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Left Handed Kid: क्या आपका बच्चा भी है लेफ्टी? जानिए कारण और परवरिश पर इसका असर
Fri, 23 May 2025 03:04 PM IST
शिवानी अवस्थी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवानी अवस्थी
Updated Fri, 23 May 2025 03:04 PM IST
सार
left handed : अधिकतर बच्चे दाहिने हाथ से अपने सभी दैनिक कार्य करते हैं, लेकिन कई बच्चे दाहिने की जगह अपने बाएं हाथ का इस्तेमाल करते हैं। क्या यह कोई परेशानी की बात है?
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उल्टे हाथ से लिखता है बच्चा, जानें कारण और निवारण
- फोटो : freepik.com
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विस्तार
वंदना त्यागी
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अक्सर आपने देखा होगा कि कुछ बच्चे लेफ्ट हैंडेड होते हैं, यानी वे सभी दैनिक काम बाएं हाथ से ही करना पसंद करते हैं। यह उनकी निजता का एक स्वाभाविक हिस्सा होता है और एक सामान्य प्रक्रिया भी। मगर कई माता-पिता को यह चिंता रहती है कि इससे बच्चे का विकास अवरुद्ध हो सकता है या समाज उसे स्वीकार नहीं करेगा। इस कारण वे बच्चों को दाहिने हाथ से खाने, चीजों को पकड़ने और लिखने पर जोर डालते हैं, जो कि गलत है।
लड़कियों की तुलना में लड़के ज्यादा
बच्चों के लेफ्ट हैंडेड होने के पीछे कुछ जेनेटिक कारण तो होते ही हैं, साथ में लो बर्थ वेट भी इसका एक बड़ा कारण है। 144 बच्चों पर किए गए मेटा एनालिसिस और ब्रेन लेट्रेलिटी स्टडी के अनुसार, लड़कियों की तुलना में लड़के अधिक लेफ्ट हैंडेड होते हैं। कई मामलों में बच्चे अपने माता-पिता या पसंद के किसी व्यक्ति को देखकर भी लेफ्ट हैंडेड हो जाते हैं। वहीं लर्निंग और सामाजिक माहौल भी लेफ्ट हैंडर होने में अहम भूमिका निभाता है, क्योंकि कुछ बच्चे सीखने की प्रक्रिया में ही किसी एक हाथ का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं और राइट या लेफ्ट हैंडेड बन जाते हैं।
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कितनी चिंता की बात
अगर बच्चा सारे काम बाएं हाथ से करता है तो यह सामान्य है और कोई चिंता की बात नहीं है। लेफ्टी होना सिर्फ एक व्यक्तिगत विशेषता है और अगर बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास सामान्य है तथा उसे कोई अन्य समस्या नहीं हो रही है तो आपको इसके बारे में ज्यादा चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन अगर आपको बच्चे में ध्यान या अन्य विकासात्मक समस्याएं देखने को मिलती हैं तो आपको बच्चे के विकास की प्रक्रिया को लेकर विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए।
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कुशाग्र बुद्धि
माना जाता है कि लेफ्ट हैंडेड बच्चे बेहद कुशाग्र बुद्धि होते हैं। संगीत और गणित विषयों में काफी बुद्धिमान होते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि ये मस्तिष्क के सीधे हेमिस्फीयर का इस्तेमाल करते हैं, जहां सभी क्रिएटिव सेंटर्स मौजूद होते हैं। साथ ही इनकी मेमोरी भी काफी अच्छी होती है, क्योंकि इनके दोनों हेमिस्फीयर अच्छी तरह कनेक्ट होते हैं।
खास परवरिश
चूंकि ऐसे बच्चे बहुत क्रिएटिव होते हैं, लिहाजा आप उनकी रुचियों को जानें और उन्हें प्रोत्साहित करें। आप उन्हें लेफ्ट की जगह राइट हैंड का इस्तेमाल करने के लिए जबरदस्ती न करें। इससे बच्चे का न्यूरल सरक्यूटरी प्रभावित हो सकता है और आगे चलकर वे दोनों हाथों में से किसी एक का भी ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं।
रचनात्मकता से भरपूर
दिल्ली के जग प्रवेश चंद्र अस्पताल के बाल रोग विभाग की सीनियर रेजिडेंट डॉ. नौशीन सिद्दीकी बताती हैं, 90 प्रतिशत आबादी राइट हैंडेड है और केवल 10 प्रतिशत लोग ही लेफ्ट हैंडेड हैं। राइट या लेफ्ट हैंडेड होना आनुवंशिकता पर निर्भर करता है, वहीं पर्यावरणीय कारण भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मस्तिष्क का बायां गोलार्ध वाणी और भाषा से संबंधित है और दाहिना गोलार्ध गैर-प्रमुख है। लेकिन बाएं हाथ वाले व्यक्तियों में यह उल्टा होता है (दाहिना गोलार्ध प्रमुख होता है), इसलिए वे रचनात्मक होते हैं। लेफ्ट हैंडेड बच्चों को सामाजिक स्वीकृति प्राप्त होती है, इसलिए माता-पिता को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन कई बार यह ऑटिज्म और अन्य व्यावहारिक तथा मनोवैज्ञानिक विकारों से संबंधित हो सकता है, जिसके लिए आपको बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए।