सैनिटरी नैपकिन- कोरोना वायरस लॉकडाउन के समय महिलाओं को स्वच्छ व सुरक्षित रखने के लिए एक आवश्यक वस्तु
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भारत ने कोविड- 19 को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा की है। इसके साथ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि राशन, दवाएं व अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति जारी रहेगी। लेकिन आवश्यक सामग्री के बारे में थोड़ी पारदर्शिता बनाए रखने की आवश्यकता है, जिससे स्थानीय प्रवर्तन निकाय व सप्लायर साथ मिलकर आवश्यक चीजों को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचा सकें।
इस 21 दिनों के लॉकडाउन में केवल आवश्यक चीजें ही उपलब्ध कराई जा सकती हैं। कुछ महत्वपूर्ण चीजें जिन्हें अतिआवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में रखा गया है वो हैं खाने वाला तेल, दाल, चावल, चीनी, पेट्रोलियम व पेट्रोलियम उत्पाद, जूट व टेक्सटाइल, फलों व सब्जियों के बीज, दवाएं आदि। इसेन्शियल कमोडिटी ऐक्ट 1955, आवश्यक चीजों की उपभोक्ता को उपलब्धि सुनिश्चित करता है, साथ ही धूर्त व्यापारियों द्वार इन वस्तुओं की दोहन से रक्षा भी करता है।
सैनिटरी नैपकिन व अन्य स्वच्छता उत्पाद आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में स्पष्ट रूप से नहीं हैं। जिससे इन वस्तुओं की आपूर्ति में पूरे देश में बाधा आ रही है। ढेरों दुकानों पर ये चीजें खत्म हो चुकी हैं और लोकल अथॉरिटी द्वारा इन्हें आवश्यक सामान न समझने के कारण सप्लायर इन्हें उपलब्ध भी नहीं करा पा रहे हैं। हालांकि तेलंगाना और कर्नाटक की सरकारों ने इन्हें आवश्यक चीजों की श्रेणी में रखा है जिससे दोनों राज्यों में इनकी आपूर्ति में तेजी आई है। इसी तरह का कदम केंद्र सरकार द्वारा उठाए जाने पर इन सामानों की आपूर्ति में निश्चित ही थोड़ी सहायता होगी।
ऐमजॉन, बिग बास्केट और अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफार्म, इसकी स्पष्टता न होने के कारण, यह जानते हुए भी कि ये वस्तुएं महिलाओं के लिए कितनी आवश्यक हैं, सैनिटरी नैपकिन की डिलिवरी नहीं कर पा रहे हैं।
शुद्ध प्लस हाइजीन प्रोडक्ट्स के संस्थापक और नाइन सैनिटरी नैपकिन के उत्पादक अमर तुलस्यान ने कहा कि जहां प्रत्येक राज्य सरकार आवश्यक वस्तुओं को स्पष्ट कर रही हैं, केंद्र सरकार, उपभोक्ता अथवा स्वास्थ्य मंत्रालय या पीएमओ द्वार लॉकडाउन के समय आवश्यक सामानों की विस्तृत सूची जारी करने पर इन प्रयासों को और गति मिल सकती है। इस सूची में सैनिटरी नैपकिन, साबुन व अन्य स्वच्छता उत्पादों को सम्मिलित किया जाए जिससे कि ये आवश्यक लोगों तक पहुंच सकें।
सैनिटरी नैपकिन, ई-कॉमर्स प्लेटफार्म, दवा की दुकानों और किराना की दुकानों द्वारा बेचे जाते हैं जो कि दूध, राशन व दवाओं की सप्लाई के लिए अभी भी खुले हुए हैं। सैनिटरी नैपकिन महिलाओं के लिए अतिआवश्यक हैं, इसलिए इसे आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में रखा जाना चाहिए, जिससे कि लॉकडाउन के समय भी महिलाओं को उपलब्ध कराया जा सके। जिससे महिलाएं अपनी पर्सनल हाइजीन सुनिश्चित कर सकें व लॉकडाउन के समय स्वस्थ रह सकें।