कर्नाटक के इस शहर में हैं कई प्राचीन और भव्य मंदिर, हनुमान जी का जन्म स्थान भी यहीं पर
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विजय विट्ठल मंदिर
- विजय विट्ठल मंदिर 15वीं शताब्दी में बनाया गया था। इस मंदिर को ऐतिहासिक सरंचनाओं में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। यह मंदिर भगवान विट्ठल को समर्पित किया गया है। विठ्ठल भगवान विष्षु भगवान के अवतार है। इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां कुछ स्तंभ ऐसे हैं , जिन्हें हाथ से खटखटाने पर संगीत के सात सुरों की ध्वनि निकलती है। इस मंदिर में करीब 56 स्तंभ हैं, जिनसे संगीत सरगम निकलती है। इसी कारण इन स्तंभों को 'संगीत स्तंभ' या फिर 'सारेगामा स्तंभ' कहा जाने लगा।
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हेमकुता पहाड़ी मंदिर
- हेमकुता हिल पर कई हिन्दू मदिंर हैं। यहां पर बड़े-बड़े किले की दिवारों के खंडहर भी हैं। मूल विरुपाक्ष मंदिर हेमकुता पहाड़ी मंदिर परिसर में सबसे ज्यादा लोकप्रिय मंदिर है। यह मदिंर हम्पी के सबसे प्रमुख स्थानों में से एक है।
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लक्ष्मी नरसिम्हा मंदिर
- हम्पी में लक्ष्मी नरसिम्हा मंदिर जिसे उग्रा नरसिम्हा की मूर्ति के रूप में भी जाना जाता है। यह हम्पी शहर की सबसे बड़ी मूर्ति है। भगवान लक्ष्मी नरसिम्हा की इस प्रतिमा को 1528 में बनाया गया था। यह प्रतिमा 6.7 मीटर ऊंची है।
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हनुमान मंदिर
- हनुमान मंदिर भी यहां के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। यह हनुमान मंदिर अंजनेय पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। कई लोगों का मानना है कि यह हनुमान भगवान का जन्म स्थान है। यह मंदिर हम्पी गांव से करीब 4 किमी दूर है। इस मंदिर तक जाने के लिए नाव का इस्तेमाल करना पड़ता है और फिर जब अंजनेय पहाड़ी पर पहुंच जाते हैं तब मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं।
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