फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Healthy Food ›   microwave helmet for stroke patient

स्ट्रोक के मरीजों के लिए बड़ी है यह खुशखबरी

Thu, 19 Jun 2014 12:34 PM IST
Updated Thu, 19 Jun 2014 12:34 PM IST
विज्ञापन
microwave helmet for stroke patient

स्वीडन के वैज्ञानिकों के अनुसार उन्होंने एक ऐसा हेलमेट तैयार किया है जो ये तुरंत पता लगा सकता है कि मरीज़ को 'स्ट्रोक' यानी पक्षाघात हुआ था या नहीं।

विज्ञापन


वैज्ञानिकों ने बताया कि इस हेलमेट की मदद से 'स्ट्रोक' के लक्षणों को पहचानने और इसका इलाज करने में तेजी आ सकती है। इससे मरीज के ठीक होने की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी।
विज्ञापन


ये हेलमेट अपनी सूक्ष्म तरंगों की मदद से ये पता करता है कि मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त वाहिका से ख़ून का रिसाव तो नहीं हो रहा या खून का थक्का तो मौजूद नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये उपकरण बनाने वाले स्वीडन के वैज्ञानिकों ने 45 क्लिक करें मरीजों पर इसका परीक्षण किया, जो सफल रहा। अब वैज्ञानिकों ने तय किया है कि वे एंबुलेंसकर्मियों के दल को इसका परीक्षण करने का मौका देंगे।

कम समय
'स्ट्रोक' की स्थिति में इस बात की सख्त जरूरत होती है कि डॉक्टर बिना एक पल गंवाए फौरन इलाज शुरू करे। इलाज में लगने वाला समय काफी मायने रखता है क्योंकि तुरंत इलाज से मस्तिष्क को होने वाले नुकसान को सीमित किया जा सकता है।

'स्ट्रोक' के बाद अस्पताल पहुंचने और इलाज शुरू होने में चार घंटे से ज्यादा वक्त लगने पर क्लिक करें मस्तिष्क के उत्तक नष्ट होने लगते हैं।

मरीज का बेहतर इलाज करने के लिए डॉक्टर सबसे पहले ये जानने की कोशिश करता है कि कहीं इस 'स्ट्रोक' का कारण रक्त नलिकाओं में ख़ून का रिसाव या नलिका का खून के थक्के से बंद होना तो नहीं।

दौरा और माइक्रोवेव हेलमेट
कंप्यूटराइज्ड टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन से रक्त स्राव या थक्के का पता चल तो जाता है लेकिन मरीज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती होने के बावजूद इसकी व्यवस्था करने में कुछ समय लग जाता है।

ऐसी नाजुक स्थिति में इलाज में आने वाला किसी तरह का भी विलंब मरीज के लिए जानलेवा साबित होता है।

फौरन इलाज
इलाज की प्रक्रिया को तेज करने के लिए स्वीडन के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा मोबाइल डिवाइस, माइक्रोवेव हेलमेट, तैयार किया जो 'स्ट्रोक' के फौरन बाद मरीज के अस्पताल पहुंचने के पहले रास्ते में ही इस्तेमाल किया जा सकता है।

मस्तिष्क के भीतर किस तरह की प्रक्रिया चल रही है, ये जानने के लिए यह हेलमेट माइक्रोवेव संकेतों का इस्तेमाल करता है। ये तरंगें वैसी ही हैं जो माइक्रोवेव अवन या मोबाइल फोन में होती हैं, लेकिन ये उनके मुकाबले कमजोर होती हैं।

शोधकर्ताओं का कहना है कि उपकरण पर अभी और काम करने की जरूरत है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि ये भविष्य में ये काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

उन्होंने 'ट्रांजैक्सन ऑन बायोमेडिकल इंजीनियरिंग' पत्रिका को बताया कि डॉक्टरों को 'स्ट्रोक' के मरीजों का इलाज करने के लिए माइक्रोवेव हेलमेट के साथ ही, दूसरे डायग्नोस्टिक तरीकों का इस्तेमाल करने की भी जरूरत पड़ सकती है।

ब्रिटेन के 'स्ट्रोक' एसोसिएशन के डॉक्टर शमीम कादिर ने कहा, "जब व्यक्ति को लकवा मारता है तो मस्तिष्क को क्लिक करें ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। इससे मस्तिष्क के प्रभावित हिस्से में कोशिकाएं मरने लगती हैं। ऐसे में यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि जितनी जल्दी हो सके स्ट्रोक का पता लगाया जाए और इलाज शुरू हो।"


उन्होंने बताया, "वैसे यह शोध अभी अपने पहले चरण में ही है, लेकिन यह बताता है कि माइक्रोवेव आधारित प्रणाली सस्ती और सुलभ हो सकती है। इससे 'स्ट्रोक' के प्रकार को तुरंत पहचानने और उसका जल्द से जल्द इलाज करने में मदद करती है।"

उनके मुताबिक़, "जितनी जल्दी संभव हो उतनी जल्दी 'स्ट्रोक' का पता लगाने और इलाज करने से 'स्ट्रोक' के जानलेवा प्रभावों में कमी लाई जा सकती है। इससे मरीज जल्दी ठीक हो जाते हैं। क्योंकि इस बीमारी में समय गंवाना, जान गंवाने के बराबर होता है।"

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed