Navratri Devi Geet: नवरात्रि में याद करें ये सरल देवी गीत और बनाएं माता की चौकी को खास
Navratri Simple Devi Geet And Bhajan इस लेख में आपको टाॅप 5 देवी मां के भजन की लिस्ट दी जा रही है, साथ ही कुछ सरल देवी गीत लिरिक्स समेत लिखे जा रहे हैं, जिन्हें आप आसानी से याद कर सकते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Navratri Simple Devi Geet And Bhajan: 22 सितंबर 2025 से नवरात्रि शुरू हो गई है जो कि 1 अक्तूबर 2025 नवमी तिथि तक मनाई जाएगी। इस दौरान देवी मां के नौ स्वरूपों की पूजा होती है। सुबह-शाम देवी मां की आरती की जाती है। वहींं लोग भजन संध्या या कीर्तन का आयोजन करते हैं। जगह-जगह माता की चौकी बैठाई जाती है, जिसमें भक्त देवी गीत और भजन गाते हैं।
नवरात्रि के दिनों में घर-घर माता की चौकी, कीर्तन और भजन संध्या का आयोजन होता है। लेकिन कई बार लोग यह सोचकर असहज हो जाते हैं कि उन्हें तो कोई भजन याद ही नहीं है। ऐसे में आप कुछ आसान और लोकप्रिय देवी गीत या भजन गाकर माता रानी की भक्ति कर सकते हैं। ये गीत सरल बोल और मधुर धुन वाले हैं, जिन्हें बिना ज्यादा रियाज़ के हर कोई गा सकता है। इस लेख में आपको टाॅप 5 देवी मां के भजन की लिस्ट दी जा रही है, साथ ही कुछ सरल देवी गीत लिरिक्स समेत लिखे जा रहे हैं, जिन्हें आप आसानी से याद कर सकते हैं।
आसान और लोकप्रिय देवी गीत- भजन
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
यह देवी गीत या भजन नहीं, बल्कि माता की आरती है। देवी मां की आरती हर चौकी का अभिन्न हिस्सा है। साथ ही नवरात्रि की पूजा में देवी की आरती जरूर होती है। इसलिए सबसे पहले आपको देवी मां की इस आरती को याद कर लेना चाहिए।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है
यह माता के दरबार का सबसे प्रसिद्ध गीत है। इसे माता की चौकी में गाएंगे तो हर कोई भक्ति में सराबोर हो जाएगा।
ओ शेरोंवाली, ओ शेरोंवाली
यह चौकी और जागरण का लोकप्रिय गीत है। इस गीत को गाकर सभी भक्तों को झूमने के लिए उत्साहित किया जा सकता है।
दुनिया चले ना श्री अम्बे के बिना
ये बेहद आसान और भक्तिपूर्ण गीत है। ये मन को भक्ति में डूबाने वाला गीत है। इसे आसानी से याद किया जा सकता है और गाया जा सकता है।
मंगलमूर्ति रूप निराला, जय जय अम्बे माता
नवरात्रि में घर पर कीर्तन रखा है तो सभी महिलाओं के बीच ढोलक की थाप पर ये गीत गाएं। ये भजन भक्ति भाव जगाने वाला है।
भजन
मैया को कैसे मैं मनाऊं रे
मैया को कैसे मैं मनाऊं रे,
मेरी मैया ना माने।
अम्बे न माने जगदम्बे ना माने,
काली न माने महाकाली ना माने।
मैया को कैसे मैं मनाऊ रे,
मेरी मैया ना माने।।
-------
मैया को भाए ना रेशम की साड़ी,
मैया को भाए ना रेशम की साड़ी,
चुनरिया कहां से मैं लाऊं रे,
मेरी मैया ना माने।
मैया को कैसे मैं मनाऊं रे,
मेरी मैया ना माने।।
--------
मैया को भाए ना ढोलक मंजीरा,
मैया को भाए ना ढोलक मंजीरा,
ढोल नगाड़े कहां से लाऊं रे,
मेरी मैया ना माने।
मैया को कैसे मैं मनाऊं रे,
मेरी मैया ना माने।।
----------
मैया को भाए ना मेवा मिठाई,
मैया को भाए ना मेवा मिठाई,
चना, हलवा पूड़ी कहां से मंगवाऊं रे,
मेरी मैया ना माने।
मैया को कैसे मैं मनाऊं रे,
मेरी मैया ना माने।।
--------
मैया को भाए ना बग्गी और घोड़ा,
मैया को भाए ना बग्गी और घोड़ा,
शेर कहाँ से मंगवाऊं रे,
मेरी मैया ना माने।
मैया को कैसे मैं मनाऊं रे,
मेरी मैया ना माने।
----------
अम्बे न माने जगदम्बे ना माने,
काली ना माने महाकाली ना माने,
मैया को कैसे मैं मनाऊं रे,
मेरी मैया ना माने............