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गर्भाशय कैंसर: क्या कॉफ़ी से हो सकता है बचाव
Updated Fri, 13 Sep 2013 12:58 PM IST
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ब्रिटेन में हुए एक शोध के मुताबिक़ महिलाओं में होने वाले गर्भाशय कैंसर की रोकथाम में कसरत,खान-पान औऱ कॉफ़ी की अहम भूमिका हो सकती है।
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उपलब्ध आंकड़ों का अध्ययन बताता है कि ब्रिटेन में क़ैसर के कुल मामलों में से आधे (लगभग 3700) मामले कम किए जा सकते हैं बशर्ते कि वज़न कम रखा जाए और रोज़मर्रा की जिंदगी में सक्रियता।
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इंपीरियल कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं का कहना है कि महिलाएं अगर रोज़ आधा घंटा कसरत करें और अपने वज़न पर ध्यान दें तो गर्भाशय कैंसर का जोखिम कम किया जा सकता है।
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द वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड की रिपोर्ट में यह भी पाया गया है कि कॉफ़ी भी इस ख़तरे को कम कर सकती है। हालांकि विशेषज्ञ कहते हैं कि अभी इस बात के पर्याप्त सुबूत नहीं हैं कि यह कहा जा सके कि कॉफ़ी पीने ये ख़तरा कम हो सकता है।
गर्भाशय कैंसर ब्रिटेन की महिलाओं में होने वाला कैंसर में चौथा सबसे आम कैंसर है।
ब्रिटेन में केवल 39 फ़ीसदी महिलाओं का वज़न नियंत्रित है। इस संबंध में 2007 से किए जा रहे पहले वैश्विक विश्लेषण के लिए लंदन इंपीरियल कॉलेज के शोधकर्ताओं ने गर्भाशय कैंसर औऱ खान-पान,शारीरिक गतिविधियों और वज़न से उसके संबंध से जुड़ी वैज्ञानिक खोजों को इकट्ठा कर उनकी समीक्षा की।
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शोध
इस अध्ययन से ये पता चला है कि अगर महिलाएं रोज़ाना 38 मिनट तक कसरत करें और वज़न नियंत्रित रखें तो कैंसर के 3700 मामलों को रोका जा सकता है।
ब्रिटेन में केवल 56 फ़ीसदी महिलाएं ही रोज़ाना 30 मिनट कसरत करती हैं जबकि 39 प्रतिशत का वज़न सही है।
इस शोध की लेखिका और इंपीरियल कॉलेज की डॉ. टेरेसा नोराट ने बीबीसी को बताया कि ‘‘अगर आप शारीरिक तौर पर सक्रिय हैं और वज़न ज़्यादा नहीं है तो आप गर्भाशय कैंसर का ख़तरा कम कर सकते हैं औऱ अपनी सेहत भी सुधार सकते हैं।’’
द वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फ़ंड की कार्यकारी निदेशक कैरेन सैडलर कहती हैं कि ‘‘कॉफ़ी से संबंधित नतीजे काफ़ी दिलचस्प हैं। ये कॉफ़ी और कैंसर के जोखिम के बीच संबंध की ओर इशारा करता है लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाक़ी है। हमें कैंसर के दूसरे प्रकारों और सेहत पर इसके संभावित असर को देखना होगा। अब हम उसी दिशा में आगे शोध कर रहे हैं।’’