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अक्सर सिर दर्द होता है तो जरूर करवाएं ये जांच
डॉ. संजय तेवतिया/नेत्र रोग विशेषज्ञ
Updated Tue, 07 Jan 2014 11:48 AM IST
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पिछले कई दिनों से सिर दर्द से परेशान हैं तो आंखों की जांच करवाएं। अक्सर सिर दर्द का कारण दृष्टिदोष से जुड़ा भी हो सकता है।
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दृष्टिदोष, आंख की मांसपेशियों की कमजोरी, लेटकर और कम रोशनी में पढ़ना या काम करना, ज्यादा टीवी देखना या कंप्यूटर विजन सिंड्रोम इत्यादि सिरदर्द के सामान्य कारणों में से एक है।
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-आंखों की जांच करवाने पर यदि दृष्टिदोष पाया जाता है तो आपको सही नंबर का चश्मा या कांटेक्ट लेंस पहनना शुरू कर देना चाहिए। ऐसा न करने पर सिर दर्द की समस्या बनी रह सकती है।
-आंख की मांसपेशियों की कमजोरी के कारण भी सिर दर्द हो सकता है। ऐसा आंखों के लगातार काफी समय तक एक ही फोकस पर कार्य करने के कारण होता है। इसमें पास की वस्तु से दूर की वस्तु पर और दूर की वस्तु से पास की वस्तु पर देखने (फोकस बदलने) में दिक्कत महसूस होती है। इस स्थिति में कुछ देर के लिए आंख बन्द करने पर आराम मिलता है।
इसमें किसी वस्तु जैसे पेन, कलम आदि की नोक पर लगातार देखते हुए पेन या कलम को धीरे-धीरे आंख के पास लाते है और फिर हाथ से धीरे-2 पेन या कलम को उसकी नोक को देखते हुऐ दूर ले जाते है। जब तक आंख पर जोर न पड़ने लगे या दो न दिखाई पडने लगे इस प्रक्रिया को दोहराएं। ऐसा पन्द्रह से बीस बार, दिन में दो से तीन बार करने से आंखों को फायदा मिलता है।
इसे कन्वरजैन्स एक्सरसाइज भी कहते हैं। इसके अलावा सायनेप्टोफोर नामक यन्त्र पर भी एक्सरसाइज की जाती है। साथ में विटामिन-ए युक्त भोजन का प्रयोग भी करना चाहिए। ऐसा करने से आंख की मांसपेशियों की कमजोरी से होने वाले सिर दर्द की समस्या से काफी राहत मिल जाती है।
-कम रोशनी में या लेटकर पढ़ने की आदत भी आंखों की सेहत के लिए हानिकारक है। इससे भी बाद में सिर दर्द रहने लगता है। यह लाइफ स्टाइल से संबंधित समस्या है, जिसका निदान सिर्फ आप खुद ही कर सकते हैं।
लगातार कई घंटों तक टी.वी देखना भी सिर दर्द का कारण हो सकता है। टी.वी देखते समय ध्यान रखें कि कमरे में प्रकाश उचित मात्रा में हो, टी.वी ज्यादा पास से नहीं देखना चाहिए और बीच-2 में आंखों को आराम देने के लिए कुछ समय के लिए टी.वी बंद कर देना चाहिए।
ध्यान रखें कि कमरे की खिड़की का प्रतिबिम्ब और लाइट सोर्स का रिफ्लेक्शन टी.वी स्क्रीन पर न पड़ने पाए। इन सब बातों का ध्यान रखकर टी.वी देखने से होने वाले सिर दर्द से बचा जा सकता है।
-कम्प्यूटर विजन सिन्ड्रोम आजकल सिर में भारीपन और दर्द का एक प्रमुख कारण है। हर दिन लगातार घंटों कम्पयूटर पर कार्य करने वाले व्यक्ति में कम्पयूटर विजन सिन्ड्रोम के लक्षण देखने को मिल जाते हैं। कम्पयूटर विजन सिन्ड्रोम के कारण होने वाले सिर दर्द से बचाव के लिए जरूरी है कि जिस कमरें में कम्प्यूटर हो उसमें उचित प्रकाश होना चाहिए। प्रकाश व्यक्ति के पीछे से होना चाहिए, सामने से नहीं।
कम्प्यूटर स्क्रीन के प्रकाश एवं कमरे के प्रकाश की मात्रा लगभग बराबर होनी चाहिए। एन्टीग्लेयर (चौंध रहित) चश्मा पहनें और कंप्यूटर स्क्रीन पर भी एंटीग्लेयर परत होनी चाहिए। कंप्यूटर स्क्रीन व्यक्ति की आंख के स्तर से 15 से 20 डिग्री नीचे की तरफ होनी चाहिए। कंप्यूटर स्क्रीन और आंख के बीच लगभग 25 इंच की दूरी होनी चाहिए। कंप्यूटर पर काम करते वक्त आंख की पलकों को थोड़े-थोड़े समय बाद झपकाते रहना चाहिए।
हर आधा घंटे के बाद 10 से 15 सेकेंड के लिए कंप्यूटर स्क्रीन से नजर हटाकर किसी दूर की वस्तु को देखना चाहिए और हर एक घंटे बाद पांच से दस मिनट के लिए आराम करना चाहिए। हाथ, पैर, गर्दन और कन्धे को इधर-उधर घुमाना चाहिए। इसे स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कहते हैं। कंप्यूटर पर काम करने वाले व्यक्ति को दूध, हरी सब्जी, मौसमी फल और जूस प्रचुर मात्रा में लेने चाहिए।
इन सब बातों का ध्यान रखकर काफी हद तक आंख की समस्या से होने वाले सिर दर्द से बचा जा सकता है।