महिलाओं के बीच यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) आम रोग बन चुका है। जिसका सबसे बड़ा कारण अस्वच्छ शैचालयों का इस्तेमाल करना और अंग्रेजी स्टाइल के टॉयलेट हैं। जिससे इस संक्रमण का जोखिम अधिक बढ़ जाता है। 15 से 40 की उम्र की महिलाओं के बीच यह समस्या अधिक देखी जाती है। हालांकि, हर जगह अब इसी प्रकार के टॉयलेट का इस्तेमाल हो रहा है जिसे रोका भी नहीं जा सकता। ऐसे में साफ सफाई का ध्यान तो रखें ही और जान लें कि खान-पान की देखभाल कैसे करनी है और किन चीजों से दूर रहना है।
खाने-पीने की कुछ चीजें यूटीआई की दिक्कतें बढ़ा सकती हैं। ऐसे में यूटीआई मरीजों को कुछ चीजों से परहेज करना चाहिए क्योंकि आपकी डाइट का यूटीआई के लक्षणों पर सीधा असर पड़ता है। यूटीआई में या तो आपकी इम्यूनिटी कम हो जाती है या फिर यूरिन का पीएच बिगड़ जाता है। ऐसे में जब भी टॉयलेट होती है, तो दर्द होता है। अगर जलन बढ़ जाती है तो ब्लीडिंग भी हो सकती है। ऐसे में ज्यादा लिक्विड लें लेकिन लिक्विड का चुनाव पीएच (इससे अम्ल और क्षरकता की पहचान होती है) के आधार पर करना होता है।
यूटीआई से पीड़ित मरीज को दूध, पानी, ओट्स, अंडा और खीरे जैसी चीजें खाने की सलाह दी जाती है। इसमें पानी खूब पीएं। नारियल पानी, फर्मेंटेंड ड्रिंक्स, सब्जियों का सूप पी सकते हैं, जिसमें ज्यादा टमाटर न डाला गया हो। यूटीआई में बिना शुगर वाला क्रैनबेरी जूस बेहद फायदा करता है।
ऐसी स्थिति में मिर्च-मसाला त्याग दें। इससे ब्लैडर में जलन होती है। किसी भी तरह का शुगर चाहे वो डायरेक्ट शुगर हो या स्वीटनर दोनों ही बैक्टीरियल एक्टिविटी को बढ़ाते हैं, इसलिए दोनों का सेवन बंद कर देना चाहिए।
हेल्दी डाइट में फल भी शामिल होते हैं, लेकिन ऐसे फल जिसमें एसिड ज्यादा होता है खाने से ब्लैडर में जलन हो सकती है और यूटीआई की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। इसलिए नींबू, संतरा, अंगूर, टमाटर जैसी चीजों से दूरी बना लें। इनके अलावा संतरा, स्ट्रॉबेरी और अनन्नास से भी दिक्कत बढ़ सकती है।