छोटे बच्चों को कार्टून देखना बेहद पसंद होता है। अगर आपका बच्चा कार्टून देखता है तो उसे डांटे न बल्कि देखने दें। कार्टून देखने से बच्चों का मानसिक विकास होता है। एक अध्ययन का कहना है कि कार्टून देखना, बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अच्छा है। इस अध्ययन में बताया गया है कि कार्टून देखने से बच्चों की याददाश्त बढ़ती है। याददाश्त में सुधार होता है। और यह दिमाग के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। अध्ययन कहता है कि जो बच्चे ज्यादा कार्टून देखते हैं उनकी रचनात्मकता बढ़ती है और उनमें कथा कौशल का विकास होता है।
यानी कार्टून देखने वाले बच्चे किस्से और कहानी कहने में माहिर होते हैं। कार्टून देखने से बच्चों में तर्क क्षमता भी बढ़ती है। इस अध्ययन को यूपीवी/ईएचयू डिपार्टमेंट ऑफ इवॉल्यूशनरी साइकॉलोजी एंड एजुकेशन ने किया है। अध्ययन का कहना है कि आठ और नौ साल के जो बच्चे ज्यादा कार्टून देखते हैं उनमें कथा कौशल का विकास होता है। नैतिक मूल्य विकसित होते हैं और किसी बात को लेकर तर्क करने की क्षमता बढ़ती है।
अगर आप भी चाहते हैं कि आपके बच्चे का विकास हो तो उसे कार्टून देखने पर झिड़के न बल्कि कार्टून देखने दें। इस अध्ययन में बच्चों का कार्टून देखने का विश्लेषण किया गया और इसके कई फायदों के बारे में पता लगाया गया। आपको बता दें कि बच्चों को कई तरह का कार्टून पसंद होते हैं। इन दिनों छोटे बच्चे डोरेमोन देखना बेहद पसंद करते हैं। आपने अक्सर घरों में बच्चों को कार्टून चैनलों से चिपके हुए देखा होगा।
हालांकि, इसका यह मतलब कतई नहीं है कि आप अपने बच्चों को दिनभर कार्टून देखने दें। कार्टून देखने से जहां बच्चों में रचनात्मक विकास होता है, वहीं इसके नुकसान भी हो सकते हैं। अगर आपका बच्चा दिनभर टीवी के सामने कार्टूून देखने में ही वक्त बिताएगा तो उसकी शिक्षा प्रभावित होगी और आंखें भी कमजोर हो सकती हैं। यह भी जरूरी है कि आपका बच्चा किस तरह के कार्टून कैरेक्टर देखना पसंद करता है। अगर आपका बच्चा हिंसक कार्टून चरित्रों को देख रहा है तो इससे उनसे मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है।