Gardening Tips: अब धनिया-मिर्च कभी नहीं खरीदनी पड़ेगी, घर में ऐसे उगाएं और पैसा बचाएं
Organic Gardening At Home : घर पर खुद से धनिया और मिर्च उगाकर जब चाहें तब ताजी सब्जियां प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए न तो बहुत जगह चाहिए, ना ही बहुत खर्चा। ज्यादा देखभाल की भी जरूरत नहीं है, बस थोड़ी मेहनत और सही जानकारी से आप छत या बालकनी में गमले में ही अपनी हरी-भरी खेती कर सकते हैं।
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Gardening Tips: भारतीय रसोई में बनने वाले व्यजंन हरा धनिया और मिर्च के बिना अधूरे हैं। स्नैक्स से लेकर दाल, सब्जी तक हर किसी में मिर्च और धनिया स्वाद और रूप दोनों बढ़ाता है। ऐसे में जब भी लोग सब्जी की खरीदारी करते हैं तो सब्जियों में वैरायटी भले ही हो लेकिन हरा धनिया और मिर्च हर बार घर लेकर ही आते हैं। हालांकि अगर आप हर बार सब्जी बनाते समय बाजार से धनिया या मिर्च खरीदने के झंझट से बचना चाहते हैं तो कोई स्थाई उपाय अपना लें। घर पर खुद से धनिया और मिर्च उगाकर जब चाहें तब ताजी सब्जियां प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए न तो बहुत जगह चाहिए, ना ही बहुत खर्चा। ज्यादा देखभाल की भी जरूरत नहीं है, बस थोड़ी मेहनत और सही जानकारी से आप छत या बालकनी में गमले में ही अपनी हरी-भरी खेती कर सकते हैं।
घर पर कैसे उगाएं धनिया-मिर्च?
मिट्टी तैयार करें
धनिया और मिर्च दोनों के लिए ढीली, जैविक खाद युक्त मिट्टी जरूरी है। आप गमले या ग्रो बैग में कम्पोस्ट और मिट्टी को बराबर मात्रा में मिलाकर उपयोग करें।
बीज और रोपण का सही तरीका
धनिया के बीज को थोड़ा कूटकर छह से आठ घंटे पानी में भिगो दें और फिर गमले में बो दें। मिर्च के लिए पुराने मिर्च के बीज भी उपयोग किए जा सकते हैं। बीजों को एक सेमी गहराई में मिट्टी में दबाएं।
पानी देने का सही तरीका
धनिया को हर रोज हल्का पानी देना चाहि लेकिन ध्यान रखें पानी जमा न हो। वहीं मिर्च के पौधे को सप्ताह में दो से तीन बार पानी दें। बहुत अधिक पानी से पौधे सड़ सकते हैं।
धूप और तापमान
धनिया को सुबह की हल्की धूप और ठंडी जलवायु पसंद है जबकि मिर्च को छह-सात घंटे की तेज धूप की जरूरत होती है। इन्हें ऐसी जगह रखें जहां हवा और रोशनी भरपूर मिले।
देखभाल और कटाई
हरा धनिया का पौधा 30 से 35 दिन में कटाने योग्य हो जाता है। जैसे ही बीज से पत्तियां आने लगें, आप इन्हें तोड़कर उपयोग में ला सकते हैं। मिर्ची के पौधों को उगने और उसमें फल आने में 60-70 दिन का समय लग जाता है। इस दौरान समय-समय पर सूखे पत्ते और खरपतवार हटाते रहें।