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Hindi News ›   Lifestyle ›   Sharidya Navratri Vrat Niyam How to Observe Fast For Nine Days

Shardiya Navratri 2025: नवरात्रि उपवास के नियम, इन 9 उपायों से होगा व्रत सफल और फलदायी

Sun, 21 Sep 2025 03:04 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Sun, 21 Sep 2025 03:04 PM IST
सार

Shardiya Navratri Vrat Niyam: इस वर्ष शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर 2025 को मनाई जा रही है जिसका समापन 1 अक्तूबर 2025 को नवमी तिथि पर होगा। आइए जानते हैं नवरात्रि व्रत के नियम और नौ दिनों तक उपवास रखने की विधि।

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Sharidya Navratri Vrat Niyam How to Observe Fast For Nine Days
शारदीय नवरात्रि 2025 - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

Shardiya Navratri Vrat Niyam: शारदीय नवरात्रि 2025 मां दुर्गा की उपासना का सबसे शुभ पर्व है। इस दौरान भक्त मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना कर व्रत रखा जाता हैं। नवरात्रि का व्रत सिर्फ भोजन का नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन, संयम और आत्मशुद्धि का प्रतीक है। सही नियमों और विधियों से व्रत करने पर न केवल माता रानी प्रसन्न होती हैं, बल्कि जीवन में सकारात्मकता और शांति का वास होता है। नवरात्रि व्रत रखने से आत्मबल बढ़ता है, मन और शरीर दोनों शुद्ध होते हैं और घर-परिवार में सुख-शांति आती है। व्रत के दौरान संयम, श्रद्धा और भक्ति सबसे अहम हैं। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर 2025 को मनाई जा रही है जिसका समापन 1 अक्तूबर 2025 को नवमी तिथि पर होगा। आइए जानते हैं नवरात्रि व्रत के नियम और नौ दिनों तक उपवास रखने की विधि।

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नवरात्रि व्रत के सामान्य नियम

  • व्रत की शुरुआत घटस्थापना और संकल्प से होती है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है और संकल्प लेकर व्रत शुरू किया जाता है।
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  • व्रती को प्रतिदिन मां दुर्गा के अलग-अलग रूप की पूजा करनी चाहिए। 
  • नवरात्रि के नौ दिन तक लहसुन, प्याज और मांसाहारी भोजन से परहेज अनिवार्य है।
  • नवरात्रि में शराब, तंबाकू और नकारात्मक आदतों से दूर रहना चाहिए।
  • व्रत के दौरान स्वच्छता और सात्विकता बनाए रखना जरूरी है।

व्रत रखने की दो विधियां

  • पहला- नवरात्रि में निर्जल उपवास कर सकते हैं। इसमें पूरे दिन कुछ नहीं खाया जाता, केवल पूजा-पाठ के बाद जल ग्रहण किया जाता है।
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  • दूसरा- नवरात्रि के नौ दिन भक्त फलाहार व्रत करते हैं। इसमें फल, दूध, साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा और सेंधा नमक से बने व्यंजन खाए जाते हैं।

 

9 दिन उपवास कैसे रखें?

पहला दिन: मां शैलपुत्री की पूजा करें, घी का भोग लगाएं और सात्विक आहार लें।

दूसरा दिन: मां ब्रह्मचारिणी को मिश्री और फल का भोग अर्पित करें।

तीसरा दिन: मां चंद्रघंटा की आराधना करें और दूध या खीर का भोग लगाएं।

चौथा दिन: मां कूष्मांडा को मालपुआ या हलवा चढ़ाएं।

पांचवां दिन: मां स्कंदमाता की पूजा करें और केले का भोग लगाएं।

छठा दिन: मां कात्यायनी को शहद अर्पित करें।

सातवां दिन: मां कालरात्रि की पूजा कर गुड़ का भोग लगाएं।

आठवां दिन (अष्टमी): मां महागौरी को नारियल और हलवे-पूरी का भोग लगाएं।

नौवां दिन (नवमी): मां सिद्धिदात्री की पूजा कर कन्या पूजन करें और उन्हें भोजन कराकर व्रत का समापन करें।

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