विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 1.90 करोड़ इंफर्टाइल (बांझ) दंपत्ति हैं। महिलाओं में इनफर्टिलिटी की कुछ खास वजह हैं जिससे कंसीव करने में दिक्कत हो सकती है। साथ ही गर्भाशय संबंधी समस्याएं भी संभव हैं। जानें क्या है इसके कारण।
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ये हैं बांझपन की 4 बड़ी वजह, बिलकुल न करें नजरअंदाज
Thu, 18 Apr 2019 01:42 PM IST
पंखुड़ी सिंह
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: पंखुड़ी सिंह
Updated Thu, 18 Apr 2019 01:42 PM IST
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गर्भधारण के लिए महिलाओं को संतुलित आहार की जरूरत होती है। कई महिलाएं फिगर बनाने के लिए डाइटिंग करती हैं, उन्हे आगे चलकर मां बनने में समस्या होती है। इसी तरह महिलाओं के धूम्रपान या अल्कोहल लेने का असर भी इनफर्टिलिटी (बांझपन) को प्रभावित करता है।
गर्भधारण के लिए महिलाओं को संतुलित आहार की जरूरत होती है। कई महिलाएं फिगर बनाने के लिए डाइटिंग करती हैं, उन्हे आगे चलकर मां बनने में समस्या होती है। इसी तरह महिलाओं के धूम्रपान या अल्कोहल लेने का असर भी इनफर्टिलिटी (बांझपन) को प्रभावित करता है।
शिफ्ट में काम
आईलैंड यहूदी मेडिकल सेंटर, न्यूयॉर्क की रिपोर्ट के अनुसार जो महिलाएं नाइट शिफ्ट या हर समय अलग-अलग शिफ्ट में काम करती हैं, उनमें मासिक धर्म अनियमित हो जाता है। इसके कारण महिलाओं को कंसीव करने में दिक्कत आती है। कई बार शिफ्ट की वजह से अबॉर्शन की आशंका भी बढ़ती है।
आईलैंड यहूदी मेडिकल सेंटर, न्यूयॉर्क की रिपोर्ट के अनुसार जो महिलाएं नाइट शिफ्ट या हर समय अलग-अलग शिफ्ट में काम करती हैं, उनमें मासिक धर्म अनियमित हो जाता है। इसके कारण महिलाओं को कंसीव करने में दिक्कत आती है। कई बार शिफ्ट की वजह से अबॉर्शन की आशंका भी बढ़ती है।
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ब्यूटी प्रोडक्ट्स
दिन में कई बार मेकअप करने से ब्यूटी प्रोडक्ट्स में उपयोग किए जाने वाले केमिकल्स थाइरॉयड की समस्या पैदा करते हैं। जिन महिलाओं को थॉयराइड होता है, उनके लिए आसानी से कंसीव करना मुश्किल होता है।
दिन में कई बार मेकअप करने से ब्यूटी प्रोडक्ट्स में उपयोग किए जाने वाले केमिकल्स थाइरॉयड की समस्या पैदा करते हैं। जिन महिलाओं को थॉयराइड होता है, उनके लिए आसानी से कंसीव करना मुश्किल होता है।
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बढ़ती उम्र
इंडियन मेडिकल एंड रिसर्च काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं में उम्र के साथ-साथ प्रेग्नेंट होने की संभावना कम होती जाती है। 35 से नीचे यह दर 47.6% होती है। वहीं 35 से 37 साल की उम्र में 38.9%, 38 से 40 साल की उम्र में 30.1 रहती है।
इंडियन मेडिकल एंड रिसर्च काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं में उम्र के साथ-साथ प्रेग्नेंट होने की संभावना कम होती जाती है। 35 से नीचे यह दर 47.6% होती है। वहीं 35 से 37 साल की उम्र में 38.9%, 38 से 40 साल की उम्र में 30.1 रहती है।