गर्मियों में घूमने की ऐसी कोई जगह मिल जाए, जहां खुशनुमा माहौल में आप बालकनी में बैठकर चाय की चुस्कियां लें। साथ ही आपके सामने बर्फ से ढके पहाड़, हरी-भरी वादियां और प्रकृति के मनमोह लेने वाले नजारे नजरों के सामने हों। कल्पना तो कर ही चुके होंगे तो अब प्लान बनाइए क्योंकि हम आज उन जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आम हिल स्टेशनों से अलग हिमाचल की गोद बसे हैं। ये कुछ खास कॉटेज हैं, जो आपकी छुट्टियों और यादों को स्पेशल बना देंगे।
पहाड़ों की गोद में बसे हैं ये 5 कॉटेज, छुट्टियों का मजा हो जाएगा दोगुना
हिमाचल प्रदेश में बसा कोटखाई का एपल ऑर्चर्ड फार्म स्टे वादियों के बीच बसा कॉटेज है। यहां हरियाली के साथ-साथ ट्रैकिंग के कई पॉइंट्स हैं। कांच की चारदीवारी वाले कमरों से आप आस-पास की खूबसूरती को साफ तौर पर देख सकते हैं। यहां के सेब पीच और हरे बादाम के बगीचे आपका दिल जीत लेंगे। पहाड़ियों के सामने कमरों में प्राइवेट सिटआउट एरिया है, जो बोनफायर के लिए परफेक्ट है।
दिल्ली से करीब 325 किलोमीटर की दूरी पर जिलिंग में जिलिंग टेरेस है। ये 2000 मीटर की ऊंचाई पर बना एक खूबसूरत कॉटेज है। जिलिंग टेरेस ऐसा होमस्टे है, जिसमें आपको दो बड़े स्वीट्स, दो कमरे और हर कमरे के साथ 1 लॉबी मिलती है।
अल्मोड़ा के पास बने सुकून कॉटेज हिमालय की गोद में हरे-भरे पेड़ों के बीच बसा है। लकड़ी और पत्थर से बना असली कुमाऊंनी आर्किटेक्ट और वहीं पर उगाए जाने वाली सब्जियों से बना टेस्टी खाना आपकी छुट्टियों को दिलचस्प बना देगा। कमरे की खिड़की से बर्फ से ढकी हुई नंदा देवी और दूसरी पहाड़ियां दिखाई देते हैं। ये कॉटेज एक छोटे से गांव में बना है। तीन कमरों वाले होमस्टे में वह सब कुछ है।
शिमला के मॉल रोड से 15 मिनट की दूरी पर बसा संजीव का आयरा होम रिट्रीट अपने आप में खास है। 150 साल पुराना इस कॉटेज के आसपास हरी-भरी वादियां हैं। आसपास कंक्रीट की दीवारों से सजा ये कॉटेज कई तरह के खूबसूरत फूलों और बगीचे की बीच बसा है। यहां पहुंचने के लिए ट्रैक्सी आसानी से उपलब्ध हो जाती है।