2020 तक दो करोड़ पार होगी विदेशी पर्यटकों की संख्या, सरकार के इन कदमों ने आसान किया लक्ष्य
ई-वीजा शुल्क को कम करना, हिमालय की चोटियों को पर्यटकों के लिए खोलना, टूरिस्ट प्लेसों पर विदेशी भाषाओं में संकेत, एएसआई की साइटों को रोशन करना और भारत की संस्कृति को विदेशों में बढ़ावा देना, ये भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की ओर से इस साल किए उठाए गए ऐसे सकारात्मक कदम हैं, जिनकी बदौलत साल 2020 तक देश में वैश्विक पर्यटकों की संख्या दो करोड़ा के पार पहुंच सकती है।
ट्रेकिंग और अन्य पर्वतारोहण अभियानों के लिए 8,589 मीटर की ऊंचाई पर स्थित शक्तिशाली कंचनजंगा सहित 137 हिमालयी चोटियों सहित 137 हिमालयी चोटियों को पर्यटकों के लिए सरकार ने खोला। इस सूची में उत्तराखंड की डुनागिरी (7,066 मीटर) और हार्डोल (7,151 मीटर) शामिल हैं। सिक्किम में 7,000 मीटर की ऊंचाई वाला काब्रु उत्तर और दक्षिण हिल, जम्मू और कश्मीर में 6400 मीटर की ऊंचाई वाला माउंट कैलाश और हिमाचल प्रदेश में 6,571 मीटर की ऊंचाई वाला मुल्किला शामिल है।
अबतक विदेशियों को इन चोटियों पर चढ़ने के लिए रक्षा और गृह मंत्रालयों से अनुमति लेनी पड़ती थी। सरकार के इस कदम के बाद विदेशी पर्यटक अब परमिट के लिए सीधे भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन को आवेदन कर सकते हैं। पर्यटन मंत्री प्रह्लाद पटेल ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है, जो पर्यटन को एक बड़ा बढ़ावा देगा।
उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक पर्यटक देश में आएं। यही कारण है कि अब हम एएसआई स्मारकों को रोशन कर रहे हैं। पटेल ने पीटीआई को दिए गए साक्षात्कार में कहा कि पर्यटन स्थलों को रात में खुला रखना, विदेशी भाषाओं में पर्यटन स्थलों पर संदेश प्रदर्शित करना, स्मारकों के आसपास बुनियादी ढांचे को सुनिश्चित करना, पर्यटन सुविधाओं का निर्माण करना है।
मालूम हो कि साल 2017 में, पर्यटन से भारत ने लगभग 23 अरब डॉलर का राजस्व अर्जित किया था, जिसे 2023 तक 100 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है। यह फ्रांस और स्पेन की तुलना में अधिक है। 2017 में भारत में 1.4 करोड़ विदेशी पर्यटक आए थे, जबकि 2014 में यही आंकड़ा 76.8 लाख था। इस लिहाज से भारत में पर्यटन के मोर्चे पर 14 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई, जो वैश्विक औसत 6.8 प्रतिशत और एशियाई औसत 5.7 प्रतिशत से काफी अधिक है।
हालांकि घरेलू पर्यटन की वृद्धि महज 2.3 प्रतिशत रही। सकल घरेलू उत्पाद में पर्यटन का योगदान सात प्रतिशत रहा। विश्व आर्थिक मंच के अनुसार पर्यटन से जुड़े प्रतिस्पर्द्धात्मक सूचकांक में पिछले चार वर्षों में भारत ने 25 स्थान ऊपर की छलांग लगाई है। इसका श्रेय सरकार के उन प्रयासों को जाता है, जिनके कारण भारत में विदेशी पर्यटकों की संख्या बहुत बढ़ गई है।
2019 की पहली दो तिमाहियों में विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई थी। जनवरी से जुलाई के दौरान इनकी संख्या 60 करोड़ 84 लाख 353 थी, जो एक साल पहले 59 करोड़ 57 लाख 816 थी, जो पर्यटन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 2.1 प्रतिशत की मामूली वृद्धि थी।
जनवरी और जुलाई के बीच बांग्लादेश के शीर्ष 15 देशों की सूची में बांग्लादेश का नेतृत्व 23.67 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ हुआ, इसके बाद अमेरिका (16.02 प्रतिशत), ब्रिटेन (10.12 प्रतिशत), मलेशिया (3.15 प्रतिशत), चीन (2.78 प्रतिशत) और श्रीलंका (2.75 प्रतिशत) का स्थान रहा।।
भारत चीन में अपनी पर्यटन रणनीति को फिर से शुरू कर रहा है, जिसमें एक शीर्ष अधिकारी की अध्यक्षता में एक पूर्ण क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय खोलना शामिल है। अधिकारियों ने कहा कि 50 लाख चीनी पर्यटक विश्व स्तर पर यात्रा करते हैं, वर्तमान में भारत का हिस्सा केवल 3.5 लाख है। मंत्रालय ने बौद्ध सर्किट के सभी क्षेत्रों के लिए मंदारिन में हस्ताक्षर किए, जिसमें गौतम बुद्ध से संबंधित साइटें शामिल हैं।