डायबिटीज के इलाज में मददगार साबित होगा नया हार्मोन
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हावर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने चर्बी की कोशिकाओं में मौजूद एक हार्मोन की खोज की है। यह हार्मोन, यकृत से निकले वाले ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।
शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि इस हार्मोन को रोक देने से या इस पर कुछ नियंत्रण करने का असर यकृत द्वारा निकलने वाले ग्लूकोज पर प्रभावी तरीके से पड़ता है।
इस शोध और नई खोज का सबसे ज्यादा फायदा टाइप टू डायबिटीज के उपचार के नए तरीके ईजाद करने में मिलेगा। शोधकर्ताओं के मुताबिक डायबिटीज की स्थिति में बढ़े हुए ग्लूकोज के कारण कोशिकाओं का यकृत के साथ संपर्क टूट जाता है।
इससे यकृत द्वारा छोड़े जाने वाले ग्लूकोज की मात्रा अनियंत्रित हो जाती है और लगातार अनियंत्रित ग्लूकोज की बढ़ती मात्रा ही टाइप टू डायबिटीज का कारण बनती है।
चूहों पर भी किए शोध में भी वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन चूहों में एपीटू हार्मोन के लेवल को नियंत्रित किया गया उनके शरीर में अन्य चूहों के मुकाबले ग्लूकोज का लेवल ज्यादा नियंत्रित स्तर पर रहा।
इस नयी खोज से डायबिटीज के उपचार के नए रास्ते खुल सकेंगे।
प्रमुख शोधकर्ता गोक्हैन एस होतामिस्लिगिल के मुताबकि इस हर्मोन का नाम एपीटू है जो इंसानी चर्बी में मौजूद कोशिकाओं से निकलता है।