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दिमाग की बत्ती बुझा देती हैं ये ड्रिंक्स
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 27 Sep 2013 07:35 AM IST
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रोज बादाम खिलाकर अगर आप अपने बच्चे का दिमाग तेज करने की जुगत में जुटे रहते हैं तो उसके मानसिक विकास पर मंडराने वाले खतरे के बारे में आप जरूर जानना चाहेंगे।
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डेलीमेल में प्रकाशित एक शोध की मानें तो किशोरावस्था में बहुत अधिक कोला, कॉफी या एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन, बच्चों के दिमाग के विकास की गति धीमी कर सकता है।
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दिमाग की बत्ती जलाएंगे ये आसान उपाय
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स्विज़ शोध के अनुसार, कोला, कॉपी या एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन किशोरों की नींद को प्रभावित करता है जिससे उनके मानसिक विकास पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
इतना ही नहीं, शोधकर्ताओं का यह भी दावा है कि इनके अधिक सेवन से किशोरों को शिज़नोफ्रीनिया, घबराहट, नशाखोरी और व्यक्तित्व संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
इतनी मात्रा है घातक
शोधकर्ताओं ने चूहों पर शोध करके यह निष्कर्ष निकाला है कि बहुत अधिक मात्रा में कोला, एनर्जी ड्रिंक और कॉफी का सेवन किशोरों को नुकसान पहुंचाता है।
शोध में उन्होंने पाया कि 300 मिलीग्राम से लेकर 400 मिलीग्रान तक कैफीन यानी प्रतिदिन चार कैन कोल्ड ड्रिंक्स या तीन से चार कप कॉफी किशोरों के दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं।
नींद से है संबंध
शोधकर्ता प्रोफेसर रेटो ह्यूबर के अनुसार, ''दिमाग की सेटिंग नींद के दौरान व्यवस्थित होती है। इन ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन हमारी नींद पर विपरीत असर डालता है जिससे न सिर्फ नींद नहीं आती है बल्कि दिमाग रिफ्रेश भी नहीं हो पाता है।'' इस शोध का विस्तृत विवरण पीएलओएस जर्नल में प्रकाशित हुआ है।