फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Teachers Day Spl sir you have not taught only but given the lessons of life

Teachers Day: सर आपने सिर्फ पढ़ाया ही नहीं, जिंदगी का कायदा भी समझाया

Tue, 05 Sep 2017 12:19 PM IST
संध्या द्विवेदी
संध्या द्विवेदी Updated Tue, 05 Sep 2017 12:19 PM IST
विज्ञापन
Teachers Day Spl sir you have not taught only but given the lessons of life

प्रिय सर

विज्ञापन

‘एक सामान्य शिक्षक आपको बताता है, अच्छा शिक्षक एक्सप्लेन करता है और महान शिक्षक आपको प्रेरित करता है।’ अमेरिकी लेखक विलियम आर्थर कि ये लाइन पढ़ी तो लगा सच के कितने करीब है उनकी ये बात। मेरी निजी डायरी जिसमें आपकी कही न जाने कितनी बातें कलमबद्ध हैं जब भी खोलती हूं लगता है जिंदगी का एक नया सूत्र मिल गया। हां, सच है प्रेरणा ही तो हैं आप मेरी।

पढ़ें-फादर्स डेःथैंक्यू पापा, मुझे हौंसलों के पर देने के लिये
विज्ञापन


मैं सर-सर कहते हुए जब भी अपनी शिकायतें लेकर आपके पीछे आती आप इतने ध्यान से मेरी बातें सुनते कि लगता आप मेरे दुख में बिल्कुल शरीक हो गए हैं। फिर अचानक से आपकी भारी सी आवाज आती और कहते तुम अगर इन छोटी-छोटी बातों से घबराओगी तो जिंदगी के जंगल में गुम हो जाओगी। और फिर उठाकर एक किताब मेरी तरफ उछाल देते लो इसे ले जाकर पढ़ना। जिंदगी कुछ डिग्रियों या फिर कुछ थ्योरीज में सिमटी हुई नहीं है। मैं खीझ जाती, और मन ही मन कहती, समाधान चाहिए था ज्ञान नहीं! और फिर जब घर लौटती तो थकान के बाद भी उस किताब के पन्ने पलटने लगती।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ते-पढते उसमें डूब जाती। न जाने कितनी किताबें यूं आपने मुझे पढ़ा डालीं। मुझे याद है आपने कहा था नंबरों की दौड़ मत लगाओ। हर विषय को जिंदगी से जोड़कर पढ़ो। गुत्थियां खुद ब खुद सुलझ जाएंगी। किन गुत्थियों की बात आप करते थे, तब समझ से परे था। मगर अब समझ आता है किन सवालों की बात आप करते थे। जब सब इंपोर्टेंट सवालों की खोज में इधर-उधर भटक रहे होते तब आप मुझे किसी एक टॉपिक को विस्तार से पढ़ने की सलाह देते। सलाह ही नहीं बल्कि उस विषय को पढ़ने की लिए मेरे मन में ललक पैदा कर देते।

पढ़ें-पिता के ऐसे पत्र जिन्हें पढ़कर आपको पता चलेगा, यूं हीं कोई इंदिरा गांधी नहीं बन जाता


मैं आपका लिखा दस दस बार पढ़ती। लेखक भी तो हैं आप। आपकी हर कहानी, हर किताब पढ़ती और फिर सोचती शब्दों में जादू है या आपकी कलम कोई जादू की छड़ी है।  क्या कहानियों का कोई खजाना है जिसकी चाभी सिर्फ आपके पास है। या वो अलीबाबा और चालीस चोर की कहानी की तरह सिमसिम का मंत्र बस आपको पता है।

आज एक बताऊं आपको पता भी नहीं होगा, मैंने आपकी कही कई बातों को अपनी डायरी में चुपचाप नोट कर लिया था। आज पढ़ती हूं तो समझ आता है, विषय पढ़ाते-पढ़ाते आपने तो जिंदगी जीने का तरीका ही डाला। साइकोलॉजी, एनाटॉमी के सवालों को सॉल्व करते-करते कब आप जिंदगी के गंभीर प्रश्नों का उत्तर दे गए पता ही नहीं चला।

मुझे याद है एक दिन मुझे घबराया हुआ देखकर आपने कहा था, ‘जिंदगी जब तुम्हें डराने लगे तो स्थिर होकर आंखों से आंखे मिलाकर उसे देखना। तब तक देखना जब तक वो अपनी आंखें नीची न कर ले।’ कैसे भूल सकती हूं आपका ये कहना, ‘ खुद की क्षमताओं और कमियों का आंकलन करने वालों को जिंदगी कभी धोखा नहीं देती।’ और आपने कहा था ‘मौके का इंतजार मत करो अपने हुनर को लगातार तराशो क्योंकि मौका दरवाजा खटखटाकर नहीं अचानक आता है। आपकी तैयारी हुई तो ठीक नहीं तो वो किसी और के पास बेधड़क चला जाता है।’

 

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed