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रोगों का सबब न बन जाएं ये दवाएं

Mon, 24 Jun 2013 07:40 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Mon, 24 Jun 2013 07:40 AM IST
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popping pills frequently cause different side effects on health

सिर में दर्द हुआ पेन किलर ले ली, थोड़ा सा जुकाम हुआ तो कफ सिरप ले लिया। डॉक्टर से पूछने की जरूरत ही नहीं, बस घर में रखी दवा ले ली। अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा ही होता है तो अब सोचना शुरू कर दें क्योंकि ऐसी कई दवाएं हैं जिनका साइड इफेक्ट आपके लिए दूसरी समस्याओं की वजह हो सकता है।

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आइए जानें, ऐसी ही कुछ दवाओं के बारे में जिनका बहुत अधिक सेवन फायदे की जगह नुकसान का कारण बनता है।

कफ सिरप
होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. ए.के. अरुण के अनुसार ऐसे कई कफ सिरप और एंटीबायोटिक्स बाजार में धड़ल्ले से बिक रहे हैं जिन्हें विश्व स्वास्थ्य संगठन ने प्रतिबंधित दवाओं की सूची में शामिल किया है।
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बेनाड्रिल, कोरेक्स जैसे कफ सिरप हमेशा से विवादित रहे हैं और कई शोधों में इनके नुकसान का पता चला है। यही वजह है कि फूड एंड ड्रग्स एसोसिएशन (एफडीए) ने बेनाड्रिल जैसे कुछ कफ सिरप पर बैन भी लगाया है पर हमारे देश में ये दवाएं धड़ल्ले से बिकती हैं और मरीज बिना डॉक्टर को दिखाए इनका सेवन भी करते हैं।
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इनके सेवन से गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल रोगों की आशंका बढ़ जाती है। वहीं बार-बार इनका सेवन करने से अवसाद, याददाश्त से संबंधित समस्याओं की आशंका अधिक रहती है।

पेनकिलर
छोटे-छोटे दर्द पर पेनकिलर खाना फायदे का सौदा नहीं। इस बारे में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. के.सी. सूद का मानना है कि अक्सर लोग दर्द के लिए ब्रूफेन, एस्पिरिन, कोंबिफ्लेम जैसी दवाएं ले तो लेते हैं लेकिन बार-बार पेनकिलर लेने का नुकसान बड़ा होता है। सबसे बड़ी बात यह कि पेनकिलर दवाएं दर्द का इलाज नहीं हैं बल्कि दर्द से दिमाग को भटकाने में मदद करती हैं।

इनके या इनके अलग-अलग कांबिनेशन के अधिक सेवन से एसिडिटी, उल्टी, डायरिया, पेट दर्द जैसी शिकायतें हो सकती हैं जबकि लंबे समय तक ऐसी दवाएं लेना किडनी और ब्लड प्रेशर से संबंधित समस्याओं का सबब हो सकता है। ये दवाएं हड्डियों को कमजोर तक कर सकती हैं।

नींद की दवाएं

नींद की दवाओं पर अगर आपकी अधिक निर्भरता है तो कम से कम डॉक्टर की सलाह के बिना कोई प्रयोग कतई न करें। एल्फैक्स, जेपलोन या डोर्मिन जैसी दवाओं के सेवन से आपको नींद तो आ जाएगी, लेकिन लंबे समय तक इनका इस्तेमाल आपको अवसाद, अनिद्रा और याददाश्त से संबंधित समस्याओं का शिकार बना सकता है।

नींद आने के लिए दवाओं से अधिक अपने रुटीन, एक्सरसाइज और डाइट पर ध्यान देना फायदेमंद है।

एंटीबायोटिक्स

खुद अपना इलाज करने की होड़ में आप कई बार एंटीबायोटिक दवाओं, पेनकिलर या दूसरी दवाओं से कांबिनेशन बनाकर लेते होंगे, इससे संक्रमण दूर हो या न हो लेकिन डायरिया, एलर्जी, त्वचा के रोग जैसे साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। इनके अधिक इस्तेमाल से शरीर की प्रतिरोधी क्षमता पर भी प्रभाव पड़ता है।

पेट के लिए दवाएं
कांस्टिपेशन जैसी पेट की समस्याओं से राहत के लिए लोग अक्सर लूज़ सिरप या डुल्कोलक्स जैसी दवाएं लेते हैं लेकिन इनका लंबे समय तक इस्केमाल आंतों और किडनी के लिए अच्छा नहीं है। डॉ. के. सी. सूद का मानना है कि इनके बजाय इसबगोल अब भी अधिक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प है।


कंट्रासेप्टिव दवाएं
डॉ. ए.के. अरुण के अनुसार, वैसे तो गर्भ निरोधक दवाओं के सेवन से कोई नुकसान नहीं है लेकिन एस्ट्रोजन जैसी इमरजेंसी कंट्रासेप्टिव पिल के लगातार सेवन से महिलाओं में दूध कम बनता और ये दवाएं मोटापे की वजह बन जाती हैं। यही वजह है कि विदेशों में एस्ट्रोजन अब बैन है।

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