हजार में पहुंचा जा सकता है। अगर आप गोविंदघाट से घांघरिया के लिए हेली सेवा बुक करते हैं तो लगभग 10,080 रुपये प्रति व्यक्ति खर्च करना पड़ सकता है। घांघरिया से हेमकुंड साहिब पैदल यात्रा में खच्चर का खर्च लगभग 1500 रुपये आ सकता है।
यात्रा के दौरान ठहरने और खानपान का दो दिन का खर्च 2500 रुपये तक संभव है। हेमकुंड साहिब की यात्रा का कुल खर्च 10000 से 15000 रुपये तक आ सकता है।